Momos Health Side Effects: आजकल ‘मोमो’ यानी मोमोज प्रेम बच्चों से लेकर बड़ों तक में सिर चढ़कर बोल रहा है. यही वजह है कि, गली-मोहल्लों से लेकर चौक-चौहारों पर फास्ट फूड का कारोबार खूब फल-फूल रहा है. ये जैसे ही प्लेट में शेजवान चटनी और मेयोनीज के साथ सजकर आते हैं तो हर किसी का दिल खुश हो जाता है. लेकिन, हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो ये खाने में बेशक टेस्टी लगें, लेकिन सेहत के लिए बिलकुल ठीक नहीं हैं. आपको जानकार हैरान होगी कि, मोमोज-चाप आपकी जान भी ले सकते हैं. यही वजह है कि घर के बड़े अक्सर मोमोज खाने पर टोकते हैं. जी हां, पंजाब के तरनतारन से निकलकर के एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है. यहां मोमोज और चाप खाने के बाद दो मासूमों की जान चली गई. अब सवाल है कि मोमोज सेहत के लिए नुकसानदायक क्यों? मोमोज में किन हानिकारक चीजों का होता है इस्तेमाल? आइए जानते हैं इस बारे में-
मोमोज खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के मुताबिक, यह घटना तरनतारन की डीएसपी वाली गली की है. मृत बच्चों की पहचान 7 वर्षीय आरव और 5 वर्षीय दानिका के रूप में हुई है.
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार शाम बच्चों ने बाहर का खाना खाने की जिद की थी. इसके बाद उनके पिता बाजार से मोमोज और चाप खरीदकर लाए. दोनों बच्चों ने खुशी-खुशी खाना खाया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनकी तबीयत अचानक खराब होने लगी.
शरीर पर उभर आए थे लाल निशान
परिवार के मुताबिक, रात होते-होते बच्चों को परेशानी होने लगी और उनका शरीर नीला पड़ गया इससे परिजन घबरा गए. हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि उससे पहले ही दोनों बच्चों की मौत हो गई. इस घटना से परिवार सदमे में है और इलाके में भी मातम का माहौल है.
मोमोज को जहरीला बनाने वाली चीजें?
खतरनाक केमिकल: टीआईओ की रिपोर्ट के मुताबिक, मोमोज में इस्तेमाल किया जाने वाला मैदा वास्तव में रिफाइंड आटे से बना होता है, जिसे बेंजोयल पेरोक्साइड, एज़ोडीकार्बोनामाइड और अन्य ब्लीच के इस्तेमाल से तैयार किया जाता है. ये रसायन बाद में आपके पैनक्रियाज को प्रभावित कर सकता है.
खराब गुणवत्ता का मसाला: मोमोज बनाने में खराब गुणवत्ता वाला मीट इस्तेमाल होता है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि नॉनवेज मोमोज बनाने के लिए पहले से मरे हुए जानवर का मीट इस्तेमाल किया जाता है, जिसे कम मूल्य पर खरीदा जाता है.
अधपकी सब्जियों का यूज: वेज मोमोज में अधपकी और खराब सब्जियों का इस्तेमाल किया जाता है. जो सेहत के लिए नुकसानदायक है. इन सब्जियों को न तो ठीक से धोया जाता है और ना ही ये सही गुणवत्ता वाली होती हैं. इनमें ई-कोलाई बैक्टीरिया भी होता है जो गंभीर संक्रमण पैदा कर सकता है.
मैदे का यूज: मोमोज को मैदा से बनाया जाता है. इसे ज्यादा स्मूथ और उसमें लोच लाने के लिए मैदा को ब्लीज किया जाता है. लेकिन ब्लीच के लिए बैंजोएल पैरॉक्साइड जैसे हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है. यह केमिकल पैंक्रियाज पर सीधा असर करता है जिसके कारण पैंक्रियाज से निकलने वाले इंसुलिन हार्मोन कम बनने लगता है.
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड: मोमोज को भाप पर गर्म कर पकाया जाता है. मैदा होने के कारण यह अल्ट्रा प्रोसेस्ड हो जाता है. अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड में फाइबर या तो होता ही नहीं या बहुत कम होता है. यही कारण है कि मोमोज खाने के बाद कॉन्स्टिपेशन शुरू हो जाता है. कॉन्स्टिपेशन के कारण स्टूल हार्ड होने लगेंगे.
स्पाइसी और अनहाइजेनिक चटनी: मोमोज के साथ दी जाने वाली शेजवान चटनी लाल मिर्च के इस्तेमाल से बनाई जाती है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है. अगर यह मिर्च प्रोसेस्ड हुई तो ये कई स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न कर सकती है. यह हमे रॉयड में ब्लीडिंग को बढ़ाती है. ब्लीडिंग होने से मलद्वार की नसें कमजोर होंगी जिसके कारण पाइल्स का खतरा बढ़ जाएगा.