Bruxism: बहुत से लोग अनजाने में ही सोते समय अपने दांत पीसते या भींचते हैं. यह एक ऐसी आदत है जिसे अक्सर लोग महज एक छोटी-मोटी बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि, यह ‘ब्रक्सिज़्म’ नामक एक समस्या हो सकती है, जो तनाव, चिंता या स्वास्थ्य से जुड़ी किसी अन्य अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकती है. क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, आइए जानते हैं बीमारी का लक्षण क्या है. इसके कारण, नुकसान और कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
ब्रुक्सिज्म क्या है?
ब्रुक्सिज्म एक ऐसी स्थिति है जिसमें दांतों को भींचा जाता है, घिसा जाता है या आपस में रगड़ा जाता है. यह आमतौर पर अनजाने में होता है और जागते या सोते समय हो सकता है. बहुत से लोग कभी-कभी अपने दाँत पीसते हैं, खासकर तनावपूर्ण समय में. हालांकि, यदि आप ऐसा अक्सर करते हैं, तो इससे आपके दाँतों और जबड़ों पर अत्यधिक दबाव पड़ सकता है, जिससे दांतों को नुकसान, सिरदर्द, जबड़े में दर्द और अन्य समस्याएँ हो सकती हैं.
ब्रुक्सिज्म के लक्षण
अगर आप अपने दाँत बहुत ज्यादा पीसते हैं, तो आपको ये लक्षण हो सकते हैं:
- सिरदर्द या चेहरे में दर्द, खासकर सुबह के समय
- कान में दर्द
- जबड़े की मांसपेशियों में दर्द
- टिनिटस (कानों में घंटी जैसी आवाज)
- खाना खाते समय दर्द
- मुंह खोलने और बंद करने में दिक्कत
ब्रुक्सिज्म की जटिलताएं
यदि आपको दांत पीसने की समस्या का इलाज न किया जाए, तो इससे की तरह की समस्याएं हो सकती हैं.
- नींद संबंधी विकार
- दांतों को नुकसान, जैसे दांतों का घिसना, और दांतों का ढीला होना या टूटना
- टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट संबंधी विकार
- चेहरे में दर्द की समस्या
ब्रुक्सिज्म का इलाज क्या है?
यदि आपको हल्का ब्रुक्सिज्म है या आप केवल कभी-कभार ही अपने दांत पीसते हैं, तो हो सकता है कि आपको किसी औपचारिक उपचार की आवश्यकता न हो. हालांकि, अधिक गंभीर मामलों में, स्वास्थ्य सेवा प्रदाता ब्रुक्सिज्म के लिए निम्नलिखित उपचारों की सलाह दे सकते हैं:
- माउथ गार्ड
- जीवनशैली में बदलाव
- सोने से पहले मांसपेशियों को आराम देने वाली दवा
- बोटुलिनम टॉक्सिन इंजेक्शन