Kidney Disease: किडनी हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है. यह शरीर को गंदगी को निकालने का काम करती है. ऐसे में अगर इसमें कोई दिक्कत आ जाए तो गंभीर परेशानी हो सकती है. दरअसल, आजकल की जीवनशैली का सीधा असर आपकी किडनी (गुर्दे) पर पड़ता है. अगर आप अपनी किडनी को स्वस्थ रखने के लिए ज़रूरी कदम नहीं उठाते हैं, तो यह धीरे-धीरे डैमेज होकर सड़ भी सकती है. ये सिर्फ एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक सच्चाई है जिससे बचने के लिए हमें जागरूक होना बेहद है. आरएमएल हॉस्पिटल दिल्ली के यूरोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत गोयल के अनुसार, पर्याप्त पानी न पीना, गलत खान-पान और शराब-धूम्रपान जैसी आदतें सीधे तौर पर आपके गुर्दों को नुक़सान पहुंचाती हैं. ब्लड शुगर (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और कुछ दवाएं गुर्दे की बीमारी के कुछ आम और ख़तरनाक कारण हैं. अब सवाल है कि, किडनी को हेल्दी रखने के लिए क्या करें क्या नहीं? किडनी डैमेज के संकेत क्या हैं? आइए जानते हैं इस बारे में-
किडनी की परेशानी के लक्षण
डॉ. हेमंत गोयल के अनुसार, यदि आपको गुर्दे की बीमारी के कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. इन लक्षणों में थकान, शरीर में सूजन (ख़ासकर पैरों और आंखों के पास), पेशाब में बदलाव (जैसे बार-बार पेशाब आना या पेशाब की मात्रा कम होना), त्वचा में खुजली, भूख में कमी, या मतली/उल्टी शामिल हैं.
किडनी को हेल्दी रखने के लिए क्या करें क्या नहीं
पर्याप्त पानी पिएं: किडनी जैसे जरूरी अंग को हेल्दी रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं. बता दें कि, पानी आपके गुर्दों को शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है. यह एक प्राकृतिक फिल्टर की तरह काम करता है.
हेल्दी डाइट लें: किडनी को डैमेज होने से बचाने के लिए हेल्दी डाइट लेना बेहद जरूरी है. इसके लिए अपनी डाइट में ज़्यादा से ज़्यादा फल, सब्ज़ियां और साबुत अनाज का सेवन करें.
रेगुलर एक्सरसाइज करें: हर इंसान को हेल्दी रहने के लिए एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए. ऐसा करने से वजन कंट्रोल में रहेगा और रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन) बेहतर होगा, जो गुर्दों के लिए अच्छा है.
दवाएं सावधानी से खाएं: बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा, ख़ासकर दर्द निवारक (जैसे NSAIDs) न लें. कुछ दवाएं गुर्दों को सीधा नुक़सान पहुंचा सकती हैं.
नमक-चीनी सीमित खाएं: हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, जरूरत से ज़्यादा नमक और चीनी गुर्दों पर बुरा असर डालते हैं. प्रोसेस्ड फ़ूड (संसाधित भोजन) से बचें.
शराब-धूम्रपान से बचें: नशा सेहत के लिए घातक होता है. इसकी आदतें गुर्दे की बीमारी के ख़तरे को काफ़ी बढ़ा देती हैं. इनसे दूरी बनाना ही बेहतर है.
बीपी-शुगर कंट्रोल रखें: अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज है, तो इसे कंट्रोल में रखना बेहद ज़रूरी है. ये दोनों बीमारियाँ गुर्दों को सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुंचाती हैं.
रेगुलर हेल्थ चेकअप: अपने गुर्दों के स्वास्थ्य की जानकारी के लिए समय-समय पर डॉक्टर से जाँच करवाते रहें. शुरुआती स्टेज में बीमारी का पता चलने से इलाज आसान होता है.