Piles Cure tips: आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे रही है. पाइल्स या बवासीर ऐसी ही बीमारियों में से एक है. बवासीर दो तरह की होती है खूनी बवासीर और दूसरी बादी बवासीर. खूनी बवासीर में मस्से खूनी सुर्ख होते हैं और उनसे ब्लड आता है, जबकि बादी बवासीर में मस्से काले रंग के होते है और मस्सों में दर्द और सूजन की शिकायत होती है. आयुर्वेद में इसे ‘अर्श रोग’ कहा जाता है. यह गुदा या मलाशय की नसों में सूजन से होती है. ज्यादातर लोग शर्म के कारण इसे छुपाते हैं, जिससे समस्या बढ़ जाती है और कभी-कभी सर्जरी तक की नौबत आ जाती है. बवासीर की बीमारी में डाइट का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. अगर खान-पान का ध्यान रखा जाए तो इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है. डाइट में कुछ फूड से परहेज करने पर इस बीमारी के लक्षणों को कम किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि पाइल्स के मरीज किन 5 चीजों से दूर रहें.
बवासीर होने पर क्या परेशानियां होंगी?
बता दें कि, बवासीर या पाइल्स (piles) एक ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज के एनस के अंदर और बाहरी हिस्से में सूजन आ जाती है. इसके अलावा इसमें से कई बार खून निकलने के साथ ही दर्द भी होता है. बवासीर के साथ होने वाला दर्द, रक्तस्राव और तेज खुजली बेहद परेशान करती है. बवासीर की परेशानी की वजह से स्टूल पास करने के बाद भी पेट साफ नहीं रहता.
बवासीर में किन चीजों को खाने से बचें?
मिर्च: बवासीर के मरीज डाइट में हरी और लाल मिर्च से परहेज करें. मिर्च का सेवन करने से बवासीर के जख्म जल्दी ठीक नही होती. खाने में हरी और लाल मिर्च का सेवन बंद करें.
फास्ट फूड: पाइल्स के मरीज फास्ट फूड का सेवन करने से परहेज करें. पाइल्स के मरीज राजमा और दूसरी दालें जैसे मसूर खाने से भी परहेज करें.
घी और तेल: जिन लोगों को पाइल्स की परेशानी है वो खाने में घी और तेल का सेवन कम करें. घी और तेल का सेवन मुश्किल बढ़ा सकता है.
डेयरी फूड्स: पाइल्स के मरीज डेरी उत्पाद जैसे दूध और पनीर से परहेज करें. डेयरी उत्पाद कब्ज और गैस की परेशानी बढ़ा सकते हैं. कब्ज की परेशानी पाइल्स के लक्षणों को बढ़ाती है.
नशीले पदार्थ: नशीले पदार्थ जैसे सुपारी, गुटखा, पान मसाला और सिगरेट पीने से भी बवासीर की समस्या बढ़ सकती है. इन सभी नशीले पदार्थों से दूर रहें बवासीर के लक्षण दूर होंगे.