Vitamin D food sources: विटामिन डी, जिसे अक्सर ‘धूप का विटामिन’ कहा जाता है. इसलिए सूर्य की रोशनी को ही विटामिन डी का बेहतरीन सोर्स बताया गया है. अगर डाइट की बात करें तो अंडे का भी सेवन किया जा सकता है. ये दोनों हड्डियों को स्वस्थ रखने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मनोदशा को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक है. लेकिन, सर्दियों में धूप न निकलने और कुछ लोगों के अंडा न खाने से, उन्हें पर्याप्त विटामिन डी नहीं मिल पाता है. ऐसे में हमें उन खाद्य पदार्थों के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए, जिनमें विटामिन डी की मात्रा भरपूर हो. ऐसी स्थिति में हेल्थ एक्सपर्ट विटामिन डी से युक्त कुछ खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह देते हैं. अब सवाल है आखिर, शरीर के लिए विटामिन डी जरूरी क्यों? विटामिन डी के लिए अंडे नहीं तो क्या खाएं? किन शाकाहारी फूड्स में अधिक विटामिन डी होता है? आइए जानते हैं इस बारे में-
किस उम्र के लिए विटामिन डी की कितनी मात्रा
eatingwell.com की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकांश वयस्कों के लिए विटामिन डी की दैनिक मात्रा 600 आईयूएन है, जो 70 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए बढ़कर 800 आईयूएन हो जाती है. हालांकि अंडे को अक्सर उसके पोषण मूल्य के लिए सराहा जाता है, लेकिन एक बड़े अंडे में केवल लगभग 44 आईयूएन विटामिन डी होता है, जो दैनिक अनुशंसित मात्रा का केवल 7% है. जो लोग अपने विटामिन डी सेवन को बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए इस महत्वपूर्ण पोषक तत्व से भरपूर कई खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं.
शरीर के लिए विटामिन डी जरूरी क्यों?
विटामिन डी हड्डियों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है. इसकी कमी होने से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं. कई समस्याएं हो सकती हैं. साथ ही विटामिन डी इम्यून फंक्शन को भी बेहतर बनाने का काम करता है. यह शरीर को कैल्शियम एब्जॉर्ब करने में भी मदद करता है. इस तरह से ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम कम होता है और हड्डियां भी मजबूत बनती हैं. आपको कुछ फूड्स के बारे में बता रहे हैं, जिनमें विटामिन डी भरपूर होता है.
विटामिन डी से भरपूर फूड्स
अंडा: आप अंडा खाते हैं तो जान लें कि प्रोटीन के साथ विटामिन डी का भी मुख्य सोर्स है अंडा. खासकर, अंडे के पीले वाले हिस्से में विटामिन डी प्रचुर मात्रा में होता है. साथ ही इसमें हेल्दी फैट्स, प्रोटीन भी होते हैं. अपनी डाइट में अंडा शामिल करके शरीर में जरूरत के अनुसार विटामिन डी शामिल कर सकते हैं. उबला अंडा खाएं या फिर अंडे की भुर्जी खाएं. रोटी-पराठे के साथ भी खा सकते हैं.
वनस्पति-आधारित दूध: बादाम, सोया और ओट्स जैसे कई शाकाहारी दूधों में विटामिन डी की मात्रा गाय के दूध के बराबर करने के लिए मिलाई जाती है. शाकाहारी दूधों में विटामिन डी की मात्रा अलग-अलग हो सकती है, लेकिन अधिकांश में कुछ मात्रा में विटामिन डी मिलाया जाता है. कई पौष्टिक शाकाहारी दूधों में कैल्शियम और विटामिन बी12 भी मिलाया जाता है. आप कॉफी, स्मूदी या अनाज में शाकाहारी दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं. आप इसे क्रीमी सूप या सॉस के बेस के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
मशरूम: क्या आपको पता है कि मशरूम में विटामिन डी प्रचुर मात्रा में होता है. मशरूम विटामिन डी का एक मात्र प्लांट-बेस्ट सोर्स है. इसमें कई तरह के मशरूम आते हैं जैसे बटन, शिटेक मशरूम आदि. ये नेचुरली विटामिन डी से भरपूर होते हैं. इसका सेवन आप विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए जरूर करें.
फोर्टिफाइड डेयरी प्रोडक्ट: वैसे तो आप और आपके बच्चे दूध हर दिन पीते होंगे और दूध से बने खाद्य पदार्थ खाते होंगे.फोर्टिफाइड दूध, दही, चीज़ विटामिन डी के साथ मौजूद होते हैं. ये सभी डेयरी प्रोडक्ट्स विटामिन डी के साथ ही कैल्शियम भी प्रदान करते हैं. ये सभी हड्डियों को मजबूत बनाते हैं. ऐसे में सूरज की रोशनी न मिलने पर आप डेली इन फूड्स का सेवन करें सकते हैं.
कॉड लिवर आयल: इस गोली में भी विटामिन डी भारी मात्रा में होता है. साथ ही ये ओमेग-3 फैटी एसिड, कई आवश्यक न्यूट्रिएंट्स से भी भरपूर होता है. अपने डॉक्टर की सलाह पर आप कॉड लिवर का सेवन कर सकते हैं. साथ ही मछली भी विटामिन डी का परफेक्ट सोर्स है.
एक्सपर्ट की सलाह: जब आप विटामिन डी का सप्लीमेंट ले रहे हैं तो अधिक डोज लेने से बचें. हाई लेवल में इन सप्लीमेंट का सेवन करने से उल्टी, मतली, टॉक्सिटिसी, किडनी को नुकसान, खून में कैल्शियम का जमना शुरू हो सकता है. विटामिन डी का सप्लीमेंट एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें वरना किडनी में पथरी हो सकती है. कभी भी खाली पेट न खाएं.
किन्हें विटामिन डी की कमी का रिस्क
जो लोग धूप में कम बैठते हैं. ज्यादा घर, ऑफिस यानी इंडोर रहते हैं. ऐसी जगहों पर रहते हैं जहां सूरज की रोशनी कम पड़ती है. मोटापा, सेलियक डिजीज, क्रोनिक किडनी डिजीज, लिवर की समस्या से ग्रस्त लोगों को भी विटामिन डी ग्रहण करने में दिक्कत आती है. शाकाहारी लोग जो विटामिन डी से भरपूर फूड्स जैसे फोर्टिफाइड डेयरी, मछली का सेवन नहीं करेत हैं, उनमें भी विटामिन डी की कमी हो सकती है.