Live
Search
Home > हेल्थ > 40 के बाद मां बनने का बढ़ा ट्रेंड, यह उम्र प्रेग्नेंसी के लिए कितनी सेफ, डॉक्टर से जानें परेशानियां और सावधानियां

40 के बाद मां बनने का बढ़ा ट्रेंड, यह उम्र प्रेग्नेंसी के लिए कितनी सेफ, डॉक्टर से जानें परेशानियां और सावधानियां

Delevery After 40 Age: आजकल 35-40 साल की उम्र में मां बनने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है. बेशक प्रेग्नेंसी के लिए यह उम्र कुछ कारणों से ठीक हो, लेकिन डॉक्टर इसे परफेक्ट नहीं मानते हैं. दरअसल, उम्र बढ़ने के साथ ओवरी में एग काउंट कम होने लगता है. इससे महिलाओं में प्रेग्नेंट होने के चांस घटने लगते हैं. अगर कोई महिला कंसीव कर भी लेती है तो बच्चे में हाइपरटेंशन, डायबिटीज, क्रोमोसोम असामान्यता या सी-सेक्शन की जरूरत पड़ सकती है.

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: March 1, 2026 17:14:43 IST

Mobile Ads 1x1

Delevery After 40 Age: आजकल 35-40 साल की उम्र में मां बनने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है. बड़ी संख्या में महिलाएं अब अपने काम और करियर को ज्यादा महत्व देने लगी हैं. यही वजह है कि, वे अच्छी तरह से सेटल होने के बाद ही शादी करना और मां बनना चाहती हैं. बेशक प्रेग्नेंसी के लिए यह उम्र कुछ कारणों से ठीक हो, लेकिन डॉक्टर इसे परफेक्ट नहीं मानते हैं. दरअसल, उम्र बढ़ने के साथ ओवरी में एग काउंट कम होने लगता है. इससे महिलाओं में प्रेग्नेंट होने के चांस घटने लगते हैं. अगर कोई महिला कंसीव कर भी लेती है तो बच्चे में हाइपरटेंशन, डायबिटीज, क्रोमोसोम असामान्यता या सी-सेक्शन की जरूरत पड़ सकती है. यही वजह है कि डॉक्टर सही उम्र में कंसीव करने की सलाह देते हैं. 

हालांकि, कुछ स्टडी में बच्चे की बेहतर परवरिश को लेकर बड़ी उम्र में मां बनने के लाभ भी बताए गए हैं. अब सवाल है कि, क्या 40 के बाद की उम्र के बीच गर्भवती होना संभव है? क्या इतने समय तक बच्चे के लिए इंतजार करना ठीक है? क्या इस उम्र में प्राकृतिक रूप से गर्भधारण होना संभव है? डिलीवरी की परफेक्ट उम्र क्या होनी चाहिए? इन सवालों के बारे में India News को बता रही हैं लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज मेरठ में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. अनुपम रानी-

महिला की उम्र और प्रेगनेंसी के बीच संबंध?

डॉ. अनुपम रानी कहती हैं कि ज्यादातर डॉक्टर इस विचार को ही फॉलो करते हैं कि, अगर महिला की उम्र 35 साल के आसपास होती है तो वह उन्हें 1 साल तक इंतजार करने के लिए कहते हैं ताकि वह नेचुरल तरीके से गर्भधारण कर सकें. तो वहीं 35 से 40 के बीच की महिलाओं को 6 महीने तक नेचुरली कंसीव करने के लिए इंतजार करने को कहा जाता है. लेकिन, यदि महिला की उम्र 40 साल से अधिक है तो फिर इंतजार करने के बजाए महिला को फर्टिलिटी एक्सपर्ट से मिलकर प्रेगनेंसी की प्लानिंग के लिए बताया जाता है. 

बढ़ती उम्र में गर्भ धारण करने में क्यों होती है दिक्कत?

डॉक्टर कहती हैं कि, हर लड़की के शरीर में जन्म के समय से ही गर्भाशय के बगल में स्थित अंडाशय में अंडों की एक निश्चित संख्या होती है. उसके पीरियड्स शुरू होने के बाद से हर महीने इन अंड़ों की संख्या कम होने लगती है. 35 की उम्र के बाद न सिर्फ अंडों की संख्या में कमी आने लगती है, बल्कि उनकी क्वॉलिटी भी खराब होने लगती है. यही वजह है कि, फिर महिला के गर्भवती होने में कई दिक्कतें आने लगती हैं.

40 साल की मां से जन्मे बच्चों में ये हो सकती परेशानियां 

अगर बात 40 साल के बाद की महिलाओं करें तो, इस उम्र में मेनोपॉज भी शुरू होने वाला होता है. ऐसे में शरीर में अंडों की संख्या और उनकी क्वॉलिटी पहले से और घट जाती है. इन दोनों ही कारणों की वजह से न सिर्फ गर्भधारण करने में मुश्किल आती है बल्कि होने वाले बच्चे में क्रोमोसोम यानी गुणसूत्र से संबंधित असामान्यताएं और बीमारियां होने का खतरा भी कई गुणा बढ़ जाता है. इतना ही नहीं इस उम्र में मिसकैरेज का खतरा भी काफी बढ़ जाता है.

40-50 की उम्र में प्रेगनेंसी कैसे संभव हो सकती है?

इस उम्र की महिलाएं अपने पेरिमेनोपॉज की स्थिति में होती हैं और उनके पीरियड्स साइकल को प्रिडिक्ट करना मुश्किल होता है इसलिए ऐसी महिलाओं को डॉक्टर फर्टिलिटी से जुड़ी दवाइयां देते हैं ताकि वे सही से ऑव्यूलेट कर सकें. कई बार ये दवाइयां लेने के बाद ही महिला गर्भवती हो जाती है लेकिन अगर इसके बाद भी गर्भधारण न हो तो आईवीएफ की सलाह दी जाती है.

बढ़ती उम्र में क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं?

डॉक्टर के मुताबिक, अधिक उम्र में गर्भवती होने वाली महिलाओं के लिए न सिर्फ कंसीव करना मुश्किल होता है बल्कि अगर महिला गर्भवती हो जाती है तब भी उसे हाई रिस्क ग्रुप में रखा जाता है. इसका कारण ये है कि 40 साल से अधिक उम्र में गर्भवती होने वाली महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान प्री-एक्लेम्प्सिया, जेस्टेशनल डायबिटीज, इक्टोपिक प्रेगनेंसी, मिसकैरेज या गर्भपात का खतरा, स्टिलबर्थ, सी-सेक्शन डिलिवरी और प्री-मैच्योर डिलीवरी का खतरा बढ़ सकता है.

MORE NEWS

Home > हेल्थ > 40 के बाद मां बनने का बढ़ा ट्रेंड, यह उम्र प्रेग्नेंसी के लिए कितनी सेफ, डॉक्टर से जानें परेशानियां और सावधानियां

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: March 1, 2026 17:14:43 IST

Mobile Ads 1x1

MORE NEWS