आपने हल्दी के फायदे तो खूब सुने होंगे. चेहरे पर ग्लो, सूजन से राहत, आयुर्वेदिक गुण-सब कुछ. आप भी हल्दी को अपनी सुबह की आदत बनाना चाहते हैं. लेकिन सवाल यह है कि कैसे? सादा हल्दी पानी पिएं, गरम-गरम गोल्डन मिल्क लें या फिर सीधा हल्दी की गोली खा लें?
यह आयुर्वेदिक मॉर्निंग रिचुअल की असली टक्कर है. तीनों के अपने-अपने फायदे हैं, लेकिन तीनों एक जैसे नहीं हैं. आइए इसे आसान तरीके से समझते हैं ताकि आप सही फैसला कर सकें.
तीनों विकल्प कौन-कौन से हैं?
हल्दी पानी (सबसे सिंपल विकल्प)
गरम पानी में थोड़ी सी हल्दी, चाहें तो नींबू की कुछ बूंदें. हल्का, आसान और शरीर को हाइड्रेट रखने वाला.
क्यों पसंद करते हैं लोग
इसे बनाना बहुत आसान है, पेट पर हल्का पड़ता है और इसमें कैलोरी भी नहीं होती.
कैसे बनाएं:
250–300 ml पानी गर्म करें. उसमें 1/4 से 1/2 चम्मच हल्दी डालें, अच्छे से मिलाएं. थोड़ा ठंडा होने पर पी लें. चाहें तो नींबू या थोड़ा सा शहद भी मिला सकते हैं.
क्या फायदा करता है:
यह हल्दी का हल्का रूप है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और पाचन को आराम मिलता है. चूंकि इसमें फैट नहीं होता, इसलिए हल्दी का असर थोड़ा कम अवशोषित होता है, फिर भी रोज़ाना के लिए ठीक है.
कब बेहतर है:
जब आपको सुबह-सुबह हल्का और हाइड्रेटिंग ड्रिंक चाहिए. गर्मियों में भी अच्छा विकल्प है.
2. गोल्डन मिल्क / हल्दी दूध
यह वही मशहूर हल्दी वाला दूध है. दूध में हल्दी, थोड़ा फैट (घी या नारियल तेल), काली मिर्च और कभी-कभी अदरक-दालचीनी.
क्यों खास है:
दूध में मौजूद फैट हल्दी के असर को शरीर में अच्छे से吸收 (एब्जॉर्ब) करने में मदद करता है. यह शरीर को अंदर से सुकून देता है.
कैसे बनाएं:
250 ml दूध (या प्लांट मिल्क) गर्म करें. इसमें 1/2 चम्मच हल्दी, चुटकी भर काली मिर्च, थोड़ा सा दालचीनी या शहद मिलाएं. हल्का उबाल लें और गरम-गरम पिएं.
क्या फायदा करता है:
सूजन कम करने में मदद करता है, जोड़ों के दर्द में राहत देता है और इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक है. दूध और काली मिर्च की वजह से हल्दी का असर ज्यादा मिलता है.
कब बेहतर है:
ठंड के मौसम में, रात को सोने से पहले या जब आपको कुछ आराम देने वाला ड्रिंक चाहिए.
3. हल्दी टैबलेट / सप्लीमेंट (आधुनिक और आसान तरीका)
ये कैप्सूल या टैबलेट होते हैं, जिनमें हल्दी का मुख्य तत्व करक्यूमिन ज्यादा मात्रा में होता है.
क्यों लोग चुनते हैं:
कोई स्वाद नहीं, सही मात्रा और कहीं भी आसानी से ले सकते हैं. यात्रा करने वालों के लिए बढ़िया.
ध्यान देने वाली बात:
हर सप्लीमेंट अच्छा नहीं होता. ऐसा ब्रांड चुनें जिसमें काली मिर्च (पाइपरीन) मिला हो ताकि हल्दी अच्छे से काम करे.
कब बेहतर है:
जब आपको रोज़ एक तय मात्रा में हल्दी चाहिए और समय की कमी हो.
कुछ जरूरी टिप्स (सबके लिए)
- हल्दी के साथ काली मिर्च जरूर लें, इससे असर कई गुना बढ़ जाता है
- हल्दी को फैट के साथ लें, खासकर दूध या खाने के साथ
- पहली बार ले रहे हैं तो मात्रा कम रखें
- हल्दी पानी सुबह खाली पेट अच्छा है, गोल्डन मिल्क रात में
- अगर आप दवा लेते हैं, गर्भवती हैं या कोई बीमारी है तो डॉक्टर से पूछ लें
आखिर कौन सा है सबसे अच्छा?
सच यह है कि सबसे अच्छा विकल्प वही है जो आपकी दिनचर्या और जरूरत के हिसाब से फिट बैठे.
हल्दी पानी चुनें अगर:
- आपको हल्की और आसान शुरुआत चाहिए
- आप हल्दी को ट्राय कर रहे हैं
- पाचन और डिटॉक्स पर फोकस है
गोल्डन मिल्क चुनें अगर:
- आप आयुर्वेदिक तरीका पसंद करते हैं
- हल्दी का पूरा फायदा चाहते हैं
- जोड़ों, इम्युनिटी और नींद के लिए कुछ सुकून देने वाला चाहिए
हल्दी टैबलेट चुनें अगर:
- आपको सुविधा और तय मात्रा चाहिए
- हल्दी का स्वाद पसंद नहीं
- आप अक्सर ट्रैवल करते हैं
- एक्सपर्ट राय और स्मार्ट तरीका
अगर सेहत की बात करें तो गोल्डन मिल्क सबसे पुराना और भरोसेमंद तरीका है.लेकिन एक स्मार्ट तरीका यह भी है कि सुबह नाश्ते के साथ हल्दी टैबलेट लें और दिन में कभी हल्दी पानी या रात को गोल्डन मिल्क पिएं.