Vitamin B12 Deficiency: सेहतमंद रहने के लिए हमारी बॉडी को अन्य विटामिन्स की तरह विटामिन बी12 की भी काफी जरूरी होती है. यह हमारे शरीर में रेड ब्लड सेल्स को बनाने और नर्वस सिस्टम को मेंटेन करने का ये काम करता है. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, विटामिन बी12 सबसे ज्यादा नॉनवेज फूड जैसे मीट, मछली, अंडा, सीफूड में मिलता है. यही कारण है कि बी12 को लेकर लोगों में अलग-अलग धारणा बनी हुई है. ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि, विटामिन बी12 की कमी केवल शाकाहारी लोगों में ही होती है. या यूं कहें कि, विटामिन बी12 की सप्लीमेंट लेते ही शरीर में ताकत आ जाती है. लेकिन, डॉक्टर इस तरह की गलतफहमी को नकारते हैं. वे कहते हैं कि, विटामिन बी12 के बारे में सही जानकारी न होना सबसे बड़ी परेशानी बनती है. ऐसा होने से तंत्रिका तंत्र से कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है. लेकिन, इन मिथक और उनकी असलियत क्या है? एक हेल्थ वेबसाइट को यह जानकारी दे रहे हैं सीके बिरला अस्पताल के डॉ. तुषार तायल-
विटामिन बी12 से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई
मिथक: क्या केवल शाकाहारी या वीगन लोगों में ही B12 की कमी होती है?
सच्चाई- ये सच है कि, विटामिन B12 मुख्य रूप से मांस, डेयरी प्रोडक्ट, मछली और अंडों में पाया जाता है. लेकिन, केवल इन्हें खाना ही पर्याप्त नहीं है. बता दें कि, विटामिन B12 का अवशोषण (Absorption) पेट के एसिड स्तर पर निर्भर करता है, जो उम्र के साथ कम हो जाता है. इसलिए, चिकन, मटन और मछली खाने वाले बुजुर्गों में भी इसकी कमी देखी जा सकती है.
मिथक: B12 की कमी के लक्षण हमेशा गंभीर होते हैं?
सच्चाई- विटामिन बी12 की कमी के लक्षण शुरुआत में बहुत कॉमन होते हैं, जैसे थकान, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी या हल्की याददाश्त कमजोर होना. लोग अक्सर इसे तनाव या बढ़ती उम्र का संकेत मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. यदि इलाज न किया जाए, तो यह नसों को स्थायी नुकसान, एनीमिया और संतुलन खोने जैसी गंभीर समस्याओं का रूप ले सकता है.
मिथक: फोर्टिफाइड फूड्स (Fortified Foods) कमी रोकने के लिए काफी हैं?
सच्चाई- कई अनाज या दूध के विकल्पों में विटामिन B12 अलग से मिलाया जाता है, लेकिन वे हर किसी के लिए पर्याप्त नहीं होते है. खासकर उन लोगों के लिए जिनका शरीर भोजन से पोषक तत्वों को सोखने में अक्षम है. केवल इन पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है.
मिथक: सभी विटामिन B12 सप्लीमेंट एक ही तरह से काम करते हैं?
सच्चाई- सप्लीमेंट की प्रभावशीलता उसकी खुराक और लेने के तरीके (Type and Route) पर निर्भर करती है. सामान्य कमी के लिए गोलियां ठीक हैं, लेकिन अगर अवशोषण की समस्या है, तो डॉक्टर इंजेक्शन या जीभ के नीचे रखने वाली (Sublingual) गोलियों की सलाह देते हैं. बिना डॉक्टरी परामर्श के सप्लीमेंट न लें.
मिथक: सामान्य ब्लड टेस्ट रिपोर्ट का मतलब है कि कोई कमी नहीं है?
सच्चाई- कभी-कभी ब्लड टेस्ट में B12 का स्तर सामान्य दिखता है, फिर भी व्यक्ति में इसके लक्षण मौजूद हो सकते हैं. सटीक स्थिति जानने के लिए ‘मिथाइलमलोनिक एसिड’ (MMA) और ‘होमोसिस्टीन’ जैसे एडवांस टेस्ट की जरूरत हो सकती है, जो कोशिकीय स्तर पर B12 की उपलब्धता बताते हैं.
विटामिन बी12 की पूर्ति के लिए शाकाहारी फूड
- जो लोग चिकन और मांस नहीं खाते हैं, उनके लिए छोले (चने) एक अच्छा विकल्प है. पोषक तत्वों से भरपूर होने के अलावा, छोले में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और फाइबर भी होता है.
- दूध के फटने के बाद जो पानी मिलता है, वह अन्य आवश्यक विटामिन और प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन बी12 का एक बड़ा सोर्स है. अगली बार फेंकने से पहले जरूर सोचें.
- दही में बहुत सारे प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दही विटामिन बी12 का भी अच्छा सोर्स है.
- डेयरी उत्पाद भी विटामिन बी12 के बेहतरीन सोर्स हैं. यदि आप वीगन या वेजिटेरियन हैं, तो सोया मिल्क और टोफू प्रोटीन विटामिन की जरूरत को पूरा करने के लिए पनीर और दूध के बेहतरीन विकल्प हैं.
- हरी पत्तेदार सब्जियां हमेशा फायदेमंद होती हैं. हरी पत्तेदार सब्जियों की लिस्ट में सबसे ऊपर है पालक, इसलिए इसे सुपरफूड के नाम से जाना जाता है. ये न्यूट्रिएंट्स से भरपूर और वर्सेटाइल फूड है, जिसे चटनी से लेकर ग्रेवी और सूप तक कई तरह से तैयार किया जा सकता है.
- विटामिन बी 12 का एक पावरहाउस और अन्य पोषक तत्वों का एक बड़ा सोर्स चुकंदर आपके डेली डाइट में अवश्य होना चाहिए. विटामिन बी12 के साथ-साथ ये आयरन से भी भरपूर होता है, जो हमारी बॉडी के ब्लड फ्लो के लिए आवश्यक होता है.