Dudh ke sath kya na khaye: ये सच है कि दूध और फ्रूट्स सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं. दोनों की चीजों को पौष्टिक आहार कहा जाता है. इसलिए लोग इन दोनों ही चीजों का खूब सेवन करते हैं. लेकिन, इन दोनों चीजों का कॉम्बिनेशन न केवल खाने का जायका बिगाड़ सकता है, बल्कि सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकता है. दरअसल, आयुर्वेद में दूध संग खट्टे फलों का सेवन सेहत का शत्रु माना जाता है. आयुर्वेद कहता है कि खट्टे फलों को दूध के साथ खाने से पाचन क्रिया बिगड़ सकती है. अब सवाल है कि आखिर दूध के साथ खट्टे फल क्यों नहीं खाने चाहिए? दूध के साथ खट्टे फल खाने के नुकसान क्या हैं? इस बारे में India News को बता रही हैं आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय लखनऊ की डॉ. शचि श्रीवास्तव-
दूध के साथ खट्टे फल क्यों नहीं खाने चाहिए?
डॉक्टर के मुताबिक, दूध की प्रकृति शीतल यानी ठंडी होती है, जबकि खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू, मौसमी, अनानास या अमरूद अम्लीय होते हैं. ऐसे में इन दोनों को मिलाकर खाने से शरीर में असंतुलन होता है, जो कई पेरशानियों का कारण बन सकता है. बता दें कि, जब दूध और खट्टे फल पेट में एक साथ पहुंचते हैं, तो दूध का प्रोटीन (केसीन) अम्ल से प्रतिक्रिया करता है. इससे दूध फट जाता है या जम जाता है, जिसे आयुर्वेद में ‘विरुद्ध आहार’ कहा जाता है.
खट्टे फल और दूध के बारे में क्या कहता आयुर्वेद?
एक्सपर्ट के मुताबिक, दूध एक भारी और अम्लीयता में कम पदार्थ है, जबकि खट्टे फल अम्लीय और तीव्र होते हैं. जब ये दोनों एक साथ पेट में जाते हैं, तो आयुर्वेद के अनुसार यह अम्लता बढ़ाने का काम करता है. इसका सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है. पेट में भारीपन, अपच, गैस और कभी-कभी एसिडिटी की समस्या उत्पन्न हो सकती है. आयुर्वेद में इसे शरीर में ‘कफ’ और ‘अम्ल के असंतुलन के रूप में देखा जाता है. दूध और खट्टे फल अगर साथ लेते हैं तो दूध आसानी से पच नहीं पाता और इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को पर्याप्त रूप से फायदा नहीं पहुंचा पाते.
दूध के साथ खट्टे फल खाने के नुकसान?
– दूध शरीर में एनर्जी और बल बढ़ाने का काम करता है. खट्टे फल, जो अम्लीय और हल्के होते हैं, दूध के ऊर्जा गुणों को संतुलित रूप से प्रभावित कर सकते हैं. विशेष रूप से कफ दोष वाले लोगों में यह संयोजन ठंडक और भारीपन बढ़ा सकता है.
– आयुर्वेद के अनुसार, अम्लीय और भारी भोजन का संयोजन स्किन पर भी असर डाल सकता है. इससे मुंहासे, त्वचा पर दाने या अन्य एलर्जिक रिएक्शन हो सकते हैं. इसके अलावा, जिन लोगों को गैस, एसिडिटी या पेट में जलन की समस्या रहती है, उनके लिए दूध और खट्टे फल का सेवन करना और भी नुकसानदायक हो सकता है.
खट्टे फल और दूध पीने में कितना अंतर रखें?
अगर आप दूध और फलों का सेवन करना चाहते हैं, तो आयुर्वेदिक दृष्टि से बेहतर है कि इनका अंतराल रखें. एक्सपर्ट बताते हैं कि, खट्टे फलों और दूध के बीच कम से कम 2-3 घंटे (या 1-3 घंटे) का अंतर रखना चाहिए. उदाहरण के लिए, दूध का सेवन सुबह या रात में किया जा सकता है, जबकि खट्टे फल दिन में अलग समय पर खाएं.