Adult Tummy Time benefits: बाल रोग विशेषज्ञ शिशुओं की गर्दन, कंधे और बांह की मांसपेशियों की मजबूती के लिए देखरेख में ‘पेट के बल लिटाने’ की सलाह देते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर कई वयस्क (18 वर्ष से अधिक) भी पेट के बल लेटकर समय बिता रहे हैं और उनका सुझाव है कि यह गतिविधि वयस्कों के लिए भी फायदेमंद हो सकती है. एब्रीडे हेल्थ डॉट कॉम में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक वायरल पोस्ट में यूजर @chsnwhn का दावा है कि वयस्कों के लिए पेट के बल लेटने से ‘टेक नेक’ की समस्या दूर हो जाती है. जानकारी के लिए बता दें कि, यह समस्या फोन या लैपटॉप का यूज करते समय गलत पोजीशन के कारण होने वाला गर्दन, कंधे का दर्द या अकड़न है. वहीं, फिटनेस कोच @jennlashley का सुझाव है कि पेट के बल लेटने से समग्र रूप से शरीर की मुद्रा में सुधार होता है. अब सवाल है कि आखिर एडल्ट टमी टाइम क्या है? इसके फायदे क्या हैं? आइए जानते हैं इसके बारे में-
एब्रीडे हेल्थ डॉट कॉम की रिपोर्ट में लॉस एंजिल्स के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. जेसन स्निबे कहते हैं, ‘एडल्ट के लिए टमी टाइम (पेट के बल लेटना) शरीर के पिछले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है. ये मांसपेशियां शरीर की मुद्रा, रीढ़ की हड्डी की स्थिरता और निचले अंगों को स्थिर रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं’.
एडल्ट टमी टाइम क्या है?
टमी टाइम में पेट के बल लेटना, कोहनियों के सहारे पीठ को थोड़ा झुकाना होता है. फिजियाट्रिस्ट डॉ. लीया रिस्पोली के अनुसार, आप अपने पेट को जमीन पर रखते हुए अपनी बाहों, पैरों, ऊपरी शरीर और धड़ को भी फर्श से ऊपर उठा सकते हैं. इस अभ्यास को नियमित करने से आपकी पीठ और गर्दन के पिछले हिस्से की मांसपेशियां सक्रिय और मजबूत होती हैं. साथ ही, इन क्षेत्रों में दर्द या अकड़न से राहत मिल सकती है.
यह मुद्रा आपकी रीढ़ की हड्डी की गति की सीमा को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकती है. पेट के बल लेटने से रीढ़ की हड्डी सीधी और लचीली होती है. आमतौर यह परेशानी लोगों को दिन भर फोन या अन्य उपकरणों का उपयोग करने से होती है.
क्या पेट के बल लेटना वाकई टेक नेक में मददगार?
कुछ अनुमानों के अनुसार, औसतन एक व्यक्ति प्रतिदिन 4 घंटे से अधिक समय अपने फोन पर बिताता है. इसमें कंप्यूटर का उपयोग करने में लगने वाला अतिरिक्त समय शामिल नहीं है. इस समय का अधिकांश भाग संभवतः झुके हुए बिताया जाता है, जिसमें आपके सिर का वजन (जो औसतन 10 से 12 पाउंड होता है) आपकी गर्दन और ऊपरी पीठ की मांसपेशियों पर दबाव डालता है, जिससे टेक नेक की समस्या हो जाती है.
डॉक्टर कहते हैं, आपकी गर्दन भी अक्सर झुकी रहती है और आप अपने शरीर के पिछले हिस्से की मांसपेशियों का उपयोग नहीं कर रहे होते हैं. पेट के बल लेटने से कंधे और गर्दन की मुद्रा में सुधार होता है और स्थिरता के लिए आवश्यक इन महत्वपूर्ण मांसपेशियों में मजबूती आती है, जिससे यह समस्या दूर हो जाती है.
पेट के बल लेटना एक ऐसी मुद्रा है, जिसे फिजियोथेरेपिस्ट अक्सर रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, पीठ और गर्दन में ताकत बढ़ाने, दर्द से राहत दिलाने में मदद करती है. इसलिए, यह व्यायाम तकनीकी गर्दन की समस्या में मददगार साबित हो सकता है.
डॉक्टर बताते हैं कि कोहनियों के बल सहारा लेने से रीढ़ की हड्डी की गतिशीलता में भी सुधार होता है और पेट की मांसपेशियों और कूल्हे के फ्लेक्सर को धीरे-धीरे खिंचाव मिलता है, ये दो मांसपेशी समूह हैं जो लंबे समय तक बैठने की मुद्रा के कारण सख्त हो जाते हैं.
एडल्ट टमी टाइम कैसे करें
- सबसे पहले चटाई या फर्श पर पेट के बल लेट जाएं.
- अपनी कोहनियों के बल खुद को सहारा दें.
- अपने पैरों और हाथों को जमीन से ऊपर उठाएं.
- अपनी गर्दन को अपनी रीढ़ की हड्डी के साथ एक सीध में रखें.
- अपनी पीठ की सुरक्षा के लिए पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करें.
- अपनी निगाहें सीधे आगे रखें.
- अपनी पीठ को बहुत ज्यादा झुकाने से बचें.
- यह अभ्यास कम समय के लिए करें, जैसे कि 10 से 15 सेकंड तक इस स्थिति में रहना और फिर आराम करना.
- अगर दर्द हो तो रुक जाएं. अगर अच्छा लगे तो आप इस स्थिति को अधिक समय तक बनाए रख सकते हैं.