Erectile Disfunction In mens: आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल परेशानियां ही बढ़ाई हैं. इसी का नतीजा है कि, महिला-पुरुषों में कई गंभीर बीमारियां बढ़ी हैं. अगर पुरुषों की सेहत की बात करें तो आजकल इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) की परेशानी अधिक देखी जा रही है. जी हां, इरेक्टाइल डिसफंक्शन (बांझपन) की समस्या आमतौर पर उम्रदराज लोगों में देखी जाती है. लेकिन, आजकल युवाओं में भी यह समस्या देखी जा रही है. यहां एक बात क्लियर कर दूं कि, इरेक्टाइल डिसफंक्शन कई बार किसी दवा के दुष्प्रभाव, मधुमेह, हार्ट की बीमारी या प्रोस्टेट से संबंधित उपचार या सर्जरी (Surgery) से भी हो सकता है. इसके शिकार होने पर पिता बनने का सपना टूट सकता है. इसलिए इससे जितनी जल्दी बचाव कर लिया जाए उतना ही अच्छा है. अगर आप भी इस परेशानी से बचना और बेहतर सेक्सुअल लाइफ चाहते हैं तो ईडी से बचें. अब सवाल है कि आखिर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्या है? ईडी से बचने के लिए क्या करें? आइए जानते हैं इस बारे में-
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्या है?
क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, जिसे नपुंसकता भी कहा जाता है. यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पुरुष को पर्याप्त इरेक्शन प्राप्त करने या बनाए रखने में कठिनाई होती है, जिससे यौन क्रिया में परेशानी होती है. इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) का मतलब है कि आपको सेक्स के लिए पर्याप्त कठोर इरेक्शन प्राप्त करने या बनाए रखने में कठिनाई होती है.
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कैसे करें बचाव
रेगुलर वॉकिंग: हार्वर्ड के एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग दिन में केवल 30 मिनट की वॉक करते हैं. उनमें ईडी के जोखिम 41% कम रहता है.अन्य शोध बताते हैं कि हल्का व्यायाम ईडी की दिक्क्त को पुरुषों में कम कर सकती है.
हेल्दी डाइट: रिसर्च के मुताबिक, फल, सब्जियां, साबुत अनाज और मछली जैसे प्राकृतिक चीजों को खाने में शामिल करें. रिफाइंड अनाज, प्रोसेस्ड मीट न खाएं इससे ईडी की आशंका बढ़ती है.
गंभीर बीमारियों से दूरी: हाई ब्लड प्रेशर , ब्लड सुगर , कोलेस्ट्रॉल, और उच्च ट्राइग्लिसराइड्स ये सभी दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. बढ़ती कमर भी सेहत के लिए सही नहीं है. शरीर का आकार सेक्सुअल लाइफ के लिए मायने रखता है. ज़रूरी है की अपने हार्ट और अन्य अंगों की जांच करा लें.
वजन कंट्रोल रखें: 42 इंच की कमर वाले व्यक्ति में 32 इंच की कमर वाले व्यक्ति की तुलना में ईडी होने की संभावना 50% अधिक होती है. मोटापा और डाइबिटीज ईडी के दो प्रमुख कारण हैं. अतिरिक्त वसा कई हार्मोन में हस्तक्षेप करता है इसलिए फैट से दूर रहें.वजन कम करने से इरेक्टाइल डिसफंक्शन से लड़ने में मदद मिल सकती है, इसलिए स्वस्थ वजन रखें और मोटापे से बचें .
पेल्विक फ्लोर मजबूत बनाएं: हम आपके बाइसेप्स की बात नहीं कर रहे हैं. मजबूत पेल्विक फ्लोर इरेक्शन के दौरान कठोरता को बढ़ाता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन सही होता है. इसके साथ ही ईडी से दूर रहना है तो धूम्रपान , वजन कम करना, शराब से दूर रहें.