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Explainer: निपाह वायरस क्या है? जिसकी दस्तक से बंगाल में सनसनी, एक्सपर्ट से जानिए इसके लक्षण और बचाव के उपाय

Bengal Nipah Virus Symptoms: पश्चिम बंगाल में जानलेवा निपाह वायरस की आहट से देशभर में सनसनी फैली है. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, निपाह वायरस बेहद गंभीर है. इसकी अनदेखी जान के लिए घातक बन सकती है. इसके लिए जरूरी है कि शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें. अब सवाल है कि आखिर, निपाह वायरस क्या है? इसके लक्षण क्या हैं?

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: January 22, 2026 19:08:19 IST

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Bengal Nipah Virus Symptoms: पश्चिम बंगाल में जानलेवा निपाह वायरस (Nipah Virus) की आहट से देशभर में सनसनी फैली है. बता दें कि, एम्स कल्याणी (AIIMS Kalyani) स्थित आईसीएमआर की ‘वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी’ (VRDL) में दो संदिग्ध मामले सामने आए थे. इस वायरस की उच्च मृत्यु दर और इसके तेजी से फैलने की क्षमता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे ‘अत्यधिक प्राथमिकता’ (Utmost Priority) पर रखा है और राज्य सरकार को सतर्क रहने की चेतावनी दी है. जैसे ही इन संदिग्ध मामलों की जानकारी मिली, भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव (प्रधान सचिव) के साथ उच्च स्तरीय चर्चा की. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, निपाह वायरस बेहद गंभीर है. इसकी अनदेखी जान के लिए घातक बन सकती है. इसके लिए जरूरी है कि शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें. जितना जल्दी संभव हो डॉक्टर की सलाह से इलाज कराएं. ऐसा करने से जान बचाई जा सकती है. अब सवाल है कि आखिर, निपाह वायरस क्या है? निपाह वायरस कितना खतरनाक होता है? निपाह वायरस के लक्षण क्या हैं? इससे कैसे करें बचाव? आइए जानते हैं इस बारे में-

निपाह वायरस क्या है? (What is Nipah Virus)

वायरोलॉजिस्ट और बीआर अंबेडकर सेंटर फॉर बायोमेडिकल रिसर्च के डायरेक्टर प्रो. सुनीत सिंह कहते हैं कि, निपाह वायरस (Nipah Virus) एक संक्रामक रोग है, जो पहली बार साल 1998-1999 मलेशिया और सिंगापुर में पालतू सूअरों में देखा गया. उस समय इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए तकरीब 10 लाख सूअरों को मार दिया गया था. इसके बाद भी बीमारी रुक नहीं पाई थी. सूअरों के जरिए यह बीमारी इंसानों में फैली. फिर साल 2001 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर लोग निपाह वायरस की चपेट में आए. इन लोगों ने खजूर के पेड़ से निकलने वाला ताड़ी पी थी. वैज्ञानिकों के मुताबिक खजूर के पेड़ तक वायरस चमगादड़ों के जरिए पहुंचा था, जिसे ‘फ्रूट बैट’ भी कहा जाता है.

कितना खतरनाक है निपाह वायरस?

एक्सपर्ट कहते हैं कि, निपाह एक जूनोटिक बीमारी है. चमगादड़ या फ्रूट बैट निपाह वायरस के सबसे बड़े वाहक हैं. ये किसी फल को चखते हैं, उसमें दांत लगा देते हैं तो उसके जरिये निपाह इंसानों तक पहुंचता है. फ्रूट बैट के सलाइवा और यूरिन से भी वायरस फैलता है. चौंकाने वाली बात यह है कि, निपाह जानवरों से इंसानों में तो फैलता ही है. फिर, इंसानों से इंसानों में भी फैलता है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति निपाह संक्रमित मरीज के क्लोज कांटेक्ट में है तो उसे संक्रमण होने की आशंका बढ़ जाती है.

निपाह वायरस के प्रमुख लक्षण

  • अचानक तेज बुखार और सिरदर्द
  • सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई
  • मानसिक भ्रम या चक्कर आना
  • गंभीर मामलों में मस्तिष्क में सूजन (एन्सेफलाइटिस) और कोमा

निपाह से कैसे करें बचाव

  • फल-सब्जियों को अच्छे से धोकर खाएं
  • ताड़ी या कच्चा खजूर खाने से बचें. खाएं भी तो अच्छे से साफकर
  • पालतू सूअरों के संपर्क में आने से बचें. फॉर्म पर जाएं तो मास्क लगाकर रखें
  • हाथ को लगातार अच्छे तरीके से साबुन से साफ करें
  • निपाह संक्रमित मरीज के क्लोज कांटेक्ट से बचें

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Explainer: निपाह वायरस क्या है? जिसकी दस्तक से बंगाल में सनसनी, एक्सपर्ट से जानिए इसके लक्षण और बचाव के उपाय

Bengal Nipah Virus Symptoms: पश्चिम बंगाल में जानलेवा निपाह वायरस की आहट से देशभर में सनसनी फैली है. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, निपाह वायरस बेहद गंभीर है. इसकी अनदेखी जान के लिए घातक बन सकती है. इसके लिए जरूरी है कि शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें. अब सवाल है कि आखिर, निपाह वायरस क्या है? इसके लक्षण क्या हैं?

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: January 22, 2026 19:08:19 IST

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Bengal Nipah Virus Symptoms: पश्चिम बंगाल में जानलेवा निपाह वायरस (Nipah Virus) की आहट से देशभर में सनसनी फैली है. बता दें कि, एम्स कल्याणी (AIIMS Kalyani) स्थित आईसीएमआर की ‘वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी’ (VRDL) में दो संदिग्ध मामले सामने आए थे. इस वायरस की उच्च मृत्यु दर और इसके तेजी से फैलने की क्षमता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे ‘अत्यधिक प्राथमिकता’ (Utmost Priority) पर रखा है और राज्य सरकार को सतर्क रहने की चेतावनी दी है. जैसे ही इन संदिग्ध मामलों की जानकारी मिली, भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव (प्रधान सचिव) के साथ उच्च स्तरीय चर्चा की. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, निपाह वायरस बेहद गंभीर है. इसकी अनदेखी जान के लिए घातक बन सकती है. इसके लिए जरूरी है कि शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें. जितना जल्दी संभव हो डॉक्टर की सलाह से इलाज कराएं. ऐसा करने से जान बचाई जा सकती है. अब सवाल है कि आखिर, निपाह वायरस क्या है? निपाह वायरस कितना खतरनाक होता है? निपाह वायरस के लक्षण क्या हैं? इससे कैसे करें बचाव? आइए जानते हैं इस बारे में-

निपाह वायरस क्या है? (What is Nipah Virus)

वायरोलॉजिस्ट और बीआर अंबेडकर सेंटर फॉर बायोमेडिकल रिसर्च के डायरेक्टर प्रो. सुनीत सिंह कहते हैं कि, निपाह वायरस (Nipah Virus) एक संक्रामक रोग है, जो पहली बार साल 1998-1999 मलेशिया और सिंगापुर में पालतू सूअरों में देखा गया. उस समय इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए तकरीब 10 लाख सूअरों को मार दिया गया था. इसके बाद भी बीमारी रुक नहीं पाई थी. सूअरों के जरिए यह बीमारी इंसानों में फैली. फिर साल 2001 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर लोग निपाह वायरस की चपेट में आए. इन लोगों ने खजूर के पेड़ से निकलने वाला ताड़ी पी थी. वैज्ञानिकों के मुताबिक खजूर के पेड़ तक वायरस चमगादड़ों के जरिए पहुंचा था, जिसे ‘फ्रूट बैट’ भी कहा जाता है.

कितना खतरनाक है निपाह वायरस?

एक्सपर्ट कहते हैं कि, निपाह एक जूनोटिक बीमारी है. चमगादड़ या फ्रूट बैट निपाह वायरस के सबसे बड़े वाहक हैं. ये किसी फल को चखते हैं, उसमें दांत लगा देते हैं तो उसके जरिये निपाह इंसानों तक पहुंचता है. फ्रूट बैट के सलाइवा और यूरिन से भी वायरस फैलता है. चौंकाने वाली बात यह है कि, निपाह जानवरों से इंसानों में तो फैलता ही है. फिर, इंसानों से इंसानों में भी फैलता है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति निपाह संक्रमित मरीज के क्लोज कांटेक्ट में है तो उसे संक्रमण होने की आशंका बढ़ जाती है.

निपाह वायरस के प्रमुख लक्षण

  • अचानक तेज बुखार और सिरदर्द
  • सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई
  • मानसिक भ्रम या चक्कर आना
  • गंभीर मामलों में मस्तिष्क में सूजन (एन्सेफलाइटिस) और कोमा

निपाह से कैसे करें बचाव

  • फल-सब्जियों को अच्छे से धोकर खाएं
  • ताड़ी या कच्चा खजूर खाने से बचें. खाएं भी तो अच्छे से साफकर
  • पालतू सूअरों के संपर्क में आने से बचें. फॉर्म पर जाएं तो मास्क लगाकर रखें
  • हाथ को लगातार अच्छे तरीके से साबुन से साफ करें
  • निपाह संक्रमित मरीज के क्लोज कांटेक्ट से बचें

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