Tummy Time For Babies: घर में नए मेहमान के आने की खुशी किसे नहीं होती है. मां के लिए तो यह किसी बड़े सपने के साकार होने जैसा है. ऐसे में बच्चे के लालन-पालन में कोई कमी नहीं छोड़ी जाती है. लेकिन, इससे भी ज्यादा जरूरत उनकी देखरेख की होती है. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, जैसे-जैसे बच्चे की ग्रोथ होती है, वैसे-वैसे उसकी एक्टिविटी बढ़ने लगती हैं. ये एक्टीविटीज अच्छी तो है, लेकिन इस समय ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है. इन्हीं एक्टीविटीज में नवजात का टमी टाइम (Tummy Time) भी है. टमी टाइम से मतलब साफ है ‘बच्चे का पेट बल लेटना’.
आमतौर पर जन्म के कुछ महीने बाद बच्चा हाथ-पैर चलाते हुए पेट के बल लेट जाते हैं. डॉक्टर की मानें तो, ये एक्टीविटीज उनके विकास और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी है. यदि बच्चा पेट के बल नहीं भी जा रहा है तो उसे थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर कराना भी जरूरी है. अब सवाल है कि टमी टाइम जरूरी क्यों है? कितने टाइम के लिए इसे कराना चाहिए? किस उम्र से कर सकते शुरू और इसके फायदे क्या हैं? इस बारे में India News को बता रही हैं कन्नौज मेडिकल कॉलेज की पीडियाट्रिशियन डॉ. सुरभि-
क्या होता है टमी टाइम?
डॉ. सुरभि बताती हैं कि, टमी टाइम एक एक्टिविटी है. जो छोटे बच्चे की ग्रोथ क लिए बेहद जरूरी है. बता दें कि, टमी टाइम का मतलब बच्चे को उसके पेट के बल लेटाने से है. इस एक्टिविटी को करने से बच्चों का ओवरऑल डेवलपमेंट होता है और उसके दिमाग का ठीक से विकास होता है. वहीं, यदि इस पोजिशन को बच्चा खुद करने की कोशिश करता है, तो उसका बॉडी मूवमेंट भी ठीक तरीके से होता है. लेकिन, सबसे जरूरी बात यह है एक्टीविटीज तब करें, जब बच्चा जाग रहा हो, उसकी निगरानी कोई कर रहा हो.
बच्चे के लिए टमी टाइम के फायदे?
- छोटे बच्चे को टमी टाइम कराने से उनके विकास की अच्छी ग्रोथ होती है.
- बच्चे की गर्दन, कंधे और बाहों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है.
- पेट के बल लिटाने से बच्चे का शरीर जल्द उठने-बैठने के लिए सक्रिए हो जाता है.
- बच्चा जल्दी ही खुद से घुटनों के बल चलना शुरू कर सकता है.
बच्चों को पेट के बल कितने समय लिटाएं?
डॉक्टर के मुताबिक, बच्चे के जन्म के 2 या 3 दिन बाद से ही टमी टाइम सेशन शुरू कर सकते हैं. ध्यान रहे कि, ये एक्टीविटी देखरेख में केवल 3 से 5 मिनट तक ही करें. साथ ही, जब बच्चे का पेट भरा हो या उसने फीड लिया हो, तो उस समय टमी सेशन न दें. हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ आप बच्चे को दिनभर में 4 से 5 बार 5 से 10 मिनट के लिए भी पेट के बल लिटा सकते हैं. कुछ मिलाकर 2 महीने की उम्र तक बच्चों को हर दिन 15 मिनट से 30 मिनट तक थोड़े-थोड़े अंतराल में पेट के बल लिटा सकते हैं.