Are Your Dals Causing Bloating: सेहतमंद रहने के लिए दालों का सेवन फायदेमंद माना जाता है. हमें बचपन से ही बड़े से लेकर डॉक्टर तक दाल खाने की सलाह देते हैं. क्योंकि दाल में प्रोटीन, खनिज और फाइबर जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होते हैं. मार्केट में कई तरह की दालें मिल जाएंगी. लेकिन, सभी दालें पचने में एक जैसी नहीं होतीं हैं. लेकिन, सभी दालें पचने में एक जैसी नहीं होतीं.भारीपन या एसिडिटी की शिकायत हो जाती है. ऐसे में सवाल होता है कि आखिर कौन सी दालें सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं? कौन सी दालें पेट में बना सकतीं गैस? कौन सी दालें पचने में लेती हैं कम समय? आइए जानते हैं इस बारे में-
कुछ दालें क्यों बनाती हैं पेट में गैस
एक्सपर्ट के मुताबिक, 10 साल से ऊपर के लोगों के लिए दालों का सेवन फायदेमंद है. बता दें कि, बहुत सारी दलों में कार्बोहाइड्रेट्स पाया जाता है. इससे लोगों को पेट में गैस बनने की समस्या उत्पन्न हो सकती है. इसीलिए हम सभी को मूंग दाल और मसूर दाल का सेवन करना चाहिए. क्योंकि मूंग दाल आसानी से डाइजेस्ट हो जाता है. इसमें आयरन, जिंक, फॉस्फोरस, फाइबर और प्रोटीन की मात्रा अधिक पाई जाती है. इसलिए मूंग दाल को सबसे जल्दी पचने वाली दाल माना जाता है.
कौन सी दालें साथ खानी चाहिए
मूंग की तासीर ठंडी होती है और मसूर की दाल की तासीर गर्म होती है. ऐसे में अगर आप इन दोनों को एक साथ मिलाकर खाएंगे, तो इससे आपको अधिक लाभ मिल सकता है. वहीं, मूंग और मसूर की दाल को आप सुबह, दिन या रात को किसी भी समय खा सकते हैं. लेकिन ध्यान रहे कि दिन में एक से अधिक बार मूंग और मसूर की दाल खाने से बचना चाहिए.
These dals are gentler on the gut and cause much less bloating when soaked & cooked well:
🔸Moong dal (green or yellow) – best tolerated, lowest gas
🔸Masoor dal (red lentil) – light, quick to digest
🔸Arhar / Toor dal – fine in small portions
🔸Chana dal – ok if soaked 8–10 hrs… https://t.co/oUhWZbOtuk— Dr.Sayajirao Gaikwad (@DietDrsayajirao) January 9, 2026
इन दालों के सेवन से बचें
डॉ. सयाजी राव गायकवाड़ कहते हैं कि, पेट की समस्या होने पर राजमा, काबुली चना, काला चने के सेवन से बचना चाहिए. जितना संभव हो खाने बचें या इनका सेवन सीमित मात्रा में करें. डॉक्टर कहते हैं कि, अगर इन चीजों को खाना है तो भिगोकर पानी निकाल दें, फिर हींग और अदरक के साथ प्रेशर कुकर में पकाएं. इसके बाद खाने से पेट फूलने की समस्या 70 प्रतिशत तक कम हो जाती है.
पेट के लिए दालों से जुड़े एक्सपर्ट फैक्ट
डॉ. सयाजी राव गायकवाड़ (Dr. Sayajirao Gaikwad) ने अपने सोशल मीडिया X पर दालों से जुड़े फैक्ट दिए हैं. वे कहते हैं कि, दालें पेट के लिए हल्की होती हैं और अच्छी तरह भिगोकर पकाने पर पेट फूलने की समस्या काफी कम करती हैं-
- मूंग दाल (हरी या पीली): सबसे आसानी से पच जाती है, सबसे कम गैस बनती है.
- मसूर दाल (लाल मसूर): हल्की और जल्दी पचने वाली होती है.
- अरहर/तूर की दाल: कम मात्रा में ही खाना ठीक रहता है.
- चना दाल: 8-10 घंटे भिगोकर प्रेशर कुकर में पकाने पर ठीक रहती है.
- मोठ (मटकी): अंकुरित होने पर पेट के लिए बहुत फायदेमंद होती है.