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पीरियड्स में सुस्ती और कमजोरी… जानिए क्यों होती हैं ये दोनों परेशानी? डॉक्टर ने बताए कारण और बचाव के उपाय

Period Fatigue: पीरियड्स में सुस्ती और कमजोरी क्यों होती है? इस समस्या के पीछे की मेडिकल वजह क्या है? इससे बचाव कैसे करें? ऐसे तमाम सवाल आपके भी हो सकते हैं. इन सवालों को जानने के लिए India News ने एम्स रायबरेली की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. ज्योत्सना देवी से बात की-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: January 18, 2026 14:57:18 IST

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Period Fatigue: पीरियड्स में सुस्ती और कमजोरी क्यों होती है? इस समस्या के पीछे की मेडिकल वजह क्या है? इससे बचाव कैसे करें? ऐसे तमाम सवाल आपके भी हो सकते हैं. इन सवालों को जानने के लिए India News ने एम्स रायबरेली की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. ज्योत्सना देवी से बात की. डॉक्टर कहती हैं कि, मेंस्ट्रुअल साइकिल जिसे आम बोलचाल की भाषा में पीरियड्स भी कहते हैं. ये नेचुरली हर महिला माह के कुछ दिन इस प्रोसेस से गुजरती है. समय पर पीरियड्स आना हर महिला की अच्छी सेहत का संकेत है. ये नॉर्मल है, लेकिन इस दौरान महसूस होने वाला दर्द, थकान, कमजोरी, असहजता और मूड में बदलाव नॉर्मल नहीं है. वे कहती हैं कि, अमेरिकन  जर्नल ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार, 71 प्रतिशत महिलाएं पीरियड के दौरान या आने से पहले थकान महसूस करती हैं. ऐसे में उनका बेड से उठने का भी मन नहीं होता है. इसलि पीरियड थकान से डील करने के लिए इसके कारण और ट्रिगर प्वाइंट को समझना जरूरी है. तो डॉक्टर से समझिए इसके बारे में-

पीरियड्स में थकान और कमजोरी कारण और बचाव के उपाय

हार्मोन्स लेवल चेंजेस: एक्सपर्ट के मुताबिक, पीरियड्स के दौरान थकान का सबसे बड़ा कारण इस दौरान होने वाले हार्मोनल चेंजेस है. पीरियड्स शुरू होने से पहले अगर बॉडी में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का लेवल कम हो जाए तो इससे थकान और उदासी महसूस हो सकती है. इससे बचने के लिए हेल्दी खाने से लेकर रात में अच्छी और पर्याप्त नींद लेने तक हार्मोनल हेल्थ को बेहतर करने के लिए हेल्दी रूटीन फॉलो करें. 

हैवी ब्लीडिंग: पीरियड साइकिल के दौरान हर दिन ब्लड फ्लो अलग-अलग होता है. किसी दिन ज्यादा तो किसी दिन कम. लेकिन जिन महिलाओं को ज्यादा दिन हैवी ब्लीडिंग होती है, उन्हें ज्यादा थकान और कमजोरी की शिकायत होती है. इन महिलाओं में आयरन की कमी भी बहुत कॉमन है. एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर आपको पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग होती है, और थकान भी महसूस हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से बात करें.

नींद की कमी: पीरियड्स के दौरान अच्छी नींद लेना चाहिए. वहीं अगर आप ठीक से सो नहीं पाते हैं, तो सुबह उठने पर लो एनर्जी और थकान महसूस होगी. एक स्टडी के अनुसार, मासिक चक्र आपके सर्कैडियन रिदम में बदलाव ला सकता है, आपकी नींद साइकिल में रुकावट पैदा कर सकता है. यदि आप पीरियड्स में ठीक से सो नहीं पाते हैं, तो डॉक्टर से बात करें. साथ ही, हेल्दी स्लीप रुटीन फॉलो करें. शावर लें (देर रात नहाने से बचें), गोल्डन मिल्क या ग्रीन टी पिएं, रात में हैवी मील न लें, रूम के टेंपरेचर को कंफर्टेबल बनाए.

ये बीमारी भी हो सकती वजह: पीरियड्स में थकान का कारण एंडोमेट्रियोसिस और फाइब्रॉइड भी हो सकते हैं.हालांकि इसमें दर्द और हैवी ब्लीडिंग भी होती है. थायराइड की शिकायत होने पर भी आप ज्यादा थकान महसूस कर सकते हैं. यदि आप इन मेडिकल कंडीशन से गुजर रहे हैं, तो इसे मैनेज करने के लिए डॉक्टर से परामर्श करें और उनके द्वारा बताए उपायों को करें.

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पीरियड्स में सुस्ती और कमजोरी… जानिए क्यों होती हैं ये दोनों परेशानी? डॉक्टर ने बताए कारण और बचाव के उपाय

Period Fatigue: पीरियड्स में सुस्ती और कमजोरी क्यों होती है? इस समस्या के पीछे की मेडिकल वजह क्या है? इससे बचाव कैसे करें? ऐसे तमाम सवाल आपके भी हो सकते हैं. इन सवालों को जानने के लिए India News ने एम्स रायबरेली की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. ज्योत्सना देवी से बात की-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: January 18, 2026 14:57:18 IST

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Period Fatigue: पीरियड्स में सुस्ती और कमजोरी क्यों होती है? इस समस्या के पीछे की मेडिकल वजह क्या है? इससे बचाव कैसे करें? ऐसे तमाम सवाल आपके भी हो सकते हैं. इन सवालों को जानने के लिए India News ने एम्स रायबरेली की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. ज्योत्सना देवी से बात की. डॉक्टर कहती हैं कि, मेंस्ट्रुअल साइकिल जिसे आम बोलचाल की भाषा में पीरियड्स भी कहते हैं. ये नेचुरली हर महिला माह के कुछ दिन इस प्रोसेस से गुजरती है. समय पर पीरियड्स आना हर महिला की अच्छी सेहत का संकेत है. ये नॉर्मल है, लेकिन इस दौरान महसूस होने वाला दर्द, थकान, कमजोरी, असहजता और मूड में बदलाव नॉर्मल नहीं है. वे कहती हैं कि, अमेरिकन  जर्नल ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार, 71 प्रतिशत महिलाएं पीरियड के दौरान या आने से पहले थकान महसूस करती हैं. ऐसे में उनका बेड से उठने का भी मन नहीं होता है. इसलि पीरियड थकान से डील करने के लिए इसके कारण और ट्रिगर प्वाइंट को समझना जरूरी है. तो डॉक्टर से समझिए इसके बारे में-

पीरियड्स में थकान और कमजोरी कारण और बचाव के उपाय

हार्मोन्स लेवल चेंजेस: एक्सपर्ट के मुताबिक, पीरियड्स के दौरान थकान का सबसे बड़ा कारण इस दौरान होने वाले हार्मोनल चेंजेस है. पीरियड्स शुरू होने से पहले अगर बॉडी में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का लेवल कम हो जाए तो इससे थकान और उदासी महसूस हो सकती है. इससे बचने के लिए हेल्दी खाने से लेकर रात में अच्छी और पर्याप्त नींद लेने तक हार्मोनल हेल्थ को बेहतर करने के लिए हेल्दी रूटीन फॉलो करें. 

हैवी ब्लीडिंग: पीरियड साइकिल के दौरान हर दिन ब्लड फ्लो अलग-अलग होता है. किसी दिन ज्यादा तो किसी दिन कम. लेकिन जिन महिलाओं को ज्यादा दिन हैवी ब्लीडिंग होती है, उन्हें ज्यादा थकान और कमजोरी की शिकायत होती है. इन महिलाओं में आयरन की कमी भी बहुत कॉमन है. एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर आपको पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग होती है, और थकान भी महसूस हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से बात करें.

नींद की कमी: पीरियड्स के दौरान अच्छी नींद लेना चाहिए. वहीं अगर आप ठीक से सो नहीं पाते हैं, तो सुबह उठने पर लो एनर्जी और थकान महसूस होगी. एक स्टडी के अनुसार, मासिक चक्र आपके सर्कैडियन रिदम में बदलाव ला सकता है, आपकी नींद साइकिल में रुकावट पैदा कर सकता है. यदि आप पीरियड्स में ठीक से सो नहीं पाते हैं, तो डॉक्टर से बात करें. साथ ही, हेल्दी स्लीप रुटीन फॉलो करें. शावर लें (देर रात नहाने से बचें), गोल्डन मिल्क या ग्रीन टी पिएं, रात में हैवी मील न लें, रूम के टेंपरेचर को कंफर्टेबल बनाए.

ये बीमारी भी हो सकती वजह: पीरियड्स में थकान का कारण एंडोमेट्रियोसिस और फाइब्रॉइड भी हो सकते हैं.हालांकि इसमें दर्द और हैवी ब्लीडिंग भी होती है. थायराइड की शिकायत होने पर भी आप ज्यादा थकान महसूस कर सकते हैं. यदि आप इन मेडिकल कंडीशन से गुजर रहे हैं, तो इसे मैनेज करने के लिए डॉक्टर से परामर्श करें और उनके द्वारा बताए उपायों को करें.

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