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वाइट डिस्चार्ज महिलाओं को क्यों होता है? पीला-हरा और भूरा आना किस आफत का संकेत, कारण और बचाव टिप्स

Vaginal White Discharge: महिलाओं की तमाम ऐसी गंभीर परेशानियां हैं, जिनके बारे में खुलकर बात नहीं होती है. ऐसी ही एक समस्या है वाइट डिस्चार्ज. वेजाइना से निकलने वाले इस सफेद तरल पदार्थ को वाइट डिस्चार्ज के अलावा सफेद पानी, श्वेत प्रदर या ल्यूकोरिया भी कहा जाता है. अब सवाल है कि आखिर, महिलाओं को वाइट डिस्चार्ज क्यों होता है? किस रंग का डिस्चार्ज किस परेशानी का संकेत है? वाइट डिस्चार्ज के लक्षण क्या हैं? इस बारे में बता रही हैं गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. उमंग जुनेजा-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: April 10, 2026 15:48:13 IST

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Vaginal White Discharge: महिलाओं की तमाम ऐसी गंभीर परेशानियां हैं, जिनके बारे में खुलकर बात नहीं होती है. खासतौर पर उनके प्राइवेट पार्ट से जुड़ी बीमारियां. इनकी शुरुआत तो बहुत छोटी या हल्की होती है, लेकिन शर्म बीमारी को बढ़ा देती है. ऐसी ही एक समस्या है वाइट डिस्चार्ज. वेजाइना से निकलने वाले इस सफेद तरल पदार्थ को वाइट डिस्चार्ज के अलावा सफेद पानी, श्वेत प्रदर या ल्यूकोरिया भी कहा जाता है. बता दें कि, वाइट डिस्चार्ज को लेकर महिलाओं के मन में कई भ्रम होते हैं कि सफेद पानी किसकी कमी से होता है. क्या यह कोई बीमारी है, इंफेक्शन है या फिर या सामान्य बात. हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो, वाइट डिस्चार्ज में ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है. क्योंकि, यह आमतौर पर सामान्य बात होती है. यह डिस्चार्ज केवल सफेद ही नहीं, पीला, भूरा और हरे रंग का भी हो सकता है. 

वाइट डिस्चार्ज गर्भधारण के लिए स्वस्थ शरीर का होने की ओर संकेत करता है. हालांकि, इसकी मात्रा बढ़ती है तो चिंता करने की बात है. इस स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूरी है.  अब सवाल है कि आखिर, महिलाओं को वाइट डिस्चार्ज क्यों होता है? किस रंग का डिस्चार्ज किस परेशानी का संकेत है? वाइट डिस्चार्ज के लक्षण क्या हैं? वाइट डिस्चार्ज से कैसे करें बचाव? इस बारे में India News को बता रही हैं सीके बिडला हॉस्पिटल की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. उमंग जुनेजा-

महिलाओं को वाइट डिस्चार्ज क्यों होता है?

डॉक्टर के मुताबिक, वाइट पानी क्यों आता है? योनि से निकलने वाले सफेद रंग के चिपचिपे पदार्थ को वाइट डिस्चार्ज के नाम से जानते हैं. यह सभी महिलाओं में अलग-अलग तरह का हो सकता है, जिसे ल्यूकोरिया कहते हैं. यह डिस्चार्ज मासिक धर्म से पहले और ओवुलेशन के समय पर ज्यादा होता है. यह किसी प्रकार के वेजाइनल या फंगल संक्रमण का कारण भी हो सकता है.

किस रंग का डिस्चार्ज किस परेशानी का संकेत?

वाइट डिस्चार्ज: डॉक्टर कहते हैं कि, आमतौर पर महिलाओं या लड़कियों में वाइट डिस्चार्ज होना आम बात है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं होती है. लेकिन यदि सफेद पानी आने से आपको जलन, खुजली या बदबू महसूस होती है तो यह यीस्ट संक्रमण भी हो सकता है. ऐसे में डॉक्टर की सलाह जरूरी है.

पीला डिस्चार्ज: अगर किसी महिला का वेजाइनल डिस्चार्ज पीले रंग का हो रहा है तो यह नॉर्मल नहीं है. डॉक्टर कहती हैं कि, पीला वेजाइनल डिस्चार्ज फिजिकल संबंध बनाने की वजह से होने वाले संक्रमण की ओर संकेत करता है. क्योंकि, यह किसी तरह का संक्रमण भी हो सकता है.

हरा डिस्चार्ज: कई महिलाओं में हरा डिस्चार्ज होने की भी समस्या होती है. ऐसे अगर कोई महिला हरे रंग के डिस्चार्ज की समस्याओं से गुजर रही है तो यह वेजाइना में बैक्टीरियल और सेक्सुअल संक्रमण की ओर इशारा हो सकता है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जरूर मिलें.

भूरा डिस्चार्ज: यदि किसी महिला को भूरा डिस्चार्ज हो रहा है तो इसका मतलब है कि, आपको समय से पीरियड्स आने में समस्या हो. बता दें कि, अधिक उम्र की महिलाओं में भी मेनोपॉज के कारण भूरा वेजाइनल डिस्चार्ज हो सकता है. यही नहीं, किसी अलग स्थित में यह सर्वाइकल कैंसर का भी संकेत हो सकता है.

वाइट डिस्चार्ज के लक्षण क्या है?

  • वेजाइना में खूजली या जलन महसूस होना
  • कमर, हाथ, पैर या पैल्विक क्षेत्र में दर्द
  • योनि क्षेत्र में ज्यादा समय तक गीला महसूस करना
  • ट्रिचोमोनिएसिस में भूरे या हरे रंग का डिस्चार्ज
  • योनि में खुजली होना
  • संबंध बनाने के दौरान दर्द होना
  • प्राइवेट पार्ट में सूजन होना
  • सामान्य से ज्यादा डिस्चार्ज होना
  • हैवी पीरियड्स का होना
  • बार-बार पेशाब आना
  • बुखार आना
  • चिड़चिड़ापन महसूस होना
  • चक्कर आना
  • भूख न लगना
  • जी मिचलाना
  • कमजोरी होना

वाइट डिस्चार्ज से बचने के घरेलू उपाय 

– अमरूद के साथ-साथ अमरूद के पत्ते भी वाइट डिस्चार्ज में फायदेमंद हो सकते हैं. इसके लिए अमरूद के पत्तियों को पानी में उबालें और फिर ठंडा होने के बाद उसे पी लें. दिन भर में कम से कम दो बार इसका सेवन किया जा सकता है.

– वाइट डिस्चार्ज की समस्या में आंवला भी लाभकारी है. इसके लिए आंवले के एक चम्मच पावडर को एक ग्लास पानी में उबालें और उसकी मात्रा आधा होने के बाद छान लें, फिर ठंडा होने के बाद पी लें. इसके अलावा एक चम्मच आंवले के पावडर को एक चम्मच शहद के साथ पेस्ट बना कर भी सेवन कर सकते हैं. 

सेब का सिरका भी वाइट डिस्चार्ज की समस्या में बहुत फायदेमंद होता है. एप्पल साइडर विनेगर में एंटीफंगल, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो आपके शरीर से संक्रमण को दूर करने में मदद करते हैं. एक चम्मच एक साइडर विनेगर एक ग्लास पानी में मिलाकर आप पी सकते हैं.

वेजाइनल वाइट डिस्चार्ज की समस्या में धनिया के बीज भी कारगर साबित हो सकते हैं. एक ग्लास पानी में एक चम्मच धनिया के बीज को रात भर के लिए भीगो कर रखें और सुबह इसे छान कर पी लें. इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण आपके वाइट डिस्चार्ज की समस्या को कम करने में मदद करेगा.

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Written By: Lalit Kumar
Last Updated: April 10, 2026 15:48:13 IST

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Vaginal White Discharge: महिलाओं की तमाम ऐसी गंभीर परेशानियां हैं, जिनके बारे में खुलकर बात नहीं होती है. खासतौर पर उनके प्राइवेट पार्ट से जुड़ी बीमारियां. इनकी शुरुआत तो बहुत छोटी या हल्की होती है, लेकिन शर्म बीमारी को बढ़ा देती है. ऐसी ही एक समस्या है वाइट डिस्चार्ज. वेजाइना से निकलने वाले इस सफेद तरल पदार्थ को वाइट डिस्चार्ज के अलावा सफेद पानी, श्वेत प्रदर या ल्यूकोरिया भी कहा जाता है. बता दें कि, वाइट डिस्चार्ज को लेकर महिलाओं के मन में कई भ्रम होते हैं कि सफेद पानी किसकी कमी से होता है. क्या यह कोई बीमारी है, इंफेक्शन है या फिर या सामान्य बात. हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो, वाइट डिस्चार्ज में ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है. क्योंकि, यह आमतौर पर सामान्य बात होती है. यह डिस्चार्ज केवल सफेद ही नहीं, पीला, भूरा और हरे रंग का भी हो सकता है. 

वाइट डिस्चार्ज गर्भधारण के लिए स्वस्थ शरीर का होने की ओर संकेत करता है. हालांकि, इसकी मात्रा बढ़ती है तो चिंता करने की बात है. इस स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूरी है.  अब सवाल है कि आखिर, महिलाओं को वाइट डिस्चार्ज क्यों होता है? किस रंग का डिस्चार्ज किस परेशानी का संकेत है? वाइट डिस्चार्ज के लक्षण क्या हैं? वाइट डिस्चार्ज से कैसे करें बचाव? इस बारे में India News को बता रही हैं सीके बिडला हॉस्पिटल की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. उमंग जुनेजा-

महिलाओं को वाइट डिस्चार्ज क्यों होता है?

डॉक्टर के मुताबिक, वाइट पानी क्यों आता है? योनि से निकलने वाले सफेद रंग के चिपचिपे पदार्थ को वाइट डिस्चार्ज के नाम से जानते हैं. यह सभी महिलाओं में अलग-अलग तरह का हो सकता है, जिसे ल्यूकोरिया कहते हैं. यह डिस्चार्ज मासिक धर्म से पहले और ओवुलेशन के समय पर ज्यादा होता है. यह किसी प्रकार के वेजाइनल या फंगल संक्रमण का कारण भी हो सकता है.

किस रंग का डिस्चार्ज किस परेशानी का संकेत?

वाइट डिस्चार्ज: डॉक्टर कहते हैं कि, आमतौर पर महिलाओं या लड़कियों में वाइट डिस्चार्ज होना आम बात है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं होती है. लेकिन यदि सफेद पानी आने से आपको जलन, खुजली या बदबू महसूस होती है तो यह यीस्ट संक्रमण भी हो सकता है. ऐसे में डॉक्टर की सलाह जरूरी है.

पीला डिस्चार्ज: अगर किसी महिला का वेजाइनल डिस्चार्ज पीले रंग का हो रहा है तो यह नॉर्मल नहीं है. डॉक्टर कहती हैं कि, पीला वेजाइनल डिस्चार्ज फिजिकल संबंध बनाने की वजह से होने वाले संक्रमण की ओर संकेत करता है. क्योंकि, यह किसी तरह का संक्रमण भी हो सकता है.

हरा डिस्चार्ज: कई महिलाओं में हरा डिस्चार्ज होने की भी समस्या होती है. ऐसे अगर कोई महिला हरे रंग के डिस्चार्ज की समस्याओं से गुजर रही है तो यह वेजाइना में बैक्टीरियल और सेक्सुअल संक्रमण की ओर इशारा हो सकता है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जरूर मिलें.

भूरा डिस्चार्ज: यदि किसी महिला को भूरा डिस्चार्ज हो रहा है तो इसका मतलब है कि, आपको समय से पीरियड्स आने में समस्या हो. बता दें कि, अधिक उम्र की महिलाओं में भी मेनोपॉज के कारण भूरा वेजाइनल डिस्चार्ज हो सकता है. यही नहीं, किसी अलग स्थित में यह सर्वाइकल कैंसर का भी संकेत हो सकता है.

वाइट डिस्चार्ज के लक्षण क्या है?

  • वेजाइना में खूजली या जलन महसूस होना
  • कमर, हाथ, पैर या पैल्विक क्षेत्र में दर्द
  • योनि क्षेत्र में ज्यादा समय तक गीला महसूस करना
  • ट्रिचोमोनिएसिस में भूरे या हरे रंग का डिस्चार्ज
  • योनि में खुजली होना
  • संबंध बनाने के दौरान दर्द होना
  • प्राइवेट पार्ट में सूजन होना
  • सामान्य से ज्यादा डिस्चार्ज होना
  • हैवी पीरियड्स का होना
  • बार-बार पेशाब आना
  • बुखार आना
  • चिड़चिड़ापन महसूस होना
  • चक्कर आना
  • भूख न लगना
  • जी मिचलाना
  • कमजोरी होना

वाइट डिस्चार्ज से बचने के घरेलू उपाय 

– अमरूद के साथ-साथ अमरूद के पत्ते भी वाइट डिस्चार्ज में फायदेमंद हो सकते हैं. इसके लिए अमरूद के पत्तियों को पानी में उबालें और फिर ठंडा होने के बाद उसे पी लें. दिन भर में कम से कम दो बार इसका सेवन किया जा सकता है.

– वाइट डिस्चार्ज की समस्या में आंवला भी लाभकारी है. इसके लिए आंवले के एक चम्मच पावडर को एक ग्लास पानी में उबालें और उसकी मात्रा आधा होने के बाद छान लें, फिर ठंडा होने के बाद पी लें. इसके अलावा एक चम्मच आंवले के पावडर को एक चम्मच शहद के साथ पेस्ट बना कर भी सेवन कर सकते हैं. 

सेब का सिरका भी वाइट डिस्चार्ज की समस्या में बहुत फायदेमंद होता है. एप्पल साइडर विनेगर में एंटीफंगल, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो आपके शरीर से संक्रमण को दूर करने में मदद करते हैं. एक चम्मच एक साइडर विनेगर एक ग्लास पानी में मिलाकर आप पी सकते हैं.

वेजाइनल वाइट डिस्चार्ज की समस्या में धनिया के बीज भी कारगर साबित हो सकते हैं. एक ग्लास पानी में एक चम्मच धनिया के बीज को रात भर के लिए भीगो कर रखें और सुबह इसे छान कर पी लें. इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण आपके वाइट डिस्चार्ज की समस्या को कम करने में मदद करेगा.

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