Prevention of stomach worms: आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल में कब किसको क्या हो जाए, कहा नहीं जा सकता है. क्योंकि, कई बीमारियां अचानक पेट में दर्द से शुरू हो जाती हैं. हैरानी बात ये है कि, शुरुआत में ये मामूली लगती है लेकिन लापरवाही परेशानी को बढ़ा सकती है. पेट में कीड़े होना ऐसी ही परेशानियों में एक है. इस स्थिति में अचानक ही पेट में दर्द शुरू हो जाता है. ये कीड़े ज्यादातर बच्चों के पेट में पाए जाते हैं. वैसे पेट में कीड़े होना आम बात है, लेकिन लापरवाही जोखिम बढ़ा सकती है. बता दें कि, पेट में कीड़े होने से पाचन संबंधी विकार जैसे भूख न लगना, जी मिचलाना, उल्टी आना और कमजोरी होने लगती है. अब सवाल है कि आखिर पेट के कीड़े कब बन जाते हैं खतरनाक? पेट में कीड़े क्यों हो जाते हैं? पेट में कीड़े होने के लक्षण क्या हैं? इसके घरेलू और आयुर्वेदिक उपचार क्या हैं? इस बारे में India News को बता रही हैं राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय लखनऊ की डॉ. शचि श्रीवास्तव-
पेट के कीड़े कब हो सकते खतरनाक?
डॉ. शचि कहती हैं कि, जब कीड़ों का लार्वा फेफड़े तक पहुंचते हैं, तो दमा रोग का खतरा बढ़ सकता है. बच्चों द्वारा मिट्टी खाने, दूषित भोजन खाने, गंदे कपड़े पहनने, शरीर की उचित सफाई न करने, बाहर का दूषित खाना खाने, मांस-मछली, गुड़, दही, सिरका आदि अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में कीड़े हो जाते हैं.
पेट में कीड़े के लक्षण
एक्सपर्ट के मुताबिक, पेट में कीड़े होने पर होंठ, जीभ सफेद और आंखें लाल हो जाती हैं. गालों पर धब्बे और शरीर में सूजन आदि के लक्षण दिखाई देते हैं. गुदाद्वार तथा उसके आस-पास की त्वचा पर खुजली भी होती है. कई लोगों के मल में खून आने और उल्टी होने की भी समस्या हो सकती है.
पेट में कितने तरह के कीड़े
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, पेट में तीन प्रकार के कीड़े होते हैं. इनमें से फीता कृमि और हुक वार्म अधिक पीड़ादायक होते हैं. यदि सही प्रकार से इलाज न किया जाए तो अन्य प्रकार की गंभीर बीमारियां पैदा हो सकती हैं.
पेट के कीड़ों के घरेलू उपचार
- पेट के कीड़ों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है- स्वच्छता. खाने-पीने से पहले अच्छी तरह से हाथ धोना, ढ़ककर रखें भोजन, सड़क किनारे मिलने वाले कटे फलों से दूर ही रहना चाहिए.
- पेट से कीड़े दूर करने के लिए हल्दी भी फायदेमंद हो सकती है. आधा चम्मच हल्दी लेकर तवे पर सूखी भून लें. फिर इसे रात को सोते समय पानी से लें.
- छाछ में नमक तथा काली मिर्च का चूर्ण डालकर चार दिन तक पिएं.
- लहसुन की चटनी बनाकर उसमें थोड़ा सेंधा नमक डालकर सुबह-शाम चाटें. आराम मिलेगा.
- दही में शहद मिलाकर तीन-चार दिन तक सुबह-शाम खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं.
- एक चम्मच करेले का रस लेकर गर्म पानी में मिलाकर पिएं.
- दो चम्मच अनार का जूस रोजाना लेने से पेट के कीड़े मर जाते हैं.
- अजवाइन के सत्व की चार-पांच बूंदे पानी में डालकर सेवन करें.
- बच्चों को आधा चम्मच प्याज का रस दो- तीन दिन तक पिलाने से काफी लाभ होता है.
पेट के कीड़ों का आयुर्वेदिक उपचार
- नीम की कोपलों को कुचलकर इसका एक चम्मच रस निकाल लें. इसमें शहद मिलाकर चाटें. इससे पेट के कीड़े मरकर मल के साथ बाहर निकल जाते हैं.
- नीम को पत्तियों को सुखाकर पीस लें और दो चुटकी चूर्ण शहद के साथ सेवन करें.
- करेले के पत्तों का जूस निकाल कर उसे गुनगुने पानी के साथ पिलाएं.
- रोजाना सुबह खाली पेट ही टमाटर को आधा काटकर उस पर थोड़ी-सी हल्दी और सेंधा नमक लगाकर खिलाने से काफी लाभ होता है.