Winter Joint Pain Causes: सर्दियों में जोड़ों और पुरानी चोट का दर्द बढ़ना आम समस्या है. ठंडे मौसम और कम बैरोमेट्रिक प्रेशर के कारण जोड़ों में मौजूद सिनोवियल फ्लूड गाढ़ा हो जाता है, जिससे सूजन और जकड़न बढ़ती है. उम्र के साथ यह फ्लूड कम होता जाता है और कार्टिलेज घिसने लगती है, जिससे दर्द और ज्यादा महसूस होता है.
डॉक्टरों के अनुसार, इस दर्द को पूरी तरह खत्म तो नहीं किया जा सकता, लेकिन सही लाइफस्टाइल से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. नियमित हल्की एक्सरसाइज जैसे वॉकिंग, योग, साइक्लिंग और स्विमिंग जोड़ों को लचीला बनाए रखती है. एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट, जैसे फल, सब्जियां, मछली, नट्स और पर्याप्त पानी पीना भी सूजन कम करने में मदद करता है.
सर्दियों में जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ जाता है? समझिए इसकी असली वजह
डॉक्टरों के मुताबिक, हमारे जोड़ों के बीच एक खास तरह का तरल पदार्थ होता है जिसे ‘साइनोवियल फ्लूड’ कहा जाता है. यही फ्लूड जोड़ों को चिकनाई देता है और उन्हें आसानी से हिलने-डुलने में मदद करता है. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, इस फ्लूड की मात्रा कम होने लगती है. नतीजतन, हड्डियों के बीच घर्षण बढ़ता है और सूजन पैदा होती है.ठंड के मौसम में स्थिति और बिगड़ जाती है. कम तापमान और हवा के दबाव में बदलाव के कारण यह फ्लूड गाढ़ा हो जाता है, जिससे जोड़ों की मूवमेंट कम हो जाती है. शरीर को गर्म रखने के लिए मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, और इसी वजह से दर्द और अकड़न ज्यादा महसूस होती है.
ठंड में जोड़ों के दर्द से राहत पाने के असरदार तरीके
सर्दियों में जोड़ों का दर्द पूरी तरह खत्म करना भले मुश्किल हो, लेकिन सही आदतें अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है.
रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज
दर्द होने पर लोग अक्सर चलना-फिरना कम कर देते हैं, लेकिन यह आदत समस्या को और बढ़ा सकती है. हल्की-फुल्की एक्सरसाइज जोड़ों को एक्टिव रखती है और अकड़न कम करती है. टहलना, साइकल चलाना, तैराकी या हल्का योग ऐसे विकल्प हैं जो जोड़ों पर ज्यादा दबाव नहीं डालते.
खानपान से सूजन को करें कंट्रोल
ज्यादा मीठा, तला-भुना और प्रोसेस्ड खाना शरीर में सूजन बढ़ाता है. इसके बजाय फल, सब्जियां, साबुत अनाज, मछली, नट्स और हेल्दी फैट्स को डाइट में शामिल करना फायदेमंद होता है. साथ ही पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, ताकि शरीर से गंदे तत्व बाहर निकलें और जोड़ों में लचीलापन बना रहे.
तनाव और नींद को न करें नजरअंदाज
लगातार तनाव शरीर में अंदरूनी सूजन को बढ़ाता है, जिसका असर सीधे जोड़ों पर पड़ता है. ध्यान, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज और अच्छी नींद से न सिर्फ दिमाग शांत रहता है, बल्कि दर्द भी कम महसूस होता है.
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?
अगर सर्दियों में जोड़ों का दर्द घरेलू उपायों और लाइफस्टाइल बदलाव के बाद भी कम न हो, या दर्द इतना बढ़ जाए कि नींद और रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. कई बार यह गठिया, नसों की समस्या या पुरानी चोट से जुड़ी किसी गंभीर स्थिति का संकेत भी हो सकता है.