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Sinusitis: साइनस संक्रमण सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है? क्या-क्या होती परेशानी, जानिए इससे बचाव के तरीके

Sinus infection in winter: सर्दियों में साइनस या साइनुसाइटिस का संक्रमण बढ़ जाता है. इसकी लापरवाही बीमारी को बढ़ा सकती है. ऐसे में सवाल है कि आखिर साइनस की बीमारी क्या है? साइनस के लक्षण क्या हैं? आइए जानते हैं इस बारे में-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: January 20, 2026 16:42:57 IST

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Sinus infection in winter: सर्दियों का मौसम पूरे सितम पर है. यह मौसम कई परेशानियों को साथ लेकर आता है. इस मौसम में सर्दी, बुखार, सिरदर्द, गले में दर्द जैसी कई परेशानियां होती हैं. हर दिन इन बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं और लोग अस्पताल भी जा रहे हैं. सर्दी में एक और परेशानी बढ़ती है, जिसकी अनदेखी बीमारी को बढ़ा सकती है. इस बीमारी का नाम साइनस है. हालांकि, इसके लक्षण आमतौर पर सर्दी-जुकाम जैसे लगते हैं, लेकिन ये सिर्फ सर्दी नहीं, बल्कि साइनस या साइनुसाइटिस भी हो सकता है. अब सवाल है कि आखिर साइनस की बीमारी क्या है? साइनस के लक्षण क्या हैं? सर्दियों में क्यों बढ़ जाती है साइनस की समस्या? कैसे करें इससे बचाव? आइए जानते हैं इस बारे में-

साइनस या साइनुसाइटिस क्या है?

ठंड में साइनस की समस्या ज्यादा होती है. साइनस मतलब नाक के आसपास की हवा से भरी जगहों में सूजन या इंफेक्शन. ये वायरस, बैक्टीरिया, फंगस या एलर्जी की वजह से होता है. इससे नाक बंद होना, चेहरे में दर्द, सिरदर्द जैसे लक्षण दिखते हैं. ये एक दिन में ठीक होने वाली समस्या नहीं है. जब ये होता है तो सिर भारी लगता है, नींद नहीं आती, चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है और बहुत चिड़चिड़ापन महसूस होता है.

साइनस के इंफेक्शन ठंड में क्यों बढ़ते हैं?

ये साइनस आमतौर पर सर्दी या एलर्जी वाले मौसम में ज्यादा होते हैं. सर्दी में ठंडी और सूखी हवा नाक के अंदर की परत को सुखा देती है और उसकी नेचुरल सुरक्षा कमजोर हो जाती है. बढ़ता प्रदूषण, धुएं का ज्यादा संपर्क और वायरल इंफेक्शन भी इसकी वजह बनते हैं. स्टडीज के मुताबिक हर साल करीब 10-15% वयस्क साइनुसाइटिस से परेशान होते हैं. सर्दी और सूखी हवा नाक के अंदर की परत को सुखा देती है, जिससे धूल, एलर्जन और बैक्टीरिया को रोकने की ताकत कम हो जाती है. साथ ही, बढ़ता प्रदूषण हालात और खराब कर देता है. इसलिए खासकर अस्थमा, एलर्जी या साइनस की समस्या वाले लोग जल्दी इंफेक्शन का शिकार हो जाते हैं.

सर्दी साइनुसाइटिस में कैसे बदलती है?

साइनुसाइटिस आमतौर पर वायरल सर्दी से शुरू होता है, लेकिन बाद में जब नाक की नली सूज जाती है और बलगम ठीक से नहीं निकलता, तो बैक्टीरिया या वायरस साइनस में चले जाते हैं और इंफेक्शन हो जाता है. सही इलाज न मिले तो साइनुसाइटिस बढ़ सकता है या लंबे समय तक परेशान कर सकता है. ये रोजमर्रा की जिंदगी पर भी असर डालता है. बार-बार साइनस इंफेक्शन नींद खराब कर सकते हैं और इम्यूनिटी भी कमजोर कर सकते हैं.

साइनस का इलाज और बचाव

धूम्रपान करने वाले, बच्चे, बुजुर्ग और जिनको पहले से सांस की दिक्कत है, उन्हें ज्यादा खतरा होता है. इसलिए इलाज और बचाव जरूरी है. साइनस होने पर ज्यादातर लोग दवा लेते हैं, लेकिन दवा सिर्फ थोड़ी देर के लिए राहत देती है. साइनुसाइटिस में आपको ज्यादा पानी पीना चाहिए, भाप लेनी चाहिए, नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करें और सबसे जरूरी ठंडी हवा से बचें, साथ ही प्रदूषित माहौल से भी दूर रहें. घर के अंदर हवा की क्वालिटी बनाए रखने के लिए जरूरत हो तो ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें. ज्यादा प्रदूषण वाले दिनों में मास्क पहनें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

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