<
Categories: हेल्थ

World Birth Defects Day 2026: क्यों होता है जन्मदोष का खतरा? डॉक्टर से जानिए इसके पीछे का कारण और बचाव

हर साल 3 मार्च को विश्व जन्म दोष दिवस मनाया जाता है. इसका उद्देश्य है कि जन्मजात विसंगतियों, डिसऑर्डर और कंडीशन्स के बारे में लोगों को जागरुक किया जा सके. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं इसके कारण और बचाव...

World Birth Defects Day: दुनियाभर में हर साल 3 मार्च को विश्व जन्म दोष दिवस मनाया जाता है. इसके तहत लोगों को जन्मजात विसंगतियों, डिसऑर्डर और कंडीशन्स के बारे में जागरूक किया जाता है. बीते साल विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विश्व जन्मदोष के विषय पर ध्यान देते हुए सभी देशों से अपील की थी, कि जन्म दोषों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए और हेल्थ सिस्टम को मजबूत किया जाए. जन्म दोष किसी भी व्यक्ति की लाइफस्टाइल को प्रभावित करता है. इसके साथ ही इससे परिवारों, समाज और हेल्थ सिस्टम पर भी बोझ बढ़ता है. एक्सपर्ट्स की मानें, तो इसके बर्थ डिफेक्ट होने के कई कारण हो सकते हैं.

क्या कहता है आंकड़ा?

इस विषय पर बात करते हुए गायनोकॉलोजिस्ट डॉक्टर मीरा पाठक ने बात करते हुए बताया कि इंडिया में हर साल 17 लाख बेबीस स्ट्रक्चरल या फंक्शनल बर्थ डिफेक्ट के साथ पैदा होते हैं. अगर आंकड़े देखे जाएं तो 100 बच्चों में से 2 या 3 बच्चों में कोई ना कोई कंजाइटल बर्थ डिफेक्ट होता है. ये हार्ट डिफेक्ट, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट, क्लेफ्ट लिप, क्लेफ्ट पैलेट, किडनी और लिंब की एब्नार्मेलिटीज के साथ पैदा होते हैं. 

क्या हैं बर्थ डिफेक्ट होने के कारण?

इसके आम कारण की बात करें, तो जेनेटिक डिसऑर्डर होना या मदर में डायबिटीज या थायराइड जैसी अनट्रीटेड मेडिसिन होना. मदर में न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी स्पेशली अगर फोलिक एसिड की डेफिशिएंसी होने के कारण भी इस तरह के मामले देखने को मिलते हैं. इसके अलावा प्रेग्नेंसी के दौरान रुबेला या टोक्सोप्लाज्मोसिस संक्रमण होने के कारण भी जन्मदोष का खतरा हो सकता है. गर्भावस्था के दौरान शराब और तम्बाकू का सेवन करने से भी बर्थ  डिफेक्ट का खतरा  बढ़ता है.

क्या हैं बचाव?

डॉक्टर मीरा पाठक ने बताया कि आज के समय में प्री-कंसप्शनल काउंसल अवेलेबल है. प्रेग्नेंसी से पहले काउंसिल  करानी चाहिए. अपने मेडिकल टेस्ट कराएं, जेनेटिक टेस्ट्स कराएं. साथ ही ये सुनिश्चित करें कि अगर कोई मेडिकल डिसऑर्डर हैं, तो वक्त रहते उनका इलाज कराएं. जब ये सभी टेस्ट नॉर्मल रेंज में आ जाएं. प्रेग्नेंसी से  3 महीने पहले फोलिक एसिड की टैबलेट लेने से न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी के चांसेज कम हो सकते हैं. प्रेग्नेंसी में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रेग्नेंसी ठहरने के बाद सही समय पर अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट कराया जाता है. अगर चीजें इस तरह से मैनेज की जाएं, तो बर्थ डिफेक्ट को रोका जा सकता है.

Deepika Pandey

दीपिका पाण्डेय साल 2020 से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने 2020 में BJMC की डिग्री ली. इसके बाद ही उन्होंने खबर टुडे न्यूज, डीएनपी न्यूज, दैनिक खबर लाइव आदि चैनल्स में एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में काम किया. इसके बाद उन्होंने हरिभूमि वेबसाइट पर काम किया. वर्तमान समय में दीपिका इंडिया न्यूज चैनल में बतौर सीनियर कॉपी राइटर कार्यरत हैं.

Share
Published by
Deepika Pandey

Recent Posts

Peddi Update: डबिंग मोड में राम चरण, जाह्नवी कपूर संग इस समर धमाका करने को तैयार ‘पेद्दी’

राम चरण ने अपनी स्पोर्ट्स एक्शन फिल्म 'पेद्दी' की डबिंग शुरू कर दी है. मेकर्स…

Last Updated: March 2, 2026 19:59:38 IST

‘ऐसा लग रहा है अपने घर आया हूं’ बिहार पहुंचे एल्विश यादव ने खेसारी संग उड़ाया गर्दा, पटना में हिला सिस्टम

यूट्यूबर एल्विश यादव पहली बार बिहार गए. यहां पटना में वे भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल…

Last Updated: March 2, 2026 19:49:36 IST

Anil Chaudhary: अंपायरिंग छोड़ थाम ली बंदूक! कौन हैं अनिल चौधरी, जिनका ‘गैंगस्टर एंथम’ इंटरनेट पर आग लगा रहा है?

इंटरनेशनल अंपायर अनिल चौधरी ने छोड़ी क्रिकेट की पिच और थाम ली बंदूक! आखिर क्या…

Last Updated: March 2, 2026 19:46:33 IST

Israel Iran War: ओमान में ड्रोन बोट हमले में भारतीय की जान गई, फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए व्हाट्सएप चैनल जारी!

Strait of Hormuz: ओमान की खाड़ी में ड्रोन बोट हमले से मचा हड़कंप! एक भारतीय…

Last Updated: March 2, 2026 19:17:32 IST

सनराइज विद्यालय का वार्षिक महोत्सव ‘अभिव्यक्ति 2026’ शानदार तरीके से हुआ

सरदार स्मृति भवन में हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों के टैलेंट ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया…

Last Updated: March 2, 2026 19:01:43 IST