भारत में एक पुरानी कहावत है कि “चिंता चिता समान होती है”. यह कहावत यद्यपि सदियों पुरानी है, लेकिन आज के समय में इसकी प्रासंगिकता और बढ़ गई है. आधुनिक जीवनशैली, काम का दबाव, आर्थिक चुनौतियां और व्यक्तिगत समस्याएं हमारे मन को अक्सर बेचैन कर देती हैं. थोड़ा बहुत तनाव सामान्य है, लेकिन लगातार बनी चिंता यानी एंजाइटी (Anxiety) हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। यह विशेष रूप से दिल को प्रभावित कर सकती है.
वैज्ञानिक क्या कहते हैं?