Weight Loss Death: सोशल मीडिया और YouTube पर अक्सर हेल्थ से जुड़ी वीडियो आती रहती हैं, जो बिना डॉक्टर की सलाह के वजन कम करने या चमत्कारी नतीजे देने का दावा करती हैं. ये वीडियो देखने में जितनी आसान और आकर्षक लगती हैं, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है. तमिलनाडु के मीनांबलपुरम में इसी तरह की एक दर्दनाक घटना हुई. 19 साल की कॉलेज छात्रा कलाईयारसी ने वजन कम करने के लिए YouTube पर एक वीडियो देखा, जिसमें सुझाव दिया गया कि “वेंगारम” (स्थानीय रूप से बोरेक्स) खाने से वजन घटेगा. वीडियो पर भरोसा करके उसने स्थानीय दवा की दुकान से बोरेक्स खरीदा और खा लिया. कुछ ही घंटों में उसे गंभीर उल्टी और दस्त होने लगे. स्थिति बिगड़ने पर उसे सरकारी राजाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी.
वायरल हेल्थ टिप्स: आकर्षक लेकिन खतरनाक
सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे वीडियो वायरल होते हैं जो चमत्कारी परिणाम का दावा करते हैं. युवाओं के लिए, जो अपनी बॉडी इमेज को लेकर चिंतित होते हैं, ये वीडियो और भी आकर्षक लग सकते हैं. लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इन तरीकों में से कई असुरक्षित और जहरीले हो सकते हैं. बोरेक्स (सोडियम बोरेट) एक औद्योगिक रसायन है, जिसका खाना या दवा के रूप में सेवन करना बेहद खतरनाक है. गलत खुराक से पेट, किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान हो सकता है. डॉक्टरों का कहना है कि कोई भी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या वीडियो वास्तविक स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं हो सकता. “नेचुरल” या “सप्लीमेंट” कहे जाने वाले उत्पाद भी बिना निगरानी के खतरनाक साबित हो सकते हैं.
सुरक्षित और असरदार वजन घटाना
विशेषज्ञों के अनुसार, स्थायी और सुरक्षित वजन घटाने के लिए शॉर्टकट से बचना जरूरी है. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और यथार्थवादी लक्ष्य (जैसे सप्ताह में 0.5-1 किलोग्राम वजन कम करना) सबसे असरदार उपाय हैं. डॉक्टर या रजिस्टर्ड डायटीशियन की देखरेख में योजना बनाना चोट और बर्नआउट से बचने में मदद करता है. वजन घटाना केवल स्केल पर नजर रखने का विषय नहीं है. इसका मतलब ताकत, सहनशक्ति और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है.
कलाईयारसी की मौत याद दिलाती है कि इंटरनेट पर लोकप्रियता हमेशा भरोसेमंद नहीं होती. कोई भी नई डाइट, सप्लीमेंट या इलाज अपनाने से पहले हमेशा किसी योग्य हेल्थ प्रोफेशनल्स से सलाह लें. आपकी सेहत और ज़िंदगी अनमोल हैं और बिना वेरिफिकेशन जोखिम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है.