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डुमस आर्ट प्रोजेक्ट 2026 का 11वां संस्करण लॉन्च

Written By: Indianews Webdesk
Last Updated: February 10, 2026 10:27:33 IST

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डुमास आर्ट प्रोजेक्ट का 11वां संस्करण 8 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक VR सूरत में आयोजित किया जा रहा है, जिसकी थीम है – “फ्यूचर इज़ नाउ”

सूरत (गुजरात) [भारत], फरवरी 09: युज फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित डुमस आर्ट प्रोजेक्ट का 11वां संस्करण 8 फरवरी 2026 को ‘द फ्यूचर इज़ नाउ’ थीम के साथ आरंभ हुआ। पद्म भूषण (2010) से सम्मानित प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर डॉ. मल्लिका साराभाई ने पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और टेस्ला की ‘काला कार’ के अनावरण के साथ इस महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अहमदाबाद की दर्पणा अकादमी के छात्रों द्वारा शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति दी गई, जिसके बाद VR सूरत परिसर में स्थापित कला इंस्टॉलेशंस और फाइन आर्ट गैलरी का विशेष अवलोकन कराया गया।

टेस्ला के साथ एक विशेष सहयोग के तहत तैयार की गई ‘टेस्ला काला कार’ इस साझेदारी का प्रमुख आकर्षण है। शहर में टेस्ला की पहली सार्वजनिक प्रस्तुति के रूप में प्रस्तुत यह सहयोग तकनीक, स्थिरता और कला के दुर्लभ संगम को दर्शाता है। इस काला कार को पुरस्कार विजेता कलाकार मितल सोजित्रा ने साकार किया है, जो अपने बड़े पैमाने के सार्वजनिक कला कार्यों और समुदाय-आधारित कलात्मक अभ्यास के लिए जानी जाती हैं।

इस वर्ष डुमस आर्ट प्रोजेक्ट में सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट, मुंबई; महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा; वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय; तथा अनंत नेशनल यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद के छात्रों द्वारा बनाई गई 160 से अधिक इंस्टॉलेशंस, मूर्तियां, पेंटिंग्स और फोटोग्राफ्स प्रदर्शित की जा रही हैं। VR सूरत के बेसमेंट की दीवारों को आर्ट गैलरी में परिवर्तित करते हुए, यह बेसमेंट आर्ट प्रोजेक्ट शहर भर के कलाकारों के कार्यों को प्रदर्शित करता है। आने वाले तीन सप्ताहों में VR सूरत कला गतिविधियों का केंद्र बनेगा, जहां इंस्टॉलेशंस, फाइन आर्ट, फोटोग्राफी प्रदर्शनी, संगीत, रंगमंच, कार्यशालाएं, यंग आर्टिस्ट्स प्रतियोगिता और एक हस्तशिल्प बाजार आयोजित किए जाएंगे।

इस संस्करण में कई महत्वपूर्ण सहयोग शामिल हैं, जो महोत्सव की व्यापक दृष्टि को सशक्त बनाते हैं। यूनेस्को के साथ साझेदारी में ‘पॉकेट्स ऑफ होप’ नामक फोटोग्राफी प्रदर्शनी प्रस्तुत की जा रही है, जो समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र, उनके पारिस्थितिक महत्व और उन पर बढ़ते दबावों की ओर ध्यान आकर्षित करती है। यह प्रदर्शनी प्रोजेक्ट सूरत—एक समुदाय-आधारित पर्यावरण और स्थिरता पहल—के सहयोग से तैयार एक बड़े सस्पेंडेड इंस्टॉलेशन तक विस्तारित होती है। जेलिफ़िश के आकार का यह इंस्टॉलेशन डुमास समुद्र तट से एकत्र किए गए कचरे से बनाया गया है, जो समुद्री कचरे के महासागरीय जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को उजागर करता है और दर्शकों को जिम्मेदार उपभोग और कचरा निपटान पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है।

डुमस आर्ट प्रोजेक्ट की क्यूरेटर सुमी गुप्ता ने कहा,“ग्यारह संस्करणों के बाद भी डुमास आर्ट प्रोजेक्ट सूरत का एकमात्र सार्वजनिक कला मंच बना हुआ है, जो निरंतरता, सहभागिता और कला को सुलभ बनाने की सोच पर आधारित है। जो पहल एक शहर स्तरीय प्रयास के रूप में शुरू हुई थी, वह आज एक व्यापक क्षेत्रीय मंच बन चुकी है, जहां छात्र, स्थापित कलाकार, दर्शक और समुदाय रोजमर्रा के जीवन के हिस्से के रूप में कला से जुड़ते हैं। इस वर्ष की थीम ‘द फ्यूचर इज़ नाउ’ कलाकारों से वर्तमान को कल्पनाशीलता और उद्देश्य के साथ देखने का आह्वान करती है, क्योंकि आज किए गए निर्णय ही आने वाले कल को आकार देते हैं। सार्वजनिक कला महोत्सवों का उद्देश्य पहुंच का विस्तार करना, जनभागीदारी बढ़ाना और सार्थक सहयोगों के माध्यम से सार्वजनिक कला की नागरिक आवाज़ को मजबूत करना है, विशेष रूप से जब यह महोत्सव अपने अगले दशक में प्रवेश कर रहा है।”

यूनेस्को दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के प्राकृतिक विज्ञान इकाई के प्रमुख डॉ. बेन्नो बोएर ने कहा,

“जलवायु लचीलापन जलवायु साक्षरता से शुरू होता है। सशक्त समुदाय समझ पर आधारित होते हैं और समझ साझा कहानियों तथा सुलभ ज्ञान से विकसित होती है। ‘पॉकेट्स ऑफ होप’ यूनेस्को की एक नई चित्रात्मक पुस्तक परियोजना है, जो विश्व बायोस्फियर रिज़र्व नेटवर्क—स्थलीय, तटीय और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्रों तथा वहां रहने वाले समुदायों—को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। डुमास आर्ट प्रोजेक्ट में इसकी फोटोग्राफी प्रदर्शनी और दक्षिण व मध्य एशिया के सभी बायोस्फियर रिज़र्व्स की चित्रात्मक यात्रा के माध्यम से यह परियोजना जिम्मेदार पारिस्थितिकी प्रबंधन और संरक्षण की तात्कालिक आवश्यकता को रेखांकित करती है। विज्ञान और प्रकृति को सांस्कृतिक स्थलों में लाकर, सार्वजनिक कला सहभागिता बढ़ाने, जागरूकता गहराने और सामूहिक जलवायु कार्रवाई को प्रेरित करने का माध्यम बनती है।”

डॉ. मल्लिका साराभाई ने कहा, “कला में चेतना जगाने और परिवर्तन को प्रेरित करने की शक्ति होती है। यह देखना उत्साहजनक है कि डुमास आर्ट प्रोजेक्ट रचनात्मकता को माध्यम बनाकर स्थिरता, पर्यावरण और हमारे सामूहिक भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक दर्शकों को जोड़ रहा है। ऐसे सार्वजनिक कला मंच युवा आवाज़ों को पोषित करते हैं और हमें याद दिलाते हैं कि कला केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि जागरूकता, संवाद और जिम्मेदारी का माध्यम भी है।”

यह कला महोत्सव विविध कलात्मक अभिव्यक्तियों, प्रतिभाओं और रचनात्मक परियोजनाओं को एक मंच पर लाता है। आर्ट गैलरी में स्टूडियो व्हाइट के कार्य प्रदर्शित किए गए हैं, जबकि ‘गुजरात इन फोकस’ के अंतर्गत स्थापित और उभरते फोटोग्राफरों द्वारा खींची गई शहर की तस्वीरें प्रस्तुत की गई हैं। यंग आर्टिस्ट्स प्रोग्राम छात्रों को विभिन्न कलात्मक माध्यमों में प्रयोग, सीखने और अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करता है।

अन्य आकर्षणों में रंगमंच प्रस्तुति तथा मधुबनी, लिप्पन और बंधेज पर कार्यशालाएं शामिल हैं। आर्ट बाज़ार स्थानीय कारीगरों के लिए एक क्यूरेटेड मंच प्रदान करेगा, जहां लाइव संगीत भी होगा।

डुमस

आर्ट रीच के साथ सहयोग को आगे बढ़ाते हुए, डुमास आर्ट प्रोजेक्ट ने हाशिए पर रहने वाले और वंचित समुदायों के बच्चों के लिए तीन वर्षीय कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य निरंतर रचनात्मक सहभागिता को बढ़ावा देना है। प्रतिभागियों की आवश्यकताओं, स्थानीय संदर्भ और महोत्सव की क्यूरेटोरियल थीम से प्रेरित यह कार्यक्रम व्यावहारिक शिक्षण के माध्यम से बुनियादी कला कौशल और आत्म-अभिव्यक्ति को विकसित करेगा। इसमें भाग लेने वाले बच्चे महोत्सव के दौरान अपने कार्य और रचनात्मक प्रक्रिया प्रस्तुत करेंगे।

डुमस आर्ट प्रोजेक्ट का 11वां संस्करण टेस्ला, दर्पणा अकादमी–अहमदाबाद, पिंटुरा आर्ट, प्रोजेक्ट सूरत, डीआरपी एंटरटेनमेंट, पेंट सोशल और एनओएस फोटोग्राफी के सहयोग से संभव हो पाया है।

टेस्ला की ‘काला कार’ व्हाइटफील्ड आर्ट कलेक्टिव के अंतर्गत VR बेंगलुरु तक जाएगी, जिससे इसकी सार्वजनिक कला यात्रा सूरत से आगे बढ़ेगी। अन्य VR स्थलों जैसे VR नागपुर, VR चेन्नई और VR अमृतसर में टेस्ला Model Y प्रदर्शित करेगा। ये सभी प्रस्तुतियाँ सहभागिता के विभिन्न स्वरूपों को दर्शाती हैं और भारत भर के VR केंद्रों में विविध दर्शकों तक तकनीक, स्थिरता और डिज़ाइन से जुड़ी चर्चाओं को पहुंचाती हैं।

सूरत एक ऐसा शहर है जो रचनात्मकता का उत्सव मनाता है, जहां के निवासी विविध कलात्मक अभिव्यक्तियों में उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। यह बात इस महोत्सव की उल्लेखनीय सफलता से स्पष्ट होती है, जिसने अपनी स्थापना से अब तक 40 लाख से अधिक आगंतुकों को आकर्षित किया है।

2013 में स्थापित डुमस आर्ट प्रोजेक्ट गुजरात की विविध कलात्मक अभिव्यक्तियों का जीवंत मंच है। इसे युज फाउंडेशन का समर्थन प्राप्त है और यह VR सूरत की ‘कनेक्टिंग कम्युनिटीज़ ©’ पहल का भी हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नागरिक गर्व को बढ़ावा देना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करना और शहर की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय छवि को सुदृढ़ करना है।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

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