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सार्वजनिक विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय संस्कृत लघु फिल्म प्रशिक्षण कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न

Written By: Indianews Webdesk
Last Updated: March 28, 2026 21:15:34 IST

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सूरत (गुजरात), मार्च 28: गुजरात राज्य संस्कृत बोर्ड, शिक्षा विभाग, गुजरात सरकार, गांधीनगर के मार्गदर्शन में तथा सार्वजनिक विश्वविद्यालय और चुनीलाल गांधी विद्याभवन, सूरत के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 23 से 25 मार्च 2026 तक सार्वजनिक विश्वविद्यालय परिसर में तीन दिवसीय संस्कृत लघु फिल्म प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन गुजरात राज्य संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष श्री हिमांजय पल्लिवाल (मुख्य अतिथि), संस्कृत भारती के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री श्रीश देओपूजारी (विशिष्ट अतिथि) तथा FOSTTA के अध्यक्ष एवं समाजसेवी श्री कैलाश एच. हकीम (विशेष अतिथि) की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम को सार्वजनिक विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री आशीष वकील एवं प्रोवोस्ट प्रो. किरण पंड्या का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।

तीन दिनों के दौरान कुल 15 सघन सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें पटकथा लेखन, अभिनय, संपादन, संगीत एवं फिल्म निर्माण जैसे विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यशाला में संस्कार देसाई, डॉ. चन्नबसवस्वामी हिरेमठ, विहंग मेहता, नारायण पार्वती परसराम, डॉ. संदीप जोशी, डॉ. आनंद पंड्या तथा युवराज कुमार जैसे विशेषज्ञों ने सहभागिता की।

सार्वजनिक

महाराष्ट्र, गुजरात एवं पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने कैमरा अभिनय, एकल प्रदर्शन, पटकथा अभ्यास एवं फिल्म प्रदर्शन चर्चा जैसे प्रायोगिक सत्रों में सक्रिय भागीदारी निभाई। इंटरनेशनल संस्कृत शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल (ISSFF) पर आयोजित विशेष सत्र ने प्रतिभागियों को नई सृजनात्मक संभावनाओं के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला का समापन समाजसेवी एवं Venus Jewel के CEO श्री अनिल शाह तथा अभिनेता-निर्देशक श्री युवराज कुमार की उपस्थिति में हुआ। स्थानीय सलाहकार समिति के अध्यक्ष मयंक त्रिवेदी ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि चुनीलाल गांधी विद्याभवन की निदेशक डॉ. मीता वंसाडिया ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, आयोजकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस कार्यशाला ने आधुनिक रचनात्मक क्षेत्रों में संस्कृत भाषा की बढ़ती प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए सिनेमा के माध्यम से नवाचारपूर्ण कथानक को प्रोत्साहित किया।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

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सूरत (गुजरात), मार्च 28: गुजरात राज्य संस्कृत बोर्ड, शिक्षा विभाग, गुजरात सरकार, गांधीनगर के मार्गदर्शन में तथा सार्वजनिक विश्वविद्यालय और चुनीलाल गांधी विद्याभवन, सूरत के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 23 से 25 मार्च 2026 तक सार्वजनिक विश्वविद्यालय परिसर में तीन दिवसीय संस्कृत लघु फिल्म प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन गुजरात राज्य संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष श्री हिमांजय पल्लिवाल (मुख्य अतिथि), संस्कृत भारती के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री श्रीश देओपूजारी (विशिष्ट अतिथि) तथा FOSTTA के अध्यक्ष एवं समाजसेवी श्री कैलाश एच. हकीम (विशेष अतिथि) की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम को सार्वजनिक विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री आशीष वकील एवं प्रोवोस्ट प्रो. किरण पंड्या का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।

तीन दिनों के दौरान कुल 15 सघन सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें पटकथा लेखन, अभिनय, संपादन, संगीत एवं फिल्म निर्माण जैसे विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यशाला में संस्कार देसाई, डॉ. चन्नबसवस्वामी हिरेमठ, विहंग मेहता, नारायण पार्वती परसराम, डॉ. संदीप जोशी, डॉ. आनंद पंड्या तथा युवराज कुमार जैसे विशेषज्ञों ने सहभागिता की।

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महाराष्ट्र, गुजरात एवं पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने कैमरा अभिनय, एकल प्रदर्शन, पटकथा अभ्यास एवं फिल्म प्रदर्शन चर्चा जैसे प्रायोगिक सत्रों में सक्रिय भागीदारी निभाई। इंटरनेशनल संस्कृत शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल (ISSFF) पर आयोजित विशेष सत्र ने प्रतिभागियों को नई सृजनात्मक संभावनाओं के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला का समापन समाजसेवी एवं Venus Jewel के CEO श्री अनिल शाह तथा अभिनेता-निर्देशक श्री युवराज कुमार की उपस्थिति में हुआ। स्थानीय सलाहकार समिति के अध्यक्ष मयंक त्रिवेदी ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि चुनीलाल गांधी विद्याभवन की निदेशक डॉ. मीता वंसाडिया ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, आयोजकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस कार्यशाला ने आधुनिक रचनात्मक क्षेत्रों में संस्कृत भाषा की बढ़ती प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए सिनेमा के माध्यम से नवाचारपूर्ण कथानक को प्रोत्साहित किया।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

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