Matchmaker Experience: आज के समय में लोग शादी के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म खंगाल रहे हैं. वे मैचमेकर साइट्स से अपनी पसंद की दुल्हन या दूल्हा ढूंढते हैं. हालांकि कई बार वे कुछ ऐसी डिमांड कर जाते हैं, जिसके कारण उन्हें बैन करना पड़ जाता है. इसी तरह एक मैचमेकिंग सर्विस की फाउंडर ने एक रोचक किस्सा शेयर करते हुए बताया कि उन्हें एक 28 साल की महिला को क्लाइंट के तौर पर बैन करना पड़ा. इसकी वजह ये है कि महिला और उसका परिवार न सिर्फ होने वाले दूल्हे की जाति बंगाली ब्राह्मण चाहते थे. साथ ही उनकी डिमांड थी कि लड़के की सैलेरी 1 करोड़ रुपये महीने होनी चाहिए. वहीं महिला खुद सालाना 11 लाख रुपये ही कमाती थी.
25 से 50 लाख कमाने वालों को किया रेजेक्ट
द डेट क्रू की फाउंडर ओएंड्रिला कपूर ने इंस्टाग्राम पर इस उम्मीद को ‘पसंद के नाम पर भ्रम’ बताते हुए पोस्ट किया कि क्लाइंट ने आसान शर्तों के साथ साइन अप किया और फिर हर मैच को रिजेक्ट कर दिया. शुरुआत में महिला और उसके परिवार ने कहा कि उन्हें पढ़ा-लिखा लड़का चाहिए. इस बात पर कपूर की टीम ने Rs 25 से 50 लाख कमाने वाले, स्टेबल करियर और अच्छे फैमिली बैकग्राउंड वाले आदमियों की प्रोफाइल शेयर कीं. हालांकि क्लाइंट की तरफ से हर मैच को एक गोलमोल वजह बताकर रिजेक्ट कर दिया गया. किसी के लिए कहा गया कि वाइब अच्छी नहीं लग रहीं, तो किसी को कोई और वजह से रिजेक्ट कर दिया. इस पर कपूर ने कहा कि वाइब तो सब्जेक्टिव होती हैं लेकिन बिना क्लैरिटी के हर सही प्रोफाइल को रिजेक्ट करना एक गहरी प्रॉब्लम की ओर इशारा करता है.
प्रोफाइल देख हो गए हैरान
इसके बाद उन्होंने इतने सारे रिजेक्शन के बाद एक छोटा सा एक्सपेरिमेंट किया. इसके बाद हमने उनसे ही पूछ लिया कि आप हमें ऐसे लोगों की पोस्ट शेयर करें, जिनसे आप कनेक्ट करना चाहते हैं. इसके बाद उनकी पोस्ट देख हम हैरान रह गए. हमने देखा कि वो लड़की 11 लाख रुपये सालाना कमाती है लेकिन उन्होंने जो भी प्रोफाइल शेयर कीं. उनमें 1 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाले लड़कों की प्रोफाइल थी और हर प्रोफाइल ब्राह्मण थी.
ब्राह्मण पहचान जरूरी
मैचमेकर ने महिला से पूछा कि क्या एक करोड़ रुपये की सैलेरी जरूरी है. इस पर उसने कहा कि नहीं वो उन लड़कों के प्रति फिजिकल रूप से अट्रेक्टेड है. वहीं जब उनसे जाति के बारे में कहा गया, तो उसकी मां ने कहा कि पिता के लिए ब्राह्मण पसंद जरूरी है. हालांकि उन्होंने पहले ये चीजें नहीं बताई थीं.
किया गया बैन
मैचमेकर ने कहा कि परिवार अकसर इस बात को नहीं समझते कि ज्यादा कमाने वाले पुरुष अंधे नहीं होते, वो माता-पिता के दखल और अवास्तविक उम्मीदों को आसानी से समझ जाते हैं. उन लोगों ने बहुत से लड़कों से चुपचाप कॉन्टैक्ट किया, वो सभी उस लेवल पर कमाते थे. हालांकि उनमें से किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई. कपूर ने कहा कि क्लाइंट को आखिरकार अपनी असली उम्मीदों को छिपाने और टॉप 1 परसेंट डेमोग्राफिक के हिसाब से नतीजे मांगते हुए सर्विस का समय बर्बाद करने के लिए बैन कर दिया गया.