मेघालय में अवैध कोयला खनन की बात नई नहीं है. सरकार के रोक लगाने के बावजूद यहाँ खनन कार्य चलता है, जिसकी वजह से कोई न कोई हादसा होता रहता है. हाल ही में मेघालय के ताशखाई क्षेत्र में ऐसे ही अवैध खनन के दौरान खदान में विस्फोट हो गया, जिसमें 10 मजदूरों की मौत हो गयी. यह हादसा 5 फरवरी 2026 को थांगस्कू या ताशखाई क्षेत्र में हुआ, जहां डायनामाइट ब्लास्ट के बाद पहाड़ी आंशिक रूप से ढह गई. घाटी में बचाव अभियान जारी है. ऐसा बताया जा रहा है, कि मरने वाले में ज़्यादातर असम के मजदूर थे. घटना का विवरण यह विस्फोट सुबह के समय हुआ, जब मजदूर अवैध खनन कर रहे थे. शुरुआती रिपोर्ट्स में ऐसा माना जा रहा था कि 4 मजदूरों की मौत हुई है, लेकिन अपडेट्स के अनुसार संख्या 10 तक पहुंच गई. मलबे में अभी भी कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है. ज्यादातर मृतक असम के निवासी बताए जा रहे हैं, जिनमें कटिगारा के बिहारा गांव का एक मजदूर शामिल है. विस्फोट इतना जोरदार था कि पहाड़ी ढह गयी. पहाड़ी के ढहने से स्थिति और गंभीर हो गई. बचाव और राहत कार्य जिला पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने पुष्टि की कि एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल), अग्निशमन दल और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई थीं. एक घायल मजदूर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से शिलांग के अस्पताल रेफर किया गया. पुलिस ने बचाव कार्य तेज कर दिया है, लेकिन खदान की गहराई और मलबे के कारण चुनौतियां हैं. विस्फोट का सटीक कारण जांच का विषय है. अवैध खनन का संदर्भ यह खदान अवैध मानी जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में मेघालय में रैट होल माइनिंग पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन अभी भी वहां अवैध गतिविधियां जारी हैं. ऐसी घटनाएं अक्सर होती हैं, जो मजदूरों की जान ले लेती हैं. सरकार क्षेत्र में वैज्ञानिक खनन की अनुमति देती है, लेकिन अवैध खनन सुरक्षाहीन होता है, जिससे ऐसी दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है. यह हादसा मेघालय के खनन क्षेत्र की सुरक्षा समस्याओं को उजागर करता है. असम से आए मजदूरों की मौत से दोनों राज्यों में शोक की लहर है. स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है तथा पीड़ित परिवारों को सहायता का आश्वासन दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचने के लिए अवैध खनन पर सख्ती जरूरी है.