Atishi on Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा MP राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह पंजाब से पार्टी MP अशोक मित्तल को पार्टी का डिप्टी लीडर बनाया गया है. चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है.राष्ट्रीय समाचार टीवी चैनल इंडिया न्यूज से विशेष बातचीत में आतिशी ने राघव चड्ढा पर तीखा हमला बोला.
आप बीजेपी से क्यों डरते हैं-आतिशी
आतिशी ने कहा, “आज मैं राज्यसभा सासंद राघव चड्ढा से एक सवाल पूछना चाहती हूं. आप बीजेपी से क्यों डरते हैं? आप मोदी जी से सवाल करने से क्यों डरते हैं? आज हमारा देश एक बड़े संकट का सामना कर रहा है. हमारी डेमोक्रेसी और हमारा संविधान खतरे में है. हमारी आंखों के सामने, इलेक्शन कमीशन का गलत इस्तेमाल करके पश्चिम बंगाल के चुनाव चुराए जा रहे हैं, फिर भी आप इस पर सवाल नहीं उठा रहे हैं’.
राघव चढ्ढा जी से मेरे कुछ सवाल . pic.twitter.com/NNMyXYXijs
— Atishi (@AtishiAAP) April 3, 2026
राघव ने क्या कहा?
शुक्रवार को राघव ने पार्टी पर उनकी आवाज दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने अपने X-हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा, “जब भी मुझे पार्लियामेंट में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं, और शायद मैं ऐसे टॉपिक भी उठाता हूं जो आम तौर पर पार्लियामेंट में नहीं उठाए जाते. लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना गुनाह है? क्या मैंने कोई गुनाह किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आपने राज्यसभा सेक्रेटेरिएट से राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने से रोकने के लिए कहा है.”
उन्होंने कहा, “अब कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? मैं जब भी बोलता हूं, देश के आम आदमी के लिए बोलता हूं.” एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा, ज़ोमैटो-ब्लिंकिट डिलीवरी राइडर्स की दिक्कतें, खाने में मिलावट, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, कंटेंट क्रिएटर्स की हड़ताल, और टेलीकॉम कंपनियों का 12 महीने में 13 बार रिचार्ज करने का मुद्दा, जैसे दूसरे मुद्दे पार्लियामेंट में उठाए गए हैं.
आप नेता ने कहा कि इन मुद्दों को उठाने से आम आदमी को तो फ़ायदा हुआ, लेकिन इससे आम आदमी पार्टी को क्या नुकसान हुआ? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? कोई मेरी आवाज़ क्यों दबाना चाहेगा? खैर, आप लोग मुझे बहुत प्यार देते हैं. जब भी मैं आपके मुद्दे उठाता हूँ, आप मेरी हिम्मत बढ़ाते हैं, और इसके लिए मैं आप सबका शुक्रगुज़ार हूँ.