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Home > देश > सुशांत राजपूत की बहन… जिसने समाज की बेड़ियां तोड़ मां की चिता को दी अग्नि, CPI से लड़ा चुनाव, अब सादगी से शादी

सुशांत राजपूत की बहन… जिसने समाज की बेड़ियां तोड़ मां की चिता को दी अग्नि, CPI से लड़ा चुनाव, अब सादगी से शादी

Divya Gautam Unique Wedding: आमतौर पर लोग दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत की चार बहनें- श्वेता सिंह कीर्ति, मीतू सिंह, प्रियंका सिंह और नीतू सिंह को ही जानते हैं. फिर हाल में सूरज कुमार पांडे से शादी करने वाली दिव्या गौतम कौन हैं. कैसे बनाई उन्होंने अपनी पहचान. आइए जानते हैं दिव्या गौतम के बारे में-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: March 10, 2026 15:08:48 IST

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Divya Gautam Unique Wedding: हाल ही में दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम ने बेहद सादगी से शादी रचाई. इस शादी की खासियत यही थी, कि इसमें न कोई ढोल-नगाड़ा था और न ही किसी मुहूर्त का विचरण था. आमतौर पर लोग सुशांत सिंह की चार बहनें- श्वेता सिंह कीर्ति, मीतू सिंह, प्रियंका सिंह और नीतू सिंह को ही जानते हैं. फिर ये दिव्या गौतम कौन हैं, जिन्होंने दो दिन पहले ही सूरज कुमार पांडेय से विवाह रचाया. आपको बता दें कि, दिव्या गौतम सुशांत सिंह राजपूत की ममेरी बहन हैं. 2017 में उनकी मां के देहांत के बाद दिव्या ने लंबे संघर्षों के बाद अपनी पहचान बनाई. आइए जानते हैं सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम के बारे में-

दिव्या का छात्र से छात्र नेता बनने तक का सफर

सहरसा जिले में जन्मी दिव्या पटना यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन हैं. इसके बाद उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, हैदराबाद से वूमेन स्टडीज में मास्टर्स किया. फिर उनका प्लेसमेंट झारखंड के रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट में बतौर डेवलपमेंट कम्युनिकेशन ऑफिसर हुआ. बता दें कि, दिव्या पटना यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव में आइसा की कैंडिडेट भी रह चुकी हैं. बतौर असिस्टेंट प्रोफ़ेसर, शोधार्थी और थिएटर कलाकार के रूप में दिव्या पहचान रखती हैं.

समाज की बेड़ियां तोड़ मां की चिता को दी अग्नि 

साल 2017 में दिव्या की मां का देहांत हो गया था. समाज में चर्चा थी कि, मां की चिता को बेटा ही मुखाग्नि देगा. इससे दिव्या काफी परेशान हो गईं. बाद उन्होंने समाज की परंपरागत बेड़ियों को तोड़ते हुए खुद अपनी मां की चिता को अग्नि दी. इसके बाद मां के सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने बीपीएससी की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफल भी रहीं. हालांकि, उन्होंने सरकारी अधिकारी बनने के बजाय प्रोफेसर बनने का रास्ता चुना.

सीपीआई से 2025 में चुनावी रण में कूदीं

आपको बता दें कि 2025 चुनाव के दौरान दिव्या गौतम, पटना में दीघा विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन की उम्मीदवार रह चुकी हैं. वह सीपीआई(एमएल) से ताल्लुक रखती हैं. दिव्या लंबे समय से वाम राजनीति से जुड़ी हुई हैं. पटना विश्वविद्यालय के पटना कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है.  साथ ही वो सुशांत सिंह राजपूत की ममेरी बहन भी हैं.

महिला दिवस 2026 पर दिव्या ने चुना हमसफर

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम ने महिला दिवस के मौके पर सूरज कुमार पांडेय को हमसफर चुन लिया. सबसे खास बात यह रही कि शादी का निमंत्रण कार्ड भी बेहद अनोखा और संदेश देने वाला छपवाया गया. यह शादी कोर्ट मैरिज रही. सब रजिस्ट्रार ने अपने सामने दोनों को एक दूसरे को माला पहनवाई और शादी का प्रमाण-पत्र सौंपा.

सावित्री बाई और ज्योति राव की तस्वीर के साथ संदेश

कोर्ट मैरिज के दौरान उनके हाथों में सावित्री बाई फुले और ज्योति राव फुले की तस्वीर थी. फोटो फ्रेम में नीचे लिखा संदेश भी इन्हीं के विचारों से जुड़ा है. अज्ञानता मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है, ज्ञान से अज्ञानता को खत्म करो. शिक्षा, समानता और सामाजिक जागरूकता का संदेश देने वाली यह शादी रही. आपको बता दें कि सावित्रीबाई फुले को भारत की पहली महिला शिक्षिका माना जाता है. ज्योतिराव फुले ने समाज में जाति भेद, महिला शिक्षा और सामाजिक समानता के लिए बड़ा आंदोलन चलाया था.

चर्चा में रहा इनविटेशन कार्ड

दिव्या गौतम और सूरज कुमार पांडेय के वेडिंग रिसेप्शन का इनविटेशन कार्ड में काफी चर्चा का विषय रहा. कार्ड की शुरुआत में लिखा है कि किसी व्यक्ति को अपनी पसंद से शादी करने का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का हिस्सा है. इसी अधिकार का जिक्र करते हुए दूल्हा-दुल्हन ने कहा है कि वे खुश हैं कि उन्होंने एक-दूसरे को चुना है.

दिव्या और सूरज पांडेय की मुलाकात

इसके बाद लिखा है कि दो कलाकारों की प्रेम कहानी मंच (थिएटर) से शुरू हुई, जहां साथ काम करते-करते यह रिश्ता साझा सपनों और जीवन की साझेदारी में बदल गया. इस कार्ड की सबसे खास बात यह है कि इसमें संविधान के अधिकार और थिएटर से शुरू हुई प्रेम कहानी को जोड़कर शादी का निमंत्रण दिया गया है.

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Written By: Lalit Kumar
Last Updated: March 10, 2026 15:08:48 IST

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Divya Gautam Unique Wedding: हाल ही में दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम ने बेहद सादगी से शादी रचाई. इस शादी की खासियत यही थी, कि इसमें न कोई ढोल-नगाड़ा था और न ही किसी मुहूर्त का विचरण था. आमतौर पर लोग सुशांत सिंह की चार बहनें- श्वेता सिंह कीर्ति, मीतू सिंह, प्रियंका सिंह और नीतू सिंह को ही जानते हैं. फिर ये दिव्या गौतम कौन हैं, जिन्होंने दो दिन पहले ही सूरज कुमार पांडेय से विवाह रचाया. आपको बता दें कि, दिव्या गौतम सुशांत सिंह राजपूत की ममेरी बहन हैं. 2017 में उनकी मां के देहांत के बाद दिव्या ने लंबे संघर्षों के बाद अपनी पहचान बनाई. आइए जानते हैं सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम के बारे में-

दिव्या का छात्र से छात्र नेता बनने तक का सफर

सहरसा जिले में जन्मी दिव्या पटना यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन हैं. इसके बाद उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, हैदराबाद से वूमेन स्टडीज में मास्टर्स किया. फिर उनका प्लेसमेंट झारखंड के रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट में बतौर डेवलपमेंट कम्युनिकेशन ऑफिसर हुआ. बता दें कि, दिव्या पटना यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव में आइसा की कैंडिडेट भी रह चुकी हैं. बतौर असिस्टेंट प्रोफ़ेसर, शोधार्थी और थिएटर कलाकार के रूप में दिव्या पहचान रखती हैं.

समाज की बेड़ियां तोड़ मां की चिता को दी अग्नि 

साल 2017 में दिव्या की मां का देहांत हो गया था. समाज में चर्चा थी कि, मां की चिता को बेटा ही मुखाग्नि देगा. इससे दिव्या काफी परेशान हो गईं. बाद उन्होंने समाज की परंपरागत बेड़ियों को तोड़ते हुए खुद अपनी मां की चिता को अग्नि दी. इसके बाद मां के सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने बीपीएससी की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफल भी रहीं. हालांकि, उन्होंने सरकारी अधिकारी बनने के बजाय प्रोफेसर बनने का रास्ता चुना.

सीपीआई से 2025 में चुनावी रण में कूदीं

आपको बता दें कि 2025 चुनाव के दौरान दिव्या गौतम, पटना में दीघा विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन की उम्मीदवार रह चुकी हैं. वह सीपीआई(एमएल) से ताल्लुक रखती हैं. दिव्या लंबे समय से वाम राजनीति से जुड़ी हुई हैं. पटना विश्वविद्यालय के पटना कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है.  साथ ही वो सुशांत सिंह राजपूत की ममेरी बहन भी हैं.

महिला दिवस 2026 पर दिव्या ने चुना हमसफर

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम ने महिला दिवस के मौके पर सूरज कुमार पांडेय को हमसफर चुन लिया. सबसे खास बात यह रही कि शादी का निमंत्रण कार्ड भी बेहद अनोखा और संदेश देने वाला छपवाया गया. यह शादी कोर्ट मैरिज रही. सब रजिस्ट्रार ने अपने सामने दोनों को एक दूसरे को माला पहनवाई और शादी का प्रमाण-पत्र सौंपा.

सावित्री बाई और ज्योति राव की तस्वीर के साथ संदेश

कोर्ट मैरिज के दौरान उनके हाथों में सावित्री बाई फुले और ज्योति राव फुले की तस्वीर थी. फोटो फ्रेम में नीचे लिखा संदेश भी इन्हीं के विचारों से जुड़ा है. अज्ञानता मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है, ज्ञान से अज्ञानता को खत्म करो. शिक्षा, समानता और सामाजिक जागरूकता का संदेश देने वाली यह शादी रही. आपको बता दें कि सावित्रीबाई फुले को भारत की पहली महिला शिक्षिका माना जाता है. ज्योतिराव फुले ने समाज में जाति भेद, महिला शिक्षा और सामाजिक समानता के लिए बड़ा आंदोलन चलाया था.

चर्चा में रहा इनविटेशन कार्ड

दिव्या गौतम और सूरज कुमार पांडेय के वेडिंग रिसेप्शन का इनविटेशन कार्ड में काफी चर्चा का विषय रहा. कार्ड की शुरुआत में लिखा है कि किसी व्यक्ति को अपनी पसंद से शादी करने का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का हिस्सा है. इसी अधिकार का जिक्र करते हुए दूल्हा-दुल्हन ने कहा है कि वे खुश हैं कि उन्होंने एक-दूसरे को चुना है.

दिव्या और सूरज पांडेय की मुलाकात

इसके बाद लिखा है कि दो कलाकारों की प्रेम कहानी मंच (थिएटर) से शुरू हुई, जहां साथ काम करते-करते यह रिश्ता साझा सपनों और जीवन की साझेदारी में बदल गया. इस कार्ड की सबसे खास बात यह है कि इसमें संविधान के अधिकार और थिएटर से शुरू हुई प्रेम कहानी को जोड़कर शादी का निमंत्रण दिया गया है.

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