Ajit Pawar Family Details: अजीत पवार महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में ताल्लुक रखते थे, जिनकी बारामती और राज्य की राजनीति में गहरी पकड़ थी. उनके निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर छा गई है. उनके परिवार में कई पीढ़ियों के नेता शामिल हैं, जिनका शरद पवार के राजनीतिक वंश से गहरा संबंध है. अजित पवार के निजी परिवार की बात करें, तो इसमें उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार, बेटा पार्थ पवार और जय पवार शामिल हैं.
पवार परिवार की उत्पत्ति
पवार परिवार की जड़ें ग्रामीण महाराष्ट्र में हैं, जिसका मुख्य केंद्र बारामती है, जो एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और कृषि प्रधान क्षेत्र है. शरद पवार इसी पृष्ठभूमि से उभरे और राज्य के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक बने. समय के साथ शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने भी राजनीति में अपना वर्चस्व बनाया. अजीत पवार राज्य के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक से आते थे. उनके परिवार में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और उनके दो बेटे पार्थ और जय शामिल हैं।
अजित पवार की पत्नी
अजीत पवार का विवाह सुनेत्रा पवार से हुआ था, जो अक्सर राजनीतिक रैलियों और कार्यक्रमों में उनके साथ रहती थीं. सुनेत्रा उनके राजनीतिक जीवन में हमेशा साथ रही हैं. आपको बता दें कि सुनेत्रा एक समाजसेवी के तौर पर एक्टिव रहती हैं.
अजित पवार के बेटे
अजीत पवार के दो बेटे हैं. बड़ा बेटे पार्थ पवार, जिन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने का प्रयास किया. पार्थ को 2019 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. इस कारण वो सक्रिय राजनीति से दूर हो गए. वही अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार भी राजनीतिक सक्रियता से कोसों दूर हैं. यानि की ये कहा जा सकता है उनके दोनों बेटे सार्वजनिक क्षेत्र में बहुत कम एक्टिव हैं. दोनों बेटे बिजनेस करते हैं.
अजीत पवार के माता-पिता
अनंतराव पवार, जो अजीत पवार के पिता थे और शरद पवार के छोटे भाई थे. अनंतराव पवार ने अपना जीवन कृषि और सामाजिक सेवा के लिए समर्पित कर दिया क्योंकि वे राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहते थे. वहीं अजित प्यार की मां, आशाताई पवार थीं, जो सार्वजनिक दुनिया से काफी दूर रहना पसंद करती थी.
क्या है शरद पवार से संबंध?
एनसीपी के संस्थापक शरद पवार, जिनका अपने भतीजे अजीत पवार के साथ राजनीतिक संबंध रहा है और जो एक भारतीय राजनीतिज्ञ के रूप में कार्यरत हैं. अजीत पवार और उनके चाचा शरद पवार के बीच का संबंध महाराष्ट्र की राजनीति में एक आदर्श रहा है. साल 2023 में एनसीपी का विभाजन हो गया था, क्योंकि दोनों की विचारधाराओं में अंतर था. हालांकि इसके बाद भी दोनों पारिवारिक तौर पर साथ देखे जाते थे.