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Ajit Pawar Supporter: कौन हैं विलास जोडापे, जिन्होंने ‘दादा’ अजित पवार को दी अनोखी श्रद्धांजली?

Vilas Jodape: नागपुर जिले की उमरेड तहसील के रहने वाले और अजीत पवार के कट्टर समर्थक माने जाने वाले विलास जोडापे ने अपने नेता को एक अनोखी श्रद्धांजलि दी.

Written By: Shristi S
Last Updated: January 30, 2026 21:14:25 IST

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Ajit Pawar Supporter Tribute: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) का बुधवार बारामती (Baramati) में प्लैन क्रैश Plan Crash) से निधन हो गया. उनकी मौत ने राजनीति के साथ-साथ उनके चाहनेवालों के बीच गमगीन महौल बना दिया है. इसी कड़ी में आज हम बात करने जा रहे है नागपुर के एक ऐसे कार्यकर्ता के बारे में जिसने अजित पवार की मौत के बाद काफी भावुक कदम उठाया है और अपने नेता को एक अनोखी श्रद्धांजली अर्पित की. 

कौन हैं विलास जोडापे?

नागपुर जिले की उमरेड तहसील के रहने वाले और अजित पवार के कट्टर समर्थक माने जाने वाले विलास जोडापे ने अपने नेता को एक अनोखी श्रद्धांजलि दी. उन्होंने बारामती के पास नीरा नदी के किनारे अपना सिर मुंडवाया और अपने बाल ‘दादा’ (अजित पवार) को अर्पित किए. विलास ज़ोडापे अजित पवार के एक वफादार कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं. 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले, विलास ने एक कसम खाई थी कि जब तक अजीत पवार मुख्यमंत्री नहीं बन जाते, मैं अपने बाल नहीं कटवाऊंगा.

अजित पवार ने दी ये सलाह

नागपुर के शीतकालीन सत्र के दौरान, जब अजित दादा को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने विलास को कुछ सीधी सलाह दी. दादा ने कहा कि विलास, मेरे मुख्यमंत्री बनने का तुम्हारे बाल बढ़ाने से कोई लेना-देना नहीं है. लोकतंत्र में, मुख्यमंत्री बनने के लिए संख्या की जरूरत होती है. तुम्हारे जैसे कार्यकर्ताओं को विधायक बनना चाहिए. बाल बढ़ाने से लोगों को यह भी पता नहीं चलेगा कि तुम आदमी हो या औरत, और इसके ऊपर तुम्हें बालों के तेल पर ज़्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे… लोगों के लिए काम करना और संगठन को मज़बूत करना बेहतर होगा.

विलास जोडापे अंतिम संस्कार में परिवार सहित हुए शामिल

विलास 28 तारीख की सुबह अजित दादा से मिलने मुंबई आए थे, लेकिन उनके आने के कुछ ही समय बाद, दादा की मौत की दुखद खबर आई. विलास फिर सीधे मुंबई से बारामती चले गए. उन्होंने अपनी पत्नी और दो बच्चों को भी नागपुर से बारामती बुलाया, और पूरा परिवार अंतिम संस्कार में शामिल हुआ. चूंकि अजित दादा अब इस दुनिया में नहीं हैं, इसलिए विलास ने दादा के मुख्यमंत्री बनने के लिए बढ़ाए गए बालों को उनकी याद में श्रद्धांजलि के रूप में अर्पित करने का फैसला किया. दादा के अंतिम संस्कार के बाद, विलास ने बारामती में नीरा नदी के संगम पर अपना सिर मुंडवाया और अपने प्यारे नेता को श्रद्धांजलि के रूप में अपने बाल अर्पित किए.

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Vilas Jodape: नागपुर जिले की उमरेड तहसील के रहने वाले और अजीत पवार के कट्टर समर्थक माने जाने वाले विलास जोडापे ने अपने नेता को एक अनोखी श्रद्धांजलि दी.

Written By: Shristi S
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Ajit Pawar Supporter Tribute: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) का बुधवार बारामती (Baramati) में प्लैन क्रैश Plan Crash) से निधन हो गया. उनकी मौत ने राजनीति के साथ-साथ उनके चाहनेवालों के बीच गमगीन महौल बना दिया है. इसी कड़ी में आज हम बात करने जा रहे है नागपुर के एक ऐसे कार्यकर्ता के बारे में जिसने अजित पवार की मौत के बाद काफी भावुक कदम उठाया है और अपने नेता को एक अनोखी श्रद्धांजली अर्पित की. 

कौन हैं विलास जोडापे?

नागपुर जिले की उमरेड तहसील के रहने वाले और अजित पवार के कट्टर समर्थक माने जाने वाले विलास जोडापे ने अपने नेता को एक अनोखी श्रद्धांजलि दी. उन्होंने बारामती के पास नीरा नदी के किनारे अपना सिर मुंडवाया और अपने बाल ‘दादा’ (अजित पवार) को अर्पित किए. विलास ज़ोडापे अजित पवार के एक वफादार कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं. 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले, विलास ने एक कसम खाई थी कि जब तक अजीत पवार मुख्यमंत्री नहीं बन जाते, मैं अपने बाल नहीं कटवाऊंगा.

अजित पवार ने दी ये सलाह

नागपुर के शीतकालीन सत्र के दौरान, जब अजित दादा को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने विलास को कुछ सीधी सलाह दी. दादा ने कहा कि विलास, मेरे मुख्यमंत्री बनने का तुम्हारे बाल बढ़ाने से कोई लेना-देना नहीं है. लोकतंत्र में, मुख्यमंत्री बनने के लिए संख्या की जरूरत होती है. तुम्हारे जैसे कार्यकर्ताओं को विधायक बनना चाहिए. बाल बढ़ाने से लोगों को यह भी पता नहीं चलेगा कि तुम आदमी हो या औरत, और इसके ऊपर तुम्हें बालों के तेल पर ज़्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे… लोगों के लिए काम करना और संगठन को मज़बूत करना बेहतर होगा.

विलास जोडापे अंतिम संस्कार में परिवार सहित हुए शामिल

विलास 28 तारीख की सुबह अजित दादा से मिलने मुंबई आए थे, लेकिन उनके आने के कुछ ही समय बाद, दादा की मौत की दुखद खबर आई. विलास फिर सीधे मुंबई से बारामती चले गए. उन्होंने अपनी पत्नी और दो बच्चों को भी नागपुर से बारामती बुलाया, और पूरा परिवार अंतिम संस्कार में शामिल हुआ. चूंकि अजित दादा अब इस दुनिया में नहीं हैं, इसलिए विलास ने दादा के मुख्यमंत्री बनने के लिए बढ़ाए गए बालों को उनकी याद में श्रद्धांजलि के रूप में अर्पित करने का फैसला किया. दादा के अंतिम संस्कार के बाद, विलास ने बारामती में नीरा नदी के संगम पर अपना सिर मुंडवाया और अपने प्यारे नेता को श्रद्धांजलि के रूप में अपने बाल अर्पित किए.

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