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Amaravati: आंध्र प्रदेश का दिल बना अमरावती! मिली राजधानी की हैसियत, जानें क्यों है इतना खास ?

Andhra Pradesh Capital Amaravati: क्या आप जानते हैं कि अमरावती अब आधिकारिक तौर पर आंध्र प्रदेश की राजधानी है? जी हाँ! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 को अपनी मंज़ूरी दे दी है. केंद्रीय कानून मंत्रालय ने एक राजपत्र अधिसूचना जारी की है.

Written By: Heena Khan
Last Updated: April 7, 2026 10:06:17 IST

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Andhra Pradesh Capital Amaravati: क्या आप जानते हैं कि अमरावती अब आधिकारिक तौर पर आंध्र प्रदेश की राजधानी है? जी हाँ! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 को अपनी मंज़ूरी दे दी है. केंद्रीय कानून मंत्रालय ने एक राजपत्र अधिसूचना जारी की है, जिसके बाद ये फ़ैसला औपचारिक हो गया है. संसद ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 में संशोधन को पारित किया था.

संसद ने संशोधन विधेयक को मंज़ूरी दी

आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों में बदलाव के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पेश किए गए संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों ने 1 और 2 अप्रैल को मंज़ूरी दे दी. यह कानून अमरावती को राज्य की राजधानी के तौर पर पूर्ण कानूनी दर्जा देता है, जो 2 जून, 2024 से पूर्वव्यापी रूप से प्रभावी है. यह कदम आंध्र प्रदेश विधानसभा द्वारा 28 मार्च को पारित एक प्रस्ताव के बाद उठाया गया है, जिसमें केंद्र से अमरावती को औपचारिक रूप से राजधानी के तौर पर मान्यता देने का आग्रह किया गया था.

अमरावती का ऐतिहासिक महत्व 

अमरावती बौद्ध धर्म के इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र रहा है. यहाँ स्थित अमरावती स्तूप (जिसे महाचैत्य भी कहा जाता है) प्राचीन भारत के सबसे बड़े और भव्य स्तूपों में से एक था, जिसका निर्माण मुख्यतः सातवाहन वंश के शासनकाल में हुआ. यह स्थान दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर तीसरी शताब्दी ईस्वी तक बौद्ध शिक्षा, कला और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा. अमरावती की शिल्पकला, जिसे अमरावती कला शैली कहा जाता है, अपनी सूक्ष्म नक्काशी और बुद्ध के जीवन से संबंधित दृश्यों के चित्रण के लिए प्रसिद्ध है. यहाँ से बौद्ध धर्म के हीनयान और महायान दोनों परंपराओं के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान मिला, जिससे यह स्थल न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया.

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दिल्ली से अमरावती कितना दूर है ?

बता दें कि दिल्ली से अमरावती की दूरी लगभग 1,100–1,200 किलोमीटर है. वहीँ अगर आप हवाई यात्रा करते हैं तो सीधी फ्लाइट कम मिलती हैं, जबकि नागपुर सबसे नजदीकी एयरपोर्ट माना जाता है. बता दें कि कनेक्टिंग फ्लाइट से करीब 4–6 घंटे में पहुंच सकते हैं; ट्रेन से सफर करने पर लगभग 18–24 घंटे लगते हैं, क्योंकि यह लंबी दूरी की यात्रा है; वहीं सड़क मार्ग (बस या कार) से जाने पर करीब 20–24 घंटे लग सकते हैं, ट्रैफिक और रास्ते के अनुसार समय बदल सकता है. इसलिए सबसे तेज़ तरीका फ्लाइट है, जबकि ट्रेन किफायती और आम विकल्प माना जाता है.

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Last Updated: April 7, 2026 10:06:17 IST

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Andhra Pradesh Capital Amaravati: क्या आप जानते हैं कि अमरावती अब आधिकारिक तौर पर आंध्र प्रदेश की राजधानी है? जी हाँ! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 को अपनी मंज़ूरी दे दी है. केंद्रीय कानून मंत्रालय ने एक राजपत्र अधिसूचना जारी की है, जिसके बाद ये फ़ैसला औपचारिक हो गया है. संसद ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 में संशोधन को पारित किया था.

संसद ने संशोधन विधेयक को मंज़ूरी दी

आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों में बदलाव के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पेश किए गए संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों ने 1 और 2 अप्रैल को मंज़ूरी दे दी. यह कानून अमरावती को राज्य की राजधानी के तौर पर पूर्ण कानूनी दर्जा देता है, जो 2 जून, 2024 से पूर्वव्यापी रूप से प्रभावी है. यह कदम आंध्र प्रदेश विधानसभा द्वारा 28 मार्च को पारित एक प्रस्ताव के बाद उठाया गया है, जिसमें केंद्र से अमरावती को औपचारिक रूप से राजधानी के तौर पर मान्यता देने का आग्रह किया गया था.

अमरावती का ऐतिहासिक महत्व 

अमरावती बौद्ध धर्म के इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र रहा है. यहाँ स्थित अमरावती स्तूप (जिसे महाचैत्य भी कहा जाता है) प्राचीन भारत के सबसे बड़े और भव्य स्तूपों में से एक था, जिसका निर्माण मुख्यतः सातवाहन वंश के शासनकाल में हुआ. यह स्थान दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर तीसरी शताब्दी ईस्वी तक बौद्ध शिक्षा, कला और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा. अमरावती की शिल्पकला, जिसे अमरावती कला शैली कहा जाता है, अपनी सूक्ष्म नक्काशी और बुद्ध के जीवन से संबंधित दृश्यों के चित्रण के लिए प्रसिद्ध है. यहाँ से बौद्ध धर्म के हीनयान और महायान दोनों परंपराओं के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान मिला, जिससे यह स्थल न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया.

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दिल्ली से अमरावती कितना दूर है ?

बता दें कि दिल्ली से अमरावती की दूरी लगभग 1,100–1,200 किलोमीटर है. वहीँ अगर आप हवाई यात्रा करते हैं तो सीधी फ्लाइट कम मिलती हैं, जबकि नागपुर सबसे नजदीकी एयरपोर्ट माना जाता है. बता दें कि कनेक्टिंग फ्लाइट से करीब 4–6 घंटे में पहुंच सकते हैं; ट्रेन से सफर करने पर लगभग 18–24 घंटे लगते हैं, क्योंकि यह लंबी दूरी की यात्रा है; वहीं सड़क मार्ग (बस या कार) से जाने पर करीब 20–24 घंटे लग सकते हैं, ट्रैफिक और रास्ते के अनुसार समय बदल सकता है. इसलिए सबसे तेज़ तरीका फ्लाइट है, जबकि ट्रेन किफायती और आम विकल्प माना जाता है.

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