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Anupama Singh Slams Pakistan: पाकिस्तान ने यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स काउंसिल के 55वें सेशन में हमेशा की तरह इस बार भी कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश की, लेकिन इंडियन डिप्लोमैट अनुपमा सिंह ने पाक को ऐसी लताड़ लगाई जिसे सुन दुनिया हैरान रह गई. अनुपमा ने साफ-साफ कहा कि पाकिस्तान ला-ला लैंड में जी रहे है, जिसका मतलब होता है कल्पना. उन्होंने न सिर्फ पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा को गलत बताया, बल्कि उसकी गरीबी और जम्मू-कश्मीर की खुशहाली के बीच का बड़ा फर्क भी बताया, जो पाकिस्तान से बिल्कुल अलग है.
पाकिस्तान IMF से भीख मांग रहा- अनुपमा सिंह
अनुपमा सिंह ने सीधे पाकिस्तान की आर्थिक हालत पर हमला करते हुए कहा कि शायद पाकिस्तान को यह यकीन करना मुश्किल हो रहा है कि अकेले जम्मू-कश्मीर का डेवलपमेंट बजट उस पूरे बेलआउट पैकेज से दोगुने से भी ज़्यादा है जिसके लिए पाकिस्तान IMF से भीख मांग रहा है. उन्होंने आगे मज़ाक में कहा कि अगर पाकिस्तान दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज, चिनाब ब्रिज को नकली मानता है, तो वह साफ तौर पर एक ऐसी काल्पनिक दुनिया में जी रहा है जो असलियत से बहुत दूर है.
OIC ने भी लगाई फटकार
भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) की भी आलोचना की, जो उसकी भावनाओं को दिखाता है. अनुपमा सिंह ने कहा कि OIC पूरी तरह से एक देश (पाकिस्तान) के प्रोपेगैंडा का गुलाम बन गया है. यह ऑर्गनाइजेशन अब सिर्फ एक इको चैंबर बन गया है जो पाकिस्तान की राजनीतिक मजबूरियों को दिखाता है.
जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा- अनुपमा
पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा को फैक्ट्स से कुचलते हुए, भारतीय डिप्लोमैट ने साफ कहा कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा. कोई भी झूठा प्रोपेगैंडा इस सच्चाई को नहीं बदल सकता. इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट 1947 के तहत कश्मीर का भारत में शामिल होना पूरी तरह से कानूनी और अंतिम है. अब, अगर कोई मुद्दा बचा है, तो वह POK पर पाकिस्तान का गैर-कानूनी कब्जा है. पाकिस्तान को जल्द से जल्द उन इलाकों को खाली कर देना चाहिए. अनुपमा सिंह ने कश्मीर में रिकॉर्ड वोटिंग का हवाला देते हुए कहा कि वहां के लोगों ने पाकिस्तान की हिंसा और आतंकवाद की सोच को पूरी तरह से नकार दिया है. कश्मीर अब विकास और लोकतंत्र की राह पर है.