Arjun Spy Eagle: ‘अर्जुन’ नाम का एक बाज है, जिसे भारतीय सेना पाकिस्तानी जासूसी ड्रोन और क्वाडकॉप्टरों का पता लगाने के लिए प्रयोग करती है. अर्जुन को पहली बार 2022 में उत्तराखंड के औली में एक सैन्य अभ्यास के दौरान दुनिया के सामने पेश किया गया था. आखिर किस तरह करता है ये भारत की सुरक्षा.
क्या है अर्जुन की खासियत?
अर्जुन हवा में उड़ रहे छोटे ड्रोनों का पता लगा सकता है और अपने पंजों से उनके प्रोपेलर पर हमला करके उन्हें मार गिरा सकता है. अर्जुन के शरीर पर लगा एक छोटा कैमरा सैनिकों को सीमा की वास्तविक समय की फुटेज उपलब्ध कराने में मदद करता है.
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कैसे करता है काम?
अर्जुन दूर से ड्रोन का पता लगाने के लिए ट्रेंड कुत्तों के साथ काम करता है. जब कुत्ते भौंकते हैं, तो सैनिक अर्जुन को ड्रोन की ओर भेजते हैं. अर्जुन ड्रोन की गति और दिशा का सटीक पता लगाने और अपने पंजों से उन्हें फंसाकर निष्क्रिय करने में माहिर है. इस बाज की तेज नजर सेना के लिए रडार से बच निकलने वाले छोटे ड्रोनों का पता लगाने में बहुत मददगार साबित होती है.
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कब किया गया था इसका पहली बार प्रयोग?
अर्जुन को पहली बार 2022 में उत्तराखंड के औली में एक सैन्य अभ्यास के दौरान दुनिया के सामने पेश किया गया था. भारत के रिमाउंट वेटरनरी कोर, जो सेना के सभी जानवरों के पालन-पोषण और प्रशिक्षण के लिए जिम्मेदार है. उन्होंने ही पहली बार 2022 में ड्रोन को नष्ट करने के लिए चीलों का उपयोग करने का प्रयास किया था. साथ ही आपको बता दें कि इसका पहला प्रयोग मेरठ में हुआ था.
सेना की बढ़ी ताकत
इस अर्जुन ने भारतीय सेना की ताकत को दोगुना करने का काम किया है. आजकल आसमान से दुश्मन ज्यादा टारगेट करता है. इस वजह से ये बाज सिर्फ एक पक्षी नहीं है, बल्कि एक मिसाइल की तरह काम कर रहा है.