Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में एक नाम आजकल चर्चा में है. जिसका नाम अशोक खरात है. इसको लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि अशोक खरात ने महिलाओं को हाथ की सफाई, मनोवैज्ञानिक दबाव और वैज्ञानिक तरकीबों के माध्यम से लोगों को खासकर महिलाओं को अपने प्रभाव में लेता था.
जांच एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, वह सबसे पहले पीड़ितों की मानसिक स्थिति का आकलन करता था. फिर वह उनमें डर पैदा करके, अंधविश्वास का फायदा उठाकर और दैवीय शक्तियों का भ्रम पैदा करके उन्हें अपने काबू में कर लेता था. पहले भी कई मामलों में उसने देवचा कोप (दैवीय प्रकोप या भगवान की नाराज़गी) जैसी धमकियां देकर लोगों को दबाव में रखने की कोशिश की थी.
कैसे हुआ खुलासा?
नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक ने इस पूरे मामले को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. उनके अनुसार, पुलिस के पास जो वीडियो थे, वे लीक हुए वीडियो नहीं थे. असल में अशोक खरात के ऑफिस बॉय ने चुपके से कुछ वीडियो अपने पास रख लिए थे और बाद में यही क्लिप्स वायरल हो गए. इस खुलासे से मामला और भी गंभीर हो जाता है, क्योंकि इससे यह साफ हो जाता है कि यह मुद्दा सिर्फ बाहरी निगरानी का नहीं है, बल्कि यह आंतरिक नेटवर्क में ही आई गड़बड़ी की ओर भी इशारा करता है.
जांच में हुआ ये खुलासा
पुलिस की जांच में पता चला कि ऑफिस बॉय काफी समय से खरात के कामकाज को देख रहा था और उसने उनके कई आपत्तिजनक गलत कामों को अपनी आंखों से देखा था. उसने कई वीडियो रिकॉर्ड किए थे और उन्हें अपने पास सुरक्षित रख लिया था. इसके अलावा, उसने इन रिकॉर्डिंग्स को अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा था, ताकि ज़रूरत पड़ने पर सच्चाई को सामने लाया जा सके. पुलिस के अनुसार, अगर उसे कोई नुकसान पहुंचता, तो ये वीडियो जनता के सामने जारी कर दिए जाते. इससे यह बात समझ में आती है कि बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ये वीडियो इतनी तेज़ी से क्यों फैले, जिससे पूरा विवाद काफी बढ़ गया.
ऑफिस बॉय ने क्यों किया वीडियो लीक?
इस खुलासे के पीछे एक और चौंकाने वाला मकसद भी सामने आया है. आरोप है कि खरात ने उसी ऑफिस बॉय की पत्नी के साथ अश्लील और अनुचित व्यवहार किया था. जो कि उस समय 7 महीने की गर्भवती थी. इस घटना के बाद ऑफिस बॉय ने तय कर लिया कि वह अब और चुप नहीं रहेगा. उसने सबूत इकट्ठा किए और उन्हें सुरक्षित कर लिया. डर के माहौल में काम करते हुए उसने इन वीडियो को अलग-अलग लोगों तक पहुंचाने की एक रणनीति बनाई, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इस मामले को दबाया न जा सके.