Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र के नासिक जिले के ‘गॉडमैन’ अशोक खरात पर ईडी शिकंजा कसने जा रही है. ईडी ने अशोक खरात और उसके सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच शुरू कर दी है. यौन शोषण के आरोपों के अलावा अशोक खरात पर वित्तीय अनियमितताओं, जमीन हड़पने और विभिन्न स्थानों पर अवैध संपत्ति सौदों के भी आरोप हैं. ईडी ने 4 अप्रैल को उसके और सहयोगियों के खिलाफ प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज किया है. इस मनी लॉन्ड्रिंग जांच का मुख्य फोकस उन आरोपों पर रहेगा, जिनमें कहा गया है कि खरात की ओर से जुटाई गई कई संपत्तियां धोखाधड़ी और अवैध तरीकों से हासिल की गई हैं.
इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को बताया था कि मामले में गिरफ्तार स्वयंभू धर्मगुरु की संपत्तियों की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपी जाएगी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि ईडी खरात की संपत्तियों की पृष्ठभूमि की जांच करेगी. खरात को एक महिला से तीन साल तक रेप करने के आरोप में 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था. बाद की जांच में यौन उत्पीड़न और जमीन व अन्य संपत्तियों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं सहित कई अपराधों का खुलासा हुआ.
रेप के दूसरे मामले में फंस चुका है अशोक खरात
गौरतलब है कि पुलिस के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने खरात को बीते बुधवार को रेप के दूसरे मामले में गिरफ्तार किया था. उसे बृहस्पतिवार को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बीएन इचपुरानी के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उसे आठ अप्रैल तक एसआईटी की हिरासत में भेज दिया. खरात रेप के पहले मामले के सिलसिले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नासिक रोड सेंट्रल जेल में कैद था, जहां से एसआईटी ने उसे हिरासत में ले लिया था.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अशोक खरात को लेकर विधानसभा में बताया था- “पुलिस की जांच में 8 महिलाओं के 35 वीडियो सामने आए हैं. इन वीडियो में दिखता है कि अशोक खरात ने ढोंग और जादूटोना और तंत्र मंत्र का इस्तेमाल करके कई महिलाओं से रेप और अश्लील हरकतें की हैं.”
अशोक खरात ने की है बीएससी तक पढ़ाई
बता दें कि अशोक खरात मूल रूप से सिन्नर के कहांडलवाडी गांव का रहने वाला है. शिवनिका संस्थान की पुस्तिका में दावा किया गया है कि उसने बीएससी तक पढ़ाई की है और मर्चेंट नेवी के सबमरीन विभाग में 22 साल तक कप्तान के रूप में काम किया है.
खरात पर धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा के नाम पर महिलाओं के यौन शोषण के आरोप है. अशोक खरात अंक-गणना करके लोगों को भविष्य बताता था. उसने जो बातें भूतकाल के बारे में बताईं, लोग उन्हें सच मानते थे. इसलिए लोगों को विश्वास हो गया कि यह व्यक्ति उनके भविष्य की परेशानियां दूर करेगा. अशोक खरात भक्तों से पूजा-पाठ और कर्मकांड करवाता था.
शिकायत दर्ज कराने वाली महिला ने क्या बताया?
अशोक खरात की अपॉएंटमेंट के लिए 10 हज़ार रुपये लगते थे और दो महीने तक इंतज़ार करना पड़ता था. जिस महिला ने अशोक खरात के ख़िलाफ़ पहली शिकायत दर्ज कराई, उन्होंने बताया था कि ऑफिस में मुझे बार-बार बुलाया गया. पहले शादी कराने के नाम पर, फिर वैवाहिक जीवन की बाधाएं दूर करने के नाम पर और धार्मिक विधि के नाम पर मेरे साथ बार-बार अत्याचार किया गया.