Cabinet Meeting: केंद्र सरकार ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट को तेज़ करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आज की केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग में लगभग ₹8.8 लाख करोड़ के कुल छह ज़रूरी प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई. इन फैसलों में पानी की सप्लाई, रेलवे, हाईवे और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं. सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से कई राज्यों में डेवलपमेंट तेज होगा और लाखों लोगों को सीधा फायदा होगा.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “आज कैबिनेट में 6 बड़ी चर्चाएं हुईं. ये सभी फैसले करीब 8,80,000 करोड़ रुपये के फैसले हुए. ये हैं जल जीवन मिशन 2.0, मदुरै एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित करना, पश्चिम बंगाल में संतरागाछी से खड़गपुर तक चौथी रेलवे लाइन बनाना, सैंथिया-पाकुड़ चौथी लाइन, मध्य प्रदेश में बदनावर-थांदला-टिमरवानी हाईवे को चार लेन का बनाना और जे़वर एयरपोर्ट को फरीदाबाद की तरफ से जोड़ना.”
#WATCH | दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “आज कैबिनेट में 6 बड़ी चर्चाएं हुईं… ये सभी फैसले करीब 8,80,000 करोड़ रुपये के फैसले हुए। ये हैं जल जीवन मिशन 2.0, मदुरै एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित करना, पश्चिम बंगाल में संतरागाछी से खड़गपुर तक चौथी रेलवे… pic.twitter.com/1XtuSjFgcf
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 10, 2026
कैबिनेट की बैठक में 6 अहम फैसले
- जल जीवन मिशन 2.0 को कैबिनेट की मंजूरी
- मदुरै एयरपोर्ट को अंतररराष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित
- जेवर-फरीदाबाद के बीच एलिवेटेड रोड को मंजूरी
- सैंथिया पाकुड़ के बीच चौथी रेल लाइन को मंजूरी
- संतरागाछी से खड़गपुर के बीच चौथी रेल लाइन
- मध्य प्रदेश के हाइवे प्रोजेक्ट को मंजूरी
सबसे पुराने एयरपोर्ट में से एक
मदुरै एयरपोर्ट राज्य के सबसे पुराने एयरपोर्ट में से एक है. मदुरै एयरपोर्ट दक्षिणी तमिलनाडु के लिए एक ज़रूरी गेटवे के तौर पर काम करता है और टूरिज़्म और तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे इस इलाके के पूरे विकास में मदद मिलती है. मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल स्टेटस देने से इलाके की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, व्यापार बढ़ेगा और इलाके में आर्थिक विकास तेज़ होगा.
PM मोदी ने कैबिनेट मीटिंग में दिए ये निर्देश
सूत्रों के मुताबिक आज की कैबिनेट मीटिंग में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों को मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का भारतीय नागरिकों पर असर कम करने के लिए मिलकर काम करने और किसी भी संभावित चुनौती के लिए पूरी तैयारी पक्का करने का निर्देश दिया.