Assam Election 2026: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई पर अपना हमला तेज कर दिया. उन्होंने गोगोई से कथित तौर पर विदेशी संपत्तियों और वित्तीय संबंधों का विवरण सार्वजनिक रूप से बताने का आग्रह किया. मीडिया को संबोधित करते हुए हिमंता बिस्व सरमा ने कहा कि मेरा साफ आरोप है कि आपको (गौरव गोगोई) पाकिस्तान और ब्रिटेन में मौजूद संपत्तियों की जानकारी और बैंक खाते की डिटेल्स भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को देनी चाहिए. हमारे पास बहुत सारी जानकारी है. मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि पारदर्शिता के हित में विशेष रूप से चुने हुए प्रतिनिधियों के लिए इस तरह के खुलासे जरूरी हैं.
उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले को औपचारिक रूप से निर्वाचन आयोग के समक्ष उठाया जा सकता है, जो चुनावों के दौरान उम्मीदवारों के हलफनामों और वित्तीय घोषणाओं की देखरेख करता है. सरमा की टिप्पणियां एक संभावित टकराव का संकेत देती हैं, जिसमें असम में भाजपा नेतृत्व ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और भी मामले सामने आ सकते हैं.
आरोपों से तनाव
ये आरोप ऐसे समय में आए हैं जब असम में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है. गौरव गोगोई एक प्रमुख कांग्रेस नेता और असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे हैं. राज्य और केंद्र दोनों जगह भाजपा सरकार के मुखर आलोचक रहे हैं. उनकी राजनीतिक प्रमुखता ने अक्सर उन्हें भाजपा नेताओं के साथ तीखी नोक-झोंक के केंद्र में ला खड़ा किया है. हालांकि, सरमा ने दावा किया कि उनके पास बहुत सारी जानकारी उपलब्ध है. लेकिन, उन्होंने अपने बयान के दौरान आरोपों की पुष्टि के लिए सार्वजनिक रूप से कोई दस्तावेज़ी सबूत पेश नहीं किया. अभी तक ये दावे अपुष्ट हैं और ECI को किसी भी आधिकारिक शिकायत या आवेदन की पुष्टि नहीं हुई है.
निर्वाचन आयोग को देनी होती है जानकारी
भारतीय चुनाव कानूनों के तहत उम्मीदवारों को निर्वाचन आयोग के पास जमा किए गए हलफ़नामों में अपनी संपत्तियों, देनदारियों और वित्तीय हितों का खुलासा करना आवश्यक है. इसमें विदेश में रखी गई संपत्तियां भी शामिल हैं. किसी भी विसंगति या जानकारी छिपाने पर कानूनी जांच हो सकती है. हालांकि, ऐसे मामलों में आमतौर पर सक्षम अधिकारियों द्वारा औपचारिक जांच और सत्यापन की आवश्यकता होती है. बता दें कि मुख्यमंत्री की टिप्पणियों पर गौरव गोगोई या कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस तरह की नोक-झोंक कोई नई बात नहीं है. खासकर चुनावों से पहले या जब राजनीतिक गतिविधियां तेज़ होती हैं. माना जा रहा है कि यह मामला अभी और आगे बढ़ेगा. अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या इन आरोपों के चलते कोई आधिकारिक कार्रवाई होगी या फिर कांग्रेस नेता की ओर से इस पर कोई विस्तृत जवाब आएगा.