Assam Election 2026: असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा सरमा छटवी बार ज़ालुकबारी विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं. हेमंत बिस्वा सरमा रथ पर सवार हो रहे है कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए वह रथ पर चढ़े है. अब कमिश्नर ऑफिस जाकर अपना नामांकन पर्चा दाखिल करेंगे. बता दें कि 9 अप्रैल को होने वाले असम विधानसभा चुनावों को देखते हुए कई प्रमुख नेता इस शुक्रवार को अपने नामांकन पत्र दाखिल करने वाले हैं. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल करेंगे.
इसके लिए वे कामरूप (महानगर) के जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय जाएंगे. नामांकन दाखिल करने से पहले मुख्यमंत्री सरमा लगभग 5.6 किलोमीटर लंबे रोड शो का नेतृत्व करेंगे, जो खानापारा पशु चिकित्सा मैदान से हेंगराबाड़ी उपायुक्त कार्यालय तक जाएगा. इस कार्यक्रम को उनकी राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है.
रोड शो में शामिल होने की अपील
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक संदेश जारी कर जनता से इस रोड शो में शामिल होने की अपील की. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लोग आगामी चुनावों में उन्हें अपना आशीर्वाद देंगे. जालुकबारी सीट 2001 से सरमा का गढ़ रही है और अब वे इस निर्वाचन क्षेत्र से अपनी लगातार छठी जीत हासिल करने का लक्ष्य बना रहे हैं. उन्होंने पहली बार 1996 में इस सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद 2001 में उन्होंने इसी निर्वाचन क्षेत्र से अपना चुनावी सफर शुरू किया.
विपक्ष पार्टियां भी तैयार
इस बीच विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया नाजिरा निर्वाचन क्षेत्र से अपने नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. यह सीट उनके परिवार के लिए राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और वे 2011 से इसका प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रिपुन बोरा उत्तरी असम के बरछल्ला निर्वाचन क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं. क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की बात करें तो असम जातीय परिषद (AJP) के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई खुमताई निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे, जबकि रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई सिबसागर निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं.
नामांकन की आखिरी तारीख
नामांकन प्रक्रिया को चुनावी चक्र का एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है, जो उस बिंदु को चिह्नित करता है जब सभी प्रमुख उम्मीदवार आधिकारिक तौर पर चुनावी अखाड़े में प्रवेश करते हैं. चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है. नामांकन पत्रों की जांच 24 मार्च को निर्धारित है, जबकि उम्मीदवारों के पास 26 मार्च तक अपने नामांकन वापस लेने का समय है. 126-सदस्यीय असम विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा और वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी.
जालुकबारी विधानसभा सीट अहम क्यों?
जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र असम की 126 विधानसभा सीटों में से एक है और यह गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. इस सीट को बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा खुद यहीं से चुनाव लड़ रहे हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में शहरी और अर्ध-शहरी, दोनों तरह के मतदाताओं का मिश्रण देखने को मिलता है. राजनीतिक दृष्टि से असम के भीतर इसे एक सत्ता का केंद्र (power center) वाली सीट माना जाता है. यह असम विधानसभा का निर्वाचन क्षेत्र संख्या 37 है. यह निर्वाचन क्षेत्र एक सामान्य सीट है, जो अनुसूचित जातियों (SCs) और अनुसूचित जनजातियों (STs) के लिए आरक्षित नहीं है. जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र, गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. साल 2021 में भारतीय जनता पार्टी के हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के बोमेन चंद्र बोरठाकुर को 1,01,911 वोटों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी.
असम में सभी 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान एक ही चरण में होगा. असम के जालुकबारी में वोटिंग 9 अप्रैल 2026 को होगी. असम के नतीजे 4 मई (सोमवार) को घोषित किए जाएंगे, साथ ही असम की बाकी 125 सीटों के नतीजे भी आएंगे. असम की राजनीतिक पार्टियों ने अभी तक आने वाले असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया है.
2021: हिमंत बिस्वा सरमा (भारतीय जनता पार्टी)
2016: हिमंत बिस्वा सरमा (भारतीय जनता पार्टी)
2011: हिमंत बिस्वा सरमा (कांग्रेस)
2006: हिमंत बिस्वा सरमा (कांग्रेस)
2001: हिमंत बिस्वा सरमा (कांग्रेस)
1996: भृगु कुमार फुकन (असम गण परिषद)
1991: भृगु कुमार फुकन (एनएजीपी)
1985: भृगु कुमार फुकन (स्वतंत्र)
1983: शाह जलाल अली (कांग्रेस)
1978: लख्याधर चौधरी (जेएनपी)
शर्मा ने किन निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ा?
अपने पूरे विधायी करियर के दौरान हिमंत बिस्वा शर्मा ने विशेष रूप से जालुकबारी से ही चुनाव लड़ा है. उन्होंने पहली बार 2001 में कांग्रेस के टिकट पर इस सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. तब से यह उनका निर्वाचन क्षेत्र बना हुआ है. उन्होंने 2006 में फिर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. साल 2011 में उन्होंने लगातार तीसरी बार इस सीट को जीतकर ‘हैट-ट्रिक’ पूरी की. 2016 में चौथी बार जालुकबारी से चुनाव लड़ते हुए इस बार BJP की ओर से उन्होंने एक और जीत हासिल की. साल 2021 में शर्मा ने पांचवीं बार चुनाव जीता, और 100,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की. ठीक इसी वजह से जालुकबारी को शर्मा का राजनीतिक किला माना जाता है.
जालुकबारी में मतदान प्रतिशत
बता दें कि साल 2021 में जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र में मतदान किए गए वैध वोटों की कुल संख्या 1,66,810 या 82.64 प्रतिशत थी. 2016 में विधानसभा चुनाव में कुल वैध वोटों की संख्या 1,54,506 यानी 84.97 फीसदी थी.