Assam: इस साल असम में चुनाव होने वाले हैं और इससे पहले राजनीति में उथल-पुथल देखने को मिल रही है. अगले दो महीनों के अंदर असम में चुनाव हो सकते हैं. चुनावों से पहले पार्टियों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाना स्टार्ट कर दिया है. राज्य में कांग्रेस और बीजेपी के बीच काफी बहसबाजी देखने को मिल रही है. असम में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई और पाकिस्तान के बीच कथित संबंधों की इंवेस्टिगेशन भी चल रही है. इस जांच को असम कैबिनेट गृह मंत्रालय को सौंपने का निर्णय लिया है.
असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्वा सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर आरोप लगाते हुए कहा कि असम के एक सांसद का पाकिस्तान से संबंध होना एक आसमी के नाते बहुत दुख की बात है. लेकिन, उसको उजागर करना पड़ेगा यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी भी है. इस बात ने सभी को हिलाकर रख दिया है. उनके यह आरोप पहली बार नहीं हैं, बल्कि पहले भी वह इस बारे में बात करते रहे हैं.
गौरव गोगोई पर आरोप
सिंगापुर में वह एक समिट में थे उस समय पता चला कि गौरव गोगोई एक डेलिगेशन लेकर पाकिस्तानी एंबेसी में अब्दुल बासित से मुलाकात कर असम के युवाओं के बारे में बात की. जबकि, ऑपरेशन सिंदूर में असम के भी जवान शहीद हुए हैं. कांग्रेस का भी कोई नेता पाकिस्तान एंबेसी में कभी कोई डेलिगेशन लेकर नहीं गया. अब्दुल बासित उसके बाद असम में भी आये. बाद में पता चला कि गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ 2012 में पाकिस्तान में रही हैं. उनका परिवार पाकिस्तान में अली टोकी सेठ से मिला हुआ था. सीएम हेमंत विश्वा सरमा ने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने को कहा है.
कांग्रेस नेता हैं गौरव गोगोई
बता दें कि कांग्रेस के मौजूदा सांसद और संसद ने उप नेता है गौरव गोगोई को एक बार फिर से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. असम सरकार ने एसआईटी बनाकर मामले की जांच की. फिर इस मामले को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय को भेज दिया. अली टोकी सेठ पाकिस्तान के नागरिक हैं. पाकिस्तान योजना आयोग के सदस्य और इस्लामाबाद के निवासी हैं. अली टोकी सेठ लिव पाकिस्तान संस्था के सीईओ भी हैं. वह पाकिस्तान सरकार की कई समितियों में भी शामिल रहे हैं. भारत सिंधु जल समझौते को भारत ने रद्द कर दिया लेकिन अली टोकी सेठ इस समझौते को जिंदा रखना चाहता है.
गोगोई ने बात को बताया झूठा
गौरव गोगोई ने इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए इसे गलत और बेबुनियाद बताया. उन्होंने इसे पागलपन भरा कहकर पल्ला झाड़ दिया. साथ ही इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया. फिलहाल देखना होगा कि आगे इस मामले पर क्या खुलासा होता है?