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Home > देश > क्या है Jallikattu जिसमें किसी ने जीता ट्रैक्टर तो किसी ने “निसान” कार, 939 बैलों ने लिया रोमांचक मुकाबले में हिस्सा?

क्या है Jallikattu जिसमें किसी ने जीता ट्रैक्टर तो किसी ने “निसान” कार, 939 बैलों ने लिया रोमांचक मुकाबले में हिस्सा?

Jallikattu: जल्लीकट्टू मुकाबले पारंपरिक रूप से थाई पोंगल के दौरान आयोजित किए जाते हैं. यह मदुरै जिले में होने वाले मुकाबले तमिलनाडु में सबसे मशहूर है.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: January 16, 2026 07:06:53 IST

Jallikattu: जल्लीकट्टू मुकाबले पारंपरिक रूप से थाई पोंगल के दौरान आयोजित किए जाते हैं. यह मदुरै जिले में होने वाले मुकाबले तमिलनाडु में सबसे मशहूर है. इस साल जिले के जल्लीकट्टू कार्यक्रमों का पहला दिन अवानियापुरम में शुरू हुआ. इस मुकाबले का उद्घाटन मंत्री मूर्ति और पलानीवेल थियागा राजन ने किया. तमिलनाडु का पारंपरिक बैल काबू करने का मुकाबला जल्लीकट्टू पोंगल त्योहार के हिस्से के तौर पर होता है. 

धूमधाम से मनाया जाता है जल्लीकट्टू 

मदुरै, विरुधुनगर, शिवगंगा, रामनाथपुरम, थेनी, डिंडीगुल और तिरुचिरापल्ली सहित विभिन्न जिलों से कुल 986 बैल इस कार्यक्रम के लिए लाए गए थे. अनिवार्य पशु चिकित्सा जांच के बाद 47 बैलों को अयोग्य घोषित कर दिया गया, जिसके बाद 939 बैल मुकाबले में हिस्सा लेने के लिए बचे. अवानियापुरम जल्लीकट्टू के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से 578 बैल काबू करने वालों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें से 11 को शारीरिक फिटनेस स्क्रीनिंग के दौरान अयोग्य घोषित कर दिया गया, जबकि 564 प्रतिभागियों को अखाड़े में प्रवेश करने की अनुमति दी गई.

इतने राउंड तक चला मुकाबला

यह मुकाबला 11 राउंड में आयोजित किया गया था, जिसमें हर राउंड में 50 प्रतिभागी अखाड़े में उतरे. हर घंटे वाडीवासल (बैल प्रवेश द्वार) से लगभग 80 से 90 बैल छोड़े गए. हर राउंड में सबसे ज़्यादा बैल पकड़ने वाले फाइनल राउंड में पहुंचे. कार्यक्रम के आखिर में बालामुरुगन ने सफलतापूर्वक 22 बैलों को काबू किया. उन्हें विजेता के तौर पर निसान कार से सम्मानित किया गया. अवानियापुरम के कार्तिक ने 17 बैल पकड़कर दूसरा पुरस्कार, एक मोटरसाइकिल हासिल की. ​​सर्वश्रेष्ठ बैल श्रेणी में विरुमंडी भाइयों के बैल ने एक ट्रैक्टर जीता, जबकि जी.आर. कार्तिक के बैल को एक सोने का सिक्का दिया गया. सांडों को काबू करने के दौरान कम से कम 32 लोग घायल हो गए. यह खेत खतरनाक भी है. इसमें वहीं लोग हिस्सा लेते हैं, जो पहले से इसकी ट्रेनिंग को करते हैं. यह राज्य में काफी प्रचलित खेल है.

अधिकारी भी रहे मौजूद

विभिन्न राउंड में जीतने वाले प्रतिभागियों और बैल मालिकों को कई अन्य पुरस्कार, जिनमें अलमारी, बिस्तर और चांदी की वस्तुएं शामिल दी गईं. वाणिज्यिक कर मंत्री मूर्ति ने मदुरै जिला कलेक्टर प्रवीण कुमार, मदुरै नगर निगम आयुक्त चित्रा विजयन और मदुरै शहर पुलिस आयुक्त लोगनाथन की उपस्थिति में पुरस्कार वितरित किए. इस बीच उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन 16 जनवरी यानी आज पलामेडु में जल्लीकट्टू प्रतियोगिता का उद्घाटन करने वाले हैं, जबकि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन 17 जनवरी को अलंगनल्लूर जल्लीकट्टू कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे.

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क्या है Jallikattu जिसमें किसी ने जीता ट्रैक्टर तो किसी ने “निसान” कार, 939 बैलों ने लिया रोमांचक मुकाबले में हिस्सा?

Jallikattu: जल्लीकट्टू मुकाबले पारंपरिक रूप से थाई पोंगल के दौरान आयोजित किए जाते हैं. यह मदुरै जिले में होने वाले मुकाबले तमिलनाडु में सबसे मशहूर है.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: January 16, 2026 07:06:53 IST

Jallikattu: जल्लीकट्टू मुकाबले पारंपरिक रूप से थाई पोंगल के दौरान आयोजित किए जाते हैं. यह मदुरै जिले में होने वाले मुकाबले तमिलनाडु में सबसे मशहूर है. इस साल जिले के जल्लीकट्टू कार्यक्रमों का पहला दिन अवानियापुरम में शुरू हुआ. इस मुकाबले का उद्घाटन मंत्री मूर्ति और पलानीवेल थियागा राजन ने किया. तमिलनाडु का पारंपरिक बैल काबू करने का मुकाबला जल्लीकट्टू पोंगल त्योहार के हिस्से के तौर पर होता है. 

धूमधाम से मनाया जाता है जल्लीकट्टू 

मदुरै, विरुधुनगर, शिवगंगा, रामनाथपुरम, थेनी, डिंडीगुल और तिरुचिरापल्ली सहित विभिन्न जिलों से कुल 986 बैल इस कार्यक्रम के लिए लाए गए थे. अनिवार्य पशु चिकित्सा जांच के बाद 47 बैलों को अयोग्य घोषित कर दिया गया, जिसके बाद 939 बैल मुकाबले में हिस्सा लेने के लिए बचे. अवानियापुरम जल्लीकट्टू के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से 578 बैल काबू करने वालों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें से 11 को शारीरिक फिटनेस स्क्रीनिंग के दौरान अयोग्य घोषित कर दिया गया, जबकि 564 प्रतिभागियों को अखाड़े में प्रवेश करने की अनुमति दी गई.

इतने राउंड तक चला मुकाबला

यह मुकाबला 11 राउंड में आयोजित किया गया था, जिसमें हर राउंड में 50 प्रतिभागी अखाड़े में उतरे. हर घंटे वाडीवासल (बैल प्रवेश द्वार) से लगभग 80 से 90 बैल छोड़े गए. हर राउंड में सबसे ज़्यादा बैल पकड़ने वाले फाइनल राउंड में पहुंचे. कार्यक्रम के आखिर में बालामुरुगन ने सफलतापूर्वक 22 बैलों को काबू किया. उन्हें विजेता के तौर पर निसान कार से सम्मानित किया गया. अवानियापुरम के कार्तिक ने 17 बैल पकड़कर दूसरा पुरस्कार, एक मोटरसाइकिल हासिल की. ​​सर्वश्रेष्ठ बैल श्रेणी में विरुमंडी भाइयों के बैल ने एक ट्रैक्टर जीता, जबकि जी.आर. कार्तिक के बैल को एक सोने का सिक्का दिया गया. सांडों को काबू करने के दौरान कम से कम 32 लोग घायल हो गए. यह खेत खतरनाक भी है. इसमें वहीं लोग हिस्सा लेते हैं, जो पहले से इसकी ट्रेनिंग को करते हैं. यह राज्य में काफी प्रचलित खेल है.

अधिकारी भी रहे मौजूद

विभिन्न राउंड में जीतने वाले प्रतिभागियों और बैल मालिकों को कई अन्य पुरस्कार, जिनमें अलमारी, बिस्तर और चांदी की वस्तुएं शामिल दी गईं. वाणिज्यिक कर मंत्री मूर्ति ने मदुरै जिला कलेक्टर प्रवीण कुमार, मदुरै नगर निगम आयुक्त चित्रा विजयन और मदुरै शहर पुलिस आयुक्त लोगनाथन की उपस्थिति में पुरस्कार वितरित किए. इस बीच उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन 16 जनवरी यानी आज पलामेडु में जल्लीकट्टू प्रतियोगिता का उद्घाटन करने वाले हैं, जबकि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन 17 जनवरी को अलंगनल्लूर जल्लीकट्टू कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे.

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