Protest over Ayatollah Death: ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, उनकी बेटी, बहू, दामाद और एक पोता-पोती के मारे जाने की खबर है. सुबह होते ही जैसे ही ये खबर भारत तक पहुंची. भारत के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. कश्मीर में लोग बड़ी मात्रा में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके अलावा, अभी जानकारी सामने आ रही है कि कर्नाटक के बेंगलुरू में शिया मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया.
दिल्ली के जामिया नगर इलाके में भी शिया मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शन देखा जा रहा है.
लखनऊ में विरोध प्रदर्शन
अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत पर घोषित तीन दिन के शोक के तहत शिया समुदाय के लोग अपनी दुकानें बंद करके श्रद्धांजलि देंगे. मौलाना कल्बे जवाद ने तमाम उम्मते मुस्लिमा और इंसानियत परस्त लोगों को इसमें शामिल होने की अपील की है. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि रविवार को रात 8 बजे छोटा इमामबाड़ा में शोक सभा का आयोजन किया जाएगा. जिसके बाद मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी जाएगी.
Israel Iran War: कौन हैं जनरल अहमद वाहिदी? जिन्होंने संभाली IRGC की कमान, अमेरिका और इजराइल से बदला लेने की खाई कसम
मौलाना ने शिया समुदाय से की ये अपील
मौलाना ने देश भर के शिया समुदाय से अपील की है कि वे रात 8 बजे एक साथ शोक सभा करें और जहां तक हो सके मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि सभा में हिस्सा लें. उन्होंने सभी से बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने की भी अपील की ताकि दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी जा सके. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बारे में एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि जिनके खून में गद्दारी है, उन्होंने खामेनेई को धोखे से मारा है। अगर एक खामेनेई मारा जाता है, तो हजार खामेनेई उठ खड़े होंगे. इजराइल और अमेरिका गद्दार है.
कश्मीर में हुआ विरोध प्रदर्शन
कश्मीर के कई हिस्सों से भी शिया समुदाय के लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन करने की खबर सामने आ रही है. अधिकारियों के मुताबिक, शिया बहुल इलाकों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ नारे लगाए. ईरान के साथ एकजुटता दिखाई और हमले की निंदा की. प्रदर्शनों में खामेनेई की तस्वीरें और ईरान के समर्थन में बैनर दिखाए गए, साथ ही काले झंडे और पारंपरिक शोक गीत (नौहा) गाए गए.