Maharashtra: कल्याण ईस्ट में एक बैंक में सीनियर पोस्ट पर काम करने वाले एक युवक ने आवारा कुत्ते के काटने के बाद रेबीज होने के डर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बैंक कर्मचारी की पहचान महाराष्ट्र के ठाणे के रहने वाले अयाश विश्वनाथ अमीन के तौर पर हुई है. उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने आत्महत्या का कारण रेबीज का डर बताया है. पुलिस ने सोमवार को बताया कि महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक 30 साल के बैंक कर्मचारी ने कथित तौर पर एक आवारा कुत्ते के हमले के बाद रेबीज़ होने के डर से आत्महत्या कर ली.
रेबीज का लगवाया था इंजेक्शन
कल्याण ईस्ट के तिसगांव नाका इलाके में एक सहजीवन सोसायटी है. इस सोसायटी में रहने वाला एक युवक ऐस विश्वनाथ अमीन रहता था. वह एक बैंक में सीनियर पोस्ट पर काम करता था. कुछ दिन पहले ऐस के पैर में एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था. ऐस ने रेबीज का इंजेक्शन लगवाया था. हालांकि वह कुछ समय से परेशान था. उसे लगा कि उसे रेबीज हो जाएगा. उसमें इसके लक्षण दिखने लगे थे. आवारा कुत्ते के काटने के बाद घर के लोगों को परेशानी होने के डर से उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
पुलिस ने किया हैरान करने वाला खुलासा
एक अधिकारी ने बताया कि अयाश विश्वनाथ अमीन रविवार शाम कल्याण ईस्ट के तिसगांव नाका इलाके में अपने घर में लटका हुआ मिला. उन्होंने कहा कि मौके से मिले सुसाइड नोट से पता चलता है कि अमीन बहुत ज़्यादा मानसिक तनाव में था और उसे डर था कि कुछ दिन पहले एक आवारा कुत्ते के काटने के बाद उसे रेबीज़ हो गया होगा.
‘वैक्सीनेशन के बाद भी लक्षण दिखते रहे’
मौके से मिले एक सुसाइड नोट में अयास ने लिखा कि कुछ दिन पहले उसे एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था. हालांकि उसे कथित तौर पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगी थी, फिर भी उसे ऐसे लक्षण महसूस होने लगे जो उसे लगा कि वायरस से जुड़े हैं. उसे डर था कि उसे रेबीज हो गया है, इसलिए वह बहुत परेशान हो गया और सदमे में चला गया, जिसके बाद उसने फांसी लगा ली.
आवारा कुत्तों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग
इस मामले में शिवसेना शिंदे ग्रुप के पार्षद महेश गायकवाड़ ने नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर हर्षल गायकवाड़ से मुलाकात की और उनसे आवारा कुत्तों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की.