Bank Union Strike: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने पूरे देश में मंगलवार को बैंक कर्मचारियों से एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया. बता दें कि बैंक कर्मचारी पहले भी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर चुके हैं. बैंक कर्मचारियों की मांग है कि अन्य सरकारी कार्यालयों की तरह बैंकों में भी सप्ताह में केवल 5 दिन काम हो. उन्हें रविवार के साथ ही शनिवार को भी छुट्टी दी जाए. इन मांगों के लिए सरकारी बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल करने का फैसला लिया और अन्य जगहों पर भी बैंक कर्मचारियों को हड़ताल करने की आह्वान किया था.
देरी के कारण हड़ताल पर बैंक कर्मचारी
बैंक यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ के साथ वेतन समझौता हुआ था. उस दौरान बैंक कर्मियों को भी सभी सरकारी कार्यालयों की तरग सभी शनिवारों को छुट्टी देने पर सहमति बन गई थी. हालांकि समझौता होने के बावजूद सरकार ने अभी तक इस नियम पर आधिकारिक तौर पर मुहर नहीं लगाई है. बैंक कर्मी इसी देरी के कारण नाराज हैं. अपनी मांगों को पूरा न होता देख बैंक कर्मचारियों ने अब सड़क पर उतरने का फैसला किया है.
वर्तमान में क्या है नियम?
बता दें कि वर्तमान समय में बैंक कर्मचारियों को रविवार की छुट्टी मिलती है. साथ ही हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को भी छुट्टी रहती है. उन्हें पहले, तीसरे और अगर हो तो पांचवें शनिवार को काम करना पड़ता है. इस नियम को लेकर कर्मचारियों का कहना है कि अब ये नियम पूरा हो चुका है और काम का दबाव भी बढ़ रहा है. इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए इसे बदलना जरूरी है.
बैंक हड़ताल का असर
बता दें कि आज बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. अलग-अलग बैंक संगठनों के समर्थन के कारण कई बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे. इसके कारण ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. लगातार चौथे दिन भी बैंक हड़ताल के कारण काम नहीं हो सका. हड़ताल के कारण एटीएम में नकदी की रिफिलिंग नहीं हो पाई. इसकी वजह से कई जगहों के एटीएम पर भी ताला लटका नजर आया.