बारामती जिला परिषद चुनाव परिणाम: बारामती तालुका में जिला परिषद चुनावों में एनसीपी ने सभी 6 सीटों पर जीत हासिल कर ली है. इसके अलावा, पंचायत समिति चुनावों में भी एनसीपी ने सभी 12 सीटों पर जीत हासिल कर ली है. शरद पवार और महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार दोनों के गुट यहां गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं, जो एनसीपी का गढ़ है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एनसीपी अध्यक्ष अजित पवार की पिछले महीने बारामती में एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, जब दोनों गुटों के विलय की बात चल रही थी. उन्हें इस क्षेत्र में जिला परिषद चुनावों के लिए चार रैलियों को संबोधित करना था.
एनसीपी पुणे जिलाध्यक्ष ने क्या कहा?
एनसीपी पुणे जिलाध्यक्ष संभाजी होलकर ने अपने बयान में कहा कि मतदाताओं ने पुणे जिला परिषद चुनावों में एनसीपी उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करके अजीत पवार को श्रद्धांजलि दी है. कुल मिलाकर NCP पुणे जिले की 73 ZP सीटों में से 43 सीटों पर आगे चल रही है. इससे पहले भाजपा नेता और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आज के जिला परिषदों और पंचायत समितियों के परिणाम हमें एक बार फिर पूजनीय अटलजी के उनके अमर सिद्धांत की याद दिलाते हैं.
पुणे जिला और पंचायत समिति के नए चुने गए सदस्यों ने आज बारामती में डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार से मुलाकात की. सदस्यों ने भविष्य में तालुका के विकास के प्रति समर्पित रहने का संकल्प व्यक्त किया और अजित पवार की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
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कितनी सीटों पर हुआ था चुनाव?
महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनावों के लिए वोटों की गिनती सोमवार सुबह 10 बजे शुरू हुई. रविवार को 68.28 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. परभणी में सबसे ज्यादा 74.89 प्रतिशत मतदान हुआ, इसके बाद कोल्हापुर में 74.45 प्रतिशत और छत्रपति संभाजीनगर में 72.69 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि रत्नागिरी में सबसे कम 55.79 प्रतिशत मतदान हुआ.
मैदान में कितने उम्मीदवार थे?
कुल 7,438 उम्मीदवारों ने 731 जिला परिषद और 1,462 पंचायत समिति सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें 2 करोड़ से ज्यादा योग्य मतदाता थे. मतदाताओं में 1,06,33,269 पुरुष, 1,01,86,965 महिलाएं और अन्य श्रेणियों के 468 मतदाता शामिल थे. कुल 25,471 मतदान केंद्र बनाए गए थे और चुनाव ड्यूटी के लिए लगभग 1.28 लाख कर्मचारियों को तैनात किया गया था. ये चुनाव जो मूल रूप से 5 फरवरी को होने थे. महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन और उसके बाद राज्य में शोक की घोषणा के कारण स्थगित कर दिए गए थे.