Battle of Galwan Hero Real Story: हाल ही में सलमान खान की आगामी फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' का टीजर रिलीज हुआ. फिल्म में गलवान की हिंसक झड़प को दिखाया जाएगा, जो सच्ची घटना पर आधारित है. ये फिल्म बिहार रेजिमेंट द्वारा चीन के सैनिकों से हुई झड़प पर आधारित है. 2020 के संघर्ष के दौरान निहत्थे सैनिकों की संख्या कम होने के बावजूद बहादुरी से लड़ने और भारतीय संप्रभुता की रक्षा के लिए दुश्मन से लड़ाई लड़ी. इसमें सबसे बड़ी बात ये थी कि वे लाठी डंडों और पत्थरों से लड़े और उन्होंने चीन सैनिकों को मार भगाया था. इसी झड़प में एक हीरो थे कर्नल बी. संतोष कुमार. उन्होंने सैनिकों का नेतृत्व किया और सैनिकों को भगाया. सलमान खान की फिल्म बैटल ऑफ गलवान गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प पर आधारित है. हालांकि ये फिल्म कर्नल बी. संतोष कुमार की सीधी बायोपिक नहीं है. ये फिल्म गलवान झड़प की सच्ची घटनाओं पर आधारित एक काल्पनिक एक्शन-ड्रामा है. इस फिल्म के तहत कर्नल और दूसरे जवानों को शहादत दी गई है. कौन हैं कर्नल बी. संतोष कुमार? बता दें कि गलवान घाटी में हुए झड़प के हीरो कर्नल बी. संतोष बाबू थे. वे 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे. उन्होंने 15 जून 2020 को हुई गलवान घाटी झड़प में अदम्य साहस दिखाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया. उनके शहीद होने के बाद मरणोपरांत उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया गया. कर्नल बी. संतोष कुमाक तेलंगाना के सूर्यापेट जिले के रहने वाले हैं. वे बूचपन से ही अनुशासित और देशप्रेमी थे. उन्हें साल 2004 में सेना में कमीशन मिला और वे 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर बने. 15 जून 2020 को चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में उन्होंने सैनिकों का नेतृत्व किया. उन्होंने भारतीय क्षेत्र में पेट्रोलिंग करने वाले चीनी सैनिकों को रोका. उन्होंने और उनकी टीम ने निहत्थे होकर भी चीनी सेना का जमकर विरोध किया. इसी दौरान उनके सिर पर भीषण चोट लगी और वे बर्फीले पाानी में गिरने से वे शहीद हो गए थे. उन्होंने भारतीय सैनिकों को बहादुरी से लड़ने के लिए प्रेरित ही नहीं किया बल्कि इस युद्ध को जीता भी. मरणोपरांत उन्हें भारत के दूसरे सबसे बड़े युद्धकालीन वीरता पुरस्कार, महावीर चक्र से नवाजा गया. बैटल ऑफ गलवान से कर्नल संतोष बाबू का कनेक्शन सलमान खान की फिल्म बैटल ऑफ गलवान 2020 की गलवान घाटी झड़प की वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है. इसमें उस युद्ध में शामिल सैनिकों और कर्नल संतोष बाबू जैसे नायकों की वारती दिखाई गई है. हालांकि ये फिल्म संतोष बाबू की सीधी बायोपिक नहीं है. सलमान खान ने इस फिल्म में कर्नल और दूसरे बहादुर सैनिकों के जज्बे और बहादुरी को दिखाने की कोशिश की है.