Live
Search
Home > देश > Bengal Elections 2026: पिछली बार नंदीग्राम, अब भवानीपुर, ममता के अभेद्य किले में बीजेपी का बड़ा दांव, सुवेंदु अधिकारी को टिकट

Bengal Elections 2026: पिछली बार नंदीग्राम, अब भवानीपुर, ममता के अभेद्य किले में बीजेपी का बड़ा दांव, सुवेंदु अधिकारी को टिकट

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है, जिसमें पार्टी ने सुवेंदु अधिकार को सीएम ममता बनर्जी के अभेद्य किले यानी भवानीपुर से टिकट दिया है.

Written By: Shristi S
Last Updated: 2026-03-16 19:36:13

Mobile Ads 1x1
West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों का एलान चुनाव आयोग ने रविवार को किया था, जिसके बाद सोमवार को बीजेपी ने चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी ने इस दौरान पहली लिस्ट में 144 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है. इस बार बीजेपी ने लिस्ट में एक बड़ा खेला खेला है, जिसमें उन्होंने सुवेंदु अधिकारी को ममता के गढ़ भवानीपुर से टिकट दिया है.
 
चुनाव में सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर से भी चुनाव लड़ेंगे, जिसकों लेकर ममता की चिंता जरूर बढ़ जाएंगी. यह एक ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है. इस कदम से बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक और रणनीतिक बदलाव आने की उम्मीद है. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें इस पूरे मामले के बारे में.

2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु ने ममता को दी थी करारी हार

2021 के विधानसभा चुनावों में, सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराकर भारतीय राजनीति में एक बड़ा उलटफेर कर दिया था. उस जीत ने BJP के भीतर सुवेंदु की हैसियत को ममता के ख़िलाफ़ पार्टी के सबसे बड़े योद्धा के तौर पर मज़बूत कर दिया. अब, नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों जगहों से एक साथ चुनाव लड़कर, सुवेंदु एक साफ़ संदेश देना चाहते हैं: कि उनमें न केवल अपने गढ़ की रक्षा करने की क्षमता है, बल्कि अपने विरोधी के घर में घुसकर उन्हें उनके ही मैदान पर चुनौती देने का साहस भी है.

भवानीपुर माना जाता है ममता का अभेद्य किला

भवानीपुर लंबे समय से ममता बनर्जी का पारंपरिक चुनावी क्षेत्र रहा है 2021 में नंदीग्राम में अपनी हार के बाद, उन्होंने इसी सीट पर हुए उपचुनाव के ज़रिए विधानसभा में वापसी की थी. यहां से चुनाव लड़ने का सुवेंदु का फ़ैसला ममता बनर्जी के राजनीतिक वर्चस्व के लिए एक सीधी चुनौती है. रणनीतिक रूप से, सुवेंदु ममता को उनके अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में उलझाए रखने की कोशिश करेंगे जिससे उन्हें राज्य के बाकी हिस्सों में प्रचार करने से रोका जा सके, या कम से कम, उनका ध्यान और ऊर्जा भटकाया जा सके.

चुनाव दो चरणों में होंगे

शेड्यूल के मुताबिक, 152 विधानसभा सीटों के लिए पहले चरण में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि बाकी 142 सीटों के लिए दूसरे चरण में 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. पहले चरण के लिए अधिसूचना 30 मार्च को जारी की जाएगी, और उम्मीदवार 6 अप्रैल तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे. नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल को की जाएगी, और उम्मीदवारों के पास 9 अप्रैल तक अपना नामांकन वापस लेने का समय होगा.

MORE NEWS

Home > देश > Bengal Elections 2026: पिछली बार नंदीग्राम, अब भवानीपुर, ममता के अभेद्य किले में बीजेपी का बड़ा दांव, सुवेंदु अधिकारी को टिकट

Written By: Shristi S
Last Updated: 2026-03-16 19:36:13

Mobile Ads 1x1
West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों का एलान चुनाव आयोग ने रविवार को किया था, जिसके बाद सोमवार को बीजेपी ने चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी ने इस दौरान पहली लिस्ट में 144 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है. इस बार बीजेपी ने लिस्ट में एक बड़ा खेला खेला है, जिसमें उन्होंने सुवेंदु अधिकारी को ममता के गढ़ भवानीपुर से टिकट दिया है.
 
चुनाव में सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर से भी चुनाव लड़ेंगे, जिसकों लेकर ममता की चिंता जरूर बढ़ जाएंगी. यह एक ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है. इस कदम से बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक और रणनीतिक बदलाव आने की उम्मीद है. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें इस पूरे मामले के बारे में.

2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु ने ममता को दी थी करारी हार

2021 के विधानसभा चुनावों में, सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराकर भारतीय राजनीति में एक बड़ा उलटफेर कर दिया था. उस जीत ने BJP के भीतर सुवेंदु की हैसियत को ममता के ख़िलाफ़ पार्टी के सबसे बड़े योद्धा के तौर पर मज़बूत कर दिया. अब, नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों जगहों से एक साथ चुनाव लड़कर, सुवेंदु एक साफ़ संदेश देना चाहते हैं: कि उनमें न केवल अपने गढ़ की रक्षा करने की क्षमता है, बल्कि अपने विरोधी के घर में घुसकर उन्हें उनके ही मैदान पर चुनौती देने का साहस भी है.

भवानीपुर माना जाता है ममता का अभेद्य किला

भवानीपुर लंबे समय से ममता बनर्जी का पारंपरिक चुनावी क्षेत्र रहा है 2021 में नंदीग्राम में अपनी हार के बाद, उन्होंने इसी सीट पर हुए उपचुनाव के ज़रिए विधानसभा में वापसी की थी. यहां से चुनाव लड़ने का सुवेंदु का फ़ैसला ममता बनर्जी के राजनीतिक वर्चस्व के लिए एक सीधी चुनौती है. रणनीतिक रूप से, सुवेंदु ममता को उनके अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में उलझाए रखने की कोशिश करेंगे जिससे उन्हें राज्य के बाकी हिस्सों में प्रचार करने से रोका जा सके, या कम से कम, उनका ध्यान और ऊर्जा भटकाया जा सके.

चुनाव दो चरणों में होंगे

शेड्यूल के मुताबिक, 152 विधानसभा सीटों के लिए पहले चरण में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि बाकी 142 सीटों के लिए दूसरे चरण में 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. पहले चरण के लिए अधिसूचना 30 मार्च को जारी की जाएगी, और उम्मीदवार 6 अप्रैल तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे. नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल को की जाएगी, और उम्मीदवारों के पास 9 अप्रैल तक अपना नामांकन वापस लेने का समय होगा.

MORE NEWS