LPG Crisis: देशभर में LPG संकट का दावा किया जा रहा है. ऐसे में बहुत से लोग परेशान हैं, तो बहुत से लोगों ने इस आपदा को अवसर बनाकर कमाई का अच्छा तरीका बना लिया है. सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हुए हैं, जहां पर गैस संकट के कारण उस चीज की कीमत बढ़ा दी गई, जबकि उसके लिए गैस का कोई इस्तेमाल ही नहीं है. इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बिल की कॉपी वायरल हो रही है, जिसमें नींबू पानी (मिंट लेमोनेड) पर भी 5 फीसदी गैस क्राइसिस चार्ज वसूला गया है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग कैफे को काफी ट्रोल कर रहे हैं. यूजर्स इसे खुली लूट बता रहे हैं.
नींबू पानी पर 5% LPG क्राइसिस चार्ज
दरअसल ये यह बिल ‘X’ के एक यूजर राजा बाबू की आईडी से शेयर किया गया, जिसने ‘Theo Cafe’ की एक रसीद का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया. तस्वीर के अनुसार, ग्राहक ने 2 मिंट लेमोनेड ऑर्डर किए, जिनकी कीमत 179 प्रति गिलास थी. इस तरह कुल बिल 358 रुपये का बना. इसमें 17.01 रुपये का 5% “गैस संकट शुल्क” भी शामिल था. बिल में आगे ₹17.90 की 5% छूट भी दिखाई गई थी. छूट लागू करने के बाद, गैस संकट शुल्क के साथ-साथ 2.5% CGST और SGST भी जोड़ा गया, जिससे कुल बिल 374 रुपये हो गया.
“Gas crisis charge” on a lemonade 🤣
Source: r/bangalore pic.twitter.com/wkAU1QIsNl
— Pakchikpak Raja Babu (@HaramiParindey) March 15, 2026
यूजर्स ने उठाए सवाल
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद इस बिल ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा. इसकी वजह ये थी कि नींबू पानी को बनाने के लिए एलपीजी की जरूरत नहीं पड़ती. इसके बावजूद एलपीजी शुल्क लिया गया. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस फीस के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया. रेस्टोरेंट पहले से ही बिलों पर कई तरह के टैक्स और सर्विस से जुड़े चार्ज लगाते हैं और इसके बाद ये चार्ज तो गलत है.
पोस्ट पर कमेंट कर रहे लोग
एक व्यक्ति ने इस पोस्ट पर कमेंट किया कि सबसे पहले तो, गैस स्टोव पर नींबू पानी कौन बनाता है? और कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के मुताबिक, यह गैरकानूनी है. दूसरे ने लिखा, फ्यूल की कमी के नाम पर एक्स्ट्रा चार्ज लगाना एक ‘गलत व्यापार तरीका’ है. एक अन्य यूजर ने कहा कि उन पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगना चाहिए.