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‘संवेदनशील सामग्री हटाने की कोशिश’, रविशंकर प्रसाद ने ममता बनर्जी पर लगाया आरोप

गुरुवार को ईडी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि कोयला तस्करी से जुड़े धनशोधन मामले में छापेमारी के दौरान सीएम कोलकाता में आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन के आवास में जबरन दाखिल हुईं. इस पर बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

Written By: Deepika Pandey
Last Updated: 2026-01-09 18:13:32

Ravishankar Prasad on Mamata Banerjee: बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला है, उन्होंने शुक्रवार को एक निजी राजनीतिक परामर्श कंपनी के कार्यालय पर ईडी की छापेमारी के दौरान सीएम की हरकत की निंदा की. केंद्र में सत्तारूढ़ और पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी ने जो किया है, उससे ऐसा लग रहा है कि उन्होंने कुछ संवेदनशील चीज छुपाने की कोशिश की. अगर वो ऐसा नहीं करतीं, तो हो सकता था कि वे और उनकी पार्टी का कथित कोयला तस्करी घोटाले का खुलासा हो सकता था और वो फंस सकती थीं. 

सीएम ममता पर लगा ये आरोप

बता दें कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बीजेपी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि बीते दिन ईडी ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि जब वे कोलकाता में आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी कर रहे थे. इसी दौरान सीएम ममता बनर्जी वहां पहुंचीं और अधिकारियों को धमकाकर कागजात छीनकर ले गईं. साथ ही वे कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों समेत जरूरी सबूत भी अपने साथ लेकर चली गईं. इसके कारण उनकी बर्बर कार्रवाई की परिस्थितियां संदिग्ध हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी राज्य पुलिस अधिकारियों के साथ एक निजी परामर्श कंपनी के परिसर में जबरन गईं, जहां पर पहले से जांच चल रही थी. उन्होंने ईडी के जांच अधिकारियों को धमकाया और उनसे कागजात छीन लिए और फिर वहां से चली गईं. 

‘सीएम को किस बात का डर?’

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बीते सालों से मुख्यमंत्री रहने के कारण वे शासन के तौर-तरीके अच्छे से जानती हैं. सीएम रहने से पहले वे केंद्रीय मंत्री के रूप में भी काम कर चुकी हैं. ऐसे में वे नियम-कानून अच्छे से जानती हैं. इसका साफ मतलब तो यही है कि वे किसी संवेदनशील चीज को बचाने की कोशिश कर रही थीं. ये ऐसी चीज हो सकती है, जो उन्हें और उनकी पार्टी को फंसा सकती है. इसके अलावा और क्या ही अनुमान लगाया जा सकता है. उन्होंने सीएम पर सवाल उठाया कि सीएम ममता को ऐसा क्यों करना पड़ा और उन्हें किस बात का डर था?

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गुरुवार को ईडी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि कोयला तस्करी से जुड़े धनशोधन मामले में छापेमारी के दौरान सीएम कोलकाता में आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन के आवास में जबरन दाखिल हुईं. इस पर बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

Written By: Deepika Pandey
Last Updated: 2026-01-09 18:13:32

Ravishankar Prasad on Mamata Banerjee: बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला है, उन्होंने शुक्रवार को एक निजी राजनीतिक परामर्श कंपनी के कार्यालय पर ईडी की छापेमारी के दौरान सीएम की हरकत की निंदा की. केंद्र में सत्तारूढ़ और पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी ने जो किया है, उससे ऐसा लग रहा है कि उन्होंने कुछ संवेदनशील चीज छुपाने की कोशिश की. अगर वो ऐसा नहीं करतीं, तो हो सकता था कि वे और उनकी पार्टी का कथित कोयला तस्करी घोटाले का खुलासा हो सकता था और वो फंस सकती थीं. 

सीएम ममता पर लगा ये आरोप

बता दें कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बीजेपी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि बीते दिन ईडी ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि जब वे कोलकाता में आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी कर रहे थे. इसी दौरान सीएम ममता बनर्जी वहां पहुंचीं और अधिकारियों को धमकाकर कागजात छीनकर ले गईं. साथ ही वे कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों समेत जरूरी सबूत भी अपने साथ लेकर चली गईं. इसके कारण उनकी बर्बर कार्रवाई की परिस्थितियां संदिग्ध हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी राज्य पुलिस अधिकारियों के साथ एक निजी परामर्श कंपनी के परिसर में जबरन गईं, जहां पर पहले से जांच चल रही थी. उन्होंने ईडी के जांच अधिकारियों को धमकाया और उनसे कागजात छीन लिए और फिर वहां से चली गईं. 

‘सीएम को किस बात का डर?’

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बीते सालों से मुख्यमंत्री रहने के कारण वे शासन के तौर-तरीके अच्छे से जानती हैं. सीएम रहने से पहले वे केंद्रीय मंत्री के रूप में भी काम कर चुकी हैं. ऐसे में वे नियम-कानून अच्छे से जानती हैं. इसका साफ मतलब तो यही है कि वे किसी संवेदनशील चीज को बचाने की कोशिश कर रही थीं. ये ऐसी चीज हो सकती है, जो उन्हें और उनकी पार्टी को फंसा सकती है. इसके अलावा और क्या ही अनुमान लगाया जा सकता है. उन्होंने सीएम पर सवाल उठाया कि सीएम ममता को ऐसा क्यों करना पड़ा और उन्हें किस बात का डर था?

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