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Income Tax Slab Budget 2026: टैक्स स्लैब को लेकर वित्त मंत्री का बड़ा फैसला, पुराने रेट्स ही रहेंगे बरकरार; यहां देखें पूरी डिटेल

Budget 2026 LIVE: अभी आपकी सैलरी पर कितना टैक्स लग रहा है और आज निर्मला सीतारमण के पिटारे से कितनी बचत निकलेगी? देखिए टैक्स स्लैब का पूरा गणित और बड़े बदलाव.

Written By: Shivani Singh
Last Updated: 2026-02-01 13:01:09

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Income Tax Slab Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 1 फरवरी को 2026-27 का बजट पेश किया. जिसमें टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि कुछ चीजों में राहत दी गई है. आइये यहां हम देखते हैं कि पिछले बजट में किन वस्तुओं पर कितना टैक्स लगा था और इस बार क्या कुछ खास और नया है. आम लोगों के लिए यह बजट कितना फायदेमंद है. महिलाओं के लिए किसानों के लिए विद्यार्थियों के लिए और छोटे कारोबारियों के लिए ये बजट कितना लाभकारी है. 

विदेश यात्रा और शिक्षा के लिए टैक्स में राहत दी गई है. यह उन लोगों के लिए अच्छी खबर है जो विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि विदेशी टूर पैकेज पर सोर्स पर कलेक्ट किए जाने वाले टैक्स (TCS) को 5%-20% से घटाकर 2% कर दिया गया है, और अब कोई न्यूनतम राशि की शर्त नहीं होगी. इसके अलावा, आसान इनकम टैक्स फॉर्म जल्द ही नोटिफाई किए जाएंगे.

टैक्स और निवेश से जुड़ी बड़ी घोषणाएं

  • NRI निवेश: अब भारत से बाहर रहने वाले व्यक्ति (PROIs) ‘पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम’ (PIS) के जरिए भारतीय लिस्टेड कंपनियों के शेयर में निवेश कर सकेंगे.
  • एक्सीडेंट क्लेम राहत: मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा किसी व्यक्ति को दिए जाने वाले ब्याज पर अब कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा और इस पर होने वाली TDS कटौती भी खत्म कर दी गई है.
  • विदेश घूमना सस्ता: विदेशी टूर पैकेज की बिक्री पर लगने वाले TCS को 5% और 20% से घटाकर सीधा 2% कर दिया गया है. अब इसमें राशि की कोई न्यूनतम सीमा नहीं होगी.
  • शिक्षा और इलाज: विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसे (LRS) पर TCS की दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है.
  • मैनपावर सर्विस: मैनपावर सप्लाई की सेवाओं पर TDS की दर अब 1% या 2% होगी.
  • छोटे टैक्सपेयर्स को सुविधा: छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रक्रिया के जरिए ‘कम या शून्य टैक्स कटौती’ (Lower/Nil TDS) सर्टिफिकेट प्राप्त करना आसान होगा.
  • Form 15G/15H: अब डिपॉजिटरी (जहां शेयर जमा होते हैं) उन टैक्सपेयर्स से फॉर्म 15G या 15H स्वीकार कर सकेंगे जिनके पास कई कंपनियों के शेयर/सिक्योरिटीज हैं.
  • रिटर्न रिवाइज करने की समय सीमा: अपनी इनकम टैक्स रिटर्न को सुधारने का समय 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है (मामूली शुल्क के साथ).
  • ITR फाइलिंग की तारीख: ITR-1 और ITR-2 फाइल करने वालों के लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई ही रहेगी, जबकि ऑडिट की जरूरत न पड़ने वाले बिजनेस या ट्रस्ट के लिए इसे 31 अगस्त करने का प्रस्ताव है.
  • प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री: अगर कोई निवासी (Resident) किसी अनिवासी (Non-resident) से संपत्ति खरीदता है, तो TDS अब खरीदार के PAN के जरिए जमा किया जा सकेगा (TAN की जरूरत नहीं होगी).
  • विदेशी संपत्ति का खुलासा: छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक बार की 6 महीने की विशेष स्कीम लाई जाएगी, जिसमें वे अपनी छोटी विदेशी संपत्तियों का खुलासा कर सकेंगे.
  • अपडेटेड रिटर्न: अब टैक्सपेयर्स ‘री-असेसमेंट’ की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी अपनी रिटर्न अपडेट कर सकेंगे, हालांकि इसके लिए संबंधित साल के टैक्स रेट पर 10% अतिरिक्त टैक्स देना होगा.
  • कानूनी राहत : अंडर-रिपोर्टिंग (कम आय दिखाना) के मामलों में मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और छूट को अब ‘मिस-रिपोर्टिंग’ (गलत जानकारी) के मामलों तक भी बढ़ा दिया गया है.
  • गैर-अपराधीकरण: खाते की किताबें (Books of account) पेश न कर पाने या TDS भुगतान की जरूरतों से जुड़े कुछ नियमों को अब अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है.

₹12 लाख तक कोई इनकम टैक्स नहीं

साल 2025, अपने बजट 2025 के भाषण में, सीतारमण ने सैलरी पाने वाले लोगों के लिए प्रभावी टैक्स-फ्री लिमिट को बढ़ाकर ₹12.75 लाख कर दिया, जिसमें ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन शामिल है. इससे मिडिल क्लास को काफी राहत मिली. इससे पहले, बजट 2023 में एक आसान टैक्स सिस्टम पेश किया गया था, जिसमें सालाना ₹7 लाख तक कमाने वाले टैक्सपेयर्स को छूट दी गई थी, जिसमें ₹50,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन शामिल था. इससे सैलरी पाने वाले लोगों के लिए ₹7.5 लाख तक की इनकम प्रभावी रूप से टैक्स-फ्री हो गई थी.

चुनिंदा आइटम के लिए GST दरें

  • कैटेगरी- अभी की GST दर
  • स्क्रैप और पॉलिएुरेथेनेस- 5%
  • पेन- 5%
  • मेटल कॉन्सन्ट्रेट्स और ओर्स- 5%
  • रिकॉर्ड किए गए मीडिया और प्रिंट किए गए मटेरियल का पुनरुत्पादन- 5%
  • पैकेजिंग कंटेनर और बॉक्स- 5%
  • कुछ नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण- 5%
  • ब्रॉडकास्टिंग, साउंड रिकॉर्डिंग और अन्य प्रयोग- 5%
  • मुद्रित सामग्री- 5%
  • रेलवे गुड्स एंड पार्ट्स (चैप्टर 86)5%

0% GST दर पर टैक्स लगाने वाली आइटम की लिस्ट

  • प्रोडक्ट/सेवा-
  • मैप, चार्ट और ग्लोब
  • पेंसिल, शार्पनर, भूलेखक, क्रेयन और नोटबुक
  • प्री-पैकेज्ड और लेबल किए गए पनीर
  • सभी भारतीय ब्रेड्स (रोटी, पराठा, पराट्टा आदि)
  • अनब्रांडेड दूध, अंडे, दही और लस्सी
  • अनपैक्ड फूड ग्रेन, आटा, मैदा और बेसन
  • ताज़ा सब्जियां और फल
  • शैक्षिक और स्वास्थ्य सेवाएं
  • जीवन बचाने वाली कैंसर दवाएं

5% GST दर पर टैक्स लगाने वाली आइटम की लिस्ट

प्रोडक्ट/सेवा(22 सितंबर, 2025 से प्रभावी)

  • Haier ऑयल, शैम्पू, साबुन और टूथपेस्ट
  • बटर, घी, चीज़ और डेयरी स्प्रेड
  • पैक किए गए फूड आइटम (जैसे, नमकीन, बिस्कुट, पास्ता, कॉर्नफ्लेक्स, अनाज)
  • बटर
  • घी    
  • पैकेज किए गए या प्रोसेस किए गए फूड आइटम
  • बादाम
  • फ्रूट जूस    
  • रेडी-टू-ईट वेजिटेबल की तैयारी
  • बर्तन, साइकिल और किचनवेयर    
  • ₹2,500 तक के कपड़े    
  • ₹2,500 तक के फुटवियर की कीमत    
  • jam, सॉस, अचार और सूप    
  • ड्राई फ्रूट्स और नट्स    
  • डायग्नोस्टिक किट और रीजेंट    
  • सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट और थर्मामीटर    
  • सैलून, जिम और योग केंद्रों पर सेवाएं    
  • होटल (₹1,000 से ₹7,500 के टैरिफ के साथ)    
  • फर्टिलाइज़र और कृषि मशीनरी    
  • चश्मे और सुधार करने वाले गॉगल्स
  • लाइफ-सेविंग दवाएं (पूरी तरह छूट प्राप्त को छोड़कर)    
  • प्रोसेस किए गए फल    
  • पैक किया गया नारियल पानी    
  • छतरी

आप हमारे साथ लगातार बनें रहें बजट 2026 की घोषणा होते है इस लिस्ट को अपडेट किया जायेगा ताकि आप अंतर समझ सकें…

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Written By: Shivani Singh
Last Updated: 2026-02-01 13:01:09

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Income Tax Slab Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 1 फरवरी को 2026-27 का बजट पेश किया. जिसमें टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि कुछ चीजों में राहत दी गई है. आइये यहां हम देखते हैं कि पिछले बजट में किन वस्तुओं पर कितना टैक्स लगा था और इस बार क्या कुछ खास और नया है. आम लोगों के लिए यह बजट कितना फायदेमंद है. महिलाओं के लिए किसानों के लिए विद्यार्थियों के लिए और छोटे कारोबारियों के लिए ये बजट कितना लाभकारी है. 

विदेश यात्रा और शिक्षा के लिए टैक्स में राहत दी गई है. यह उन लोगों के लिए अच्छी खबर है जो विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि विदेशी टूर पैकेज पर सोर्स पर कलेक्ट किए जाने वाले टैक्स (TCS) को 5%-20% से घटाकर 2% कर दिया गया है, और अब कोई न्यूनतम राशि की शर्त नहीं होगी. इसके अलावा, आसान इनकम टैक्स फॉर्म जल्द ही नोटिफाई किए जाएंगे.

टैक्स और निवेश से जुड़ी बड़ी घोषणाएं

  • NRI निवेश: अब भारत से बाहर रहने वाले व्यक्ति (PROIs) ‘पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम’ (PIS) के जरिए भारतीय लिस्टेड कंपनियों के शेयर में निवेश कर सकेंगे.
  • एक्सीडेंट क्लेम राहत: मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा किसी व्यक्ति को दिए जाने वाले ब्याज पर अब कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा और इस पर होने वाली TDS कटौती भी खत्म कर दी गई है.
  • विदेश घूमना सस्ता: विदेशी टूर पैकेज की बिक्री पर लगने वाले TCS को 5% और 20% से घटाकर सीधा 2% कर दिया गया है. अब इसमें राशि की कोई न्यूनतम सीमा नहीं होगी.
  • शिक्षा और इलाज: विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसे (LRS) पर TCS की दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है.
  • मैनपावर सर्विस: मैनपावर सप्लाई की सेवाओं पर TDS की दर अब 1% या 2% होगी.
  • छोटे टैक्सपेयर्स को सुविधा: छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रक्रिया के जरिए ‘कम या शून्य टैक्स कटौती’ (Lower/Nil TDS) सर्टिफिकेट प्राप्त करना आसान होगा.
  • Form 15G/15H: अब डिपॉजिटरी (जहां शेयर जमा होते हैं) उन टैक्सपेयर्स से फॉर्म 15G या 15H स्वीकार कर सकेंगे जिनके पास कई कंपनियों के शेयर/सिक्योरिटीज हैं.
  • रिटर्न रिवाइज करने की समय सीमा: अपनी इनकम टैक्स रिटर्न को सुधारने का समय 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है (मामूली शुल्क के साथ).
  • ITR फाइलिंग की तारीख: ITR-1 और ITR-2 फाइल करने वालों के लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई ही रहेगी, जबकि ऑडिट की जरूरत न पड़ने वाले बिजनेस या ट्रस्ट के लिए इसे 31 अगस्त करने का प्रस्ताव है.
  • प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री: अगर कोई निवासी (Resident) किसी अनिवासी (Non-resident) से संपत्ति खरीदता है, तो TDS अब खरीदार के PAN के जरिए जमा किया जा सकेगा (TAN की जरूरत नहीं होगी).
  • विदेशी संपत्ति का खुलासा: छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक बार की 6 महीने की विशेष स्कीम लाई जाएगी, जिसमें वे अपनी छोटी विदेशी संपत्तियों का खुलासा कर सकेंगे.
  • अपडेटेड रिटर्न: अब टैक्सपेयर्स ‘री-असेसमेंट’ की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी अपनी रिटर्न अपडेट कर सकेंगे, हालांकि इसके लिए संबंधित साल के टैक्स रेट पर 10% अतिरिक्त टैक्स देना होगा.
  • कानूनी राहत : अंडर-रिपोर्टिंग (कम आय दिखाना) के मामलों में मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और छूट को अब ‘मिस-रिपोर्टिंग’ (गलत जानकारी) के मामलों तक भी बढ़ा दिया गया है.
  • गैर-अपराधीकरण: खाते की किताबें (Books of account) पेश न कर पाने या TDS भुगतान की जरूरतों से जुड़े कुछ नियमों को अब अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है.

₹12 लाख तक कोई इनकम टैक्स नहीं

साल 2025, अपने बजट 2025 के भाषण में, सीतारमण ने सैलरी पाने वाले लोगों के लिए प्रभावी टैक्स-फ्री लिमिट को बढ़ाकर ₹12.75 लाख कर दिया, जिसमें ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन शामिल है. इससे मिडिल क्लास को काफी राहत मिली. इससे पहले, बजट 2023 में एक आसान टैक्स सिस्टम पेश किया गया था, जिसमें सालाना ₹7 लाख तक कमाने वाले टैक्सपेयर्स को छूट दी गई थी, जिसमें ₹50,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन शामिल था. इससे सैलरी पाने वाले लोगों के लिए ₹7.5 लाख तक की इनकम प्रभावी रूप से टैक्स-फ्री हो गई थी.

चुनिंदा आइटम के लिए GST दरें

  • कैटेगरी- अभी की GST दर
  • स्क्रैप और पॉलिएुरेथेनेस- 5%
  • पेन- 5%
  • मेटल कॉन्सन्ट्रेट्स और ओर्स- 5%
  • रिकॉर्ड किए गए मीडिया और प्रिंट किए गए मटेरियल का पुनरुत्पादन- 5%
  • पैकेजिंग कंटेनर और बॉक्स- 5%
  • कुछ नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण- 5%
  • ब्रॉडकास्टिंग, साउंड रिकॉर्डिंग और अन्य प्रयोग- 5%
  • मुद्रित सामग्री- 5%
  • रेलवे गुड्स एंड पार्ट्स (चैप्टर 86)5%

0% GST दर पर टैक्स लगाने वाली आइटम की लिस्ट

  • प्रोडक्ट/सेवा-
  • मैप, चार्ट और ग्लोब
  • पेंसिल, शार्पनर, भूलेखक, क्रेयन और नोटबुक
  • प्री-पैकेज्ड और लेबल किए गए पनीर
  • सभी भारतीय ब्रेड्स (रोटी, पराठा, पराट्टा आदि)
  • अनब्रांडेड दूध, अंडे, दही और लस्सी
  • अनपैक्ड फूड ग्रेन, आटा, मैदा और बेसन
  • ताज़ा सब्जियां और फल
  • शैक्षिक और स्वास्थ्य सेवाएं
  • जीवन बचाने वाली कैंसर दवाएं

5% GST दर पर टैक्स लगाने वाली आइटम की लिस्ट

प्रोडक्ट/सेवा(22 सितंबर, 2025 से प्रभावी)

  • Haier ऑयल, शैम्पू, साबुन और टूथपेस्ट
  • बटर, घी, चीज़ और डेयरी स्प्रेड
  • पैक किए गए फूड आइटम (जैसे, नमकीन, बिस्कुट, पास्ता, कॉर्नफ्लेक्स, अनाज)
  • बटर
  • घी    
  • पैकेज किए गए या प्रोसेस किए गए फूड आइटम
  • बादाम
  • फ्रूट जूस    
  • रेडी-टू-ईट वेजिटेबल की तैयारी
  • बर्तन, साइकिल और किचनवेयर    
  • ₹2,500 तक के कपड़े    
  • ₹2,500 तक के फुटवियर की कीमत    
  • jam, सॉस, अचार और सूप    
  • ड्राई फ्रूट्स और नट्स    
  • डायग्नोस्टिक किट और रीजेंट    
  • सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट और थर्मामीटर    
  • सैलून, जिम और योग केंद्रों पर सेवाएं    
  • होटल (₹1,000 से ₹7,500 के टैरिफ के साथ)    
  • फर्टिलाइज़र और कृषि मशीनरी    
  • चश्मे और सुधार करने वाले गॉगल्स
  • लाइफ-सेविंग दवाएं (पूरी तरह छूट प्राप्त को छोड़कर)    
  • प्रोसेस किए गए फल    
  • पैक किया गया नारियल पानी    
  • छतरी

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