Credit card new rules: आज के समय में क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल करने का चलन काफी तेज है. लोग कैश और ऑनलाइन पेमेंट नहीं करके क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. कुछ लोगों के लिए क्रेडिट कार्ड काफी अच्छा हो सकता है तो वहीं, जानकारी का अभाव होने पर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने से आपका फाइनेंशियल बजट खराब भी हो सकता है. सरकार द्वारा क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए एक अप्रेल 2026 से कुछ बदलाव किए जाने की बात सामने आ रही है.
यह बदलाव आपके कार्ड ट्रांजैक्शन और टैक्स रिकॉर्ड को प्रभावित कर सकते हैं. 1962 के पुराने इनकम टैक्स नियमों को तोड़कर अब सरकार ने नए रूल बनाए हैं, जिन्हें फॉलो करना अनिवार्य होगा.
1. क्रेडिट कार्ड से जमा होगा टैक्स
सरकार द्वारा बनाए गए नए नियमों में अब क्रेडिट कार्ड से भी टैक्स की पेमेंट की जा सकेगी. पहले यह पेमेंट डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग के जरिए की जाती थी, लेकिन अब यह पेमेंट क्रेडिट कार्ड के जरिए भी कर सकते हैं.
2. एम्पलॉयर के कार्ड पर लगेगा टैक्स
रिपोर्ट्स की मानें तो अगर किसी अगर किसी कंपनी ने अपने कर्मचारी को क्रेडिट कार्ड दिया है तो ऐसे में टैक्सेबल वैल्यू तक की जाएगी. हालांकि, अगर क्रेडिट कार्ड कंपनी के काम के लिए ही इस्तेमाल किया जाएगा तो ऐसे में टैक्स की वसूली नहीं की जाएगी.
3. PAN देना होगा अनिवार्य
इनकम टैक्स के नए नियमों (Income Tax New Rules) के तहत अगर अब आप किसी संस्था या बैंक से क्रेडिट कार्ड लेते हैं तो ऐसे में अब PAN देना अनिवार्य होगा क्योंकि क्रेडिट कार्ड सिस्टम को कार्ड से जोड़ने में आसानी हो सकेगी.
4. क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट को माना जाएगा एड्रेस प्रूफ
नए क्रेडिट कार्ड नियमों के तहत अब क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट को पते यानि एड्रेस प्रूफ के तौर पर भी माना जाएगा. लेकिन, यह स्टेटमेंट 3 महीने से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए.
5. बड़े अमाउंट के कार्ड पर होगी रिपोर्टिंग
नए क्रेडिट कार्ड नियमों के तहत अब अगर कोई व्यक्ति एक फाइनेंशियल ईयर में अपने क्रेडिट कार्ड बिल के लिए एक लाख या उससे ज्यादा की पेमेंट करता है तो ऐसे में यह जानकारी इनकम टैक्स को देनी होगी.